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TRAI Mandate: टेलीकॉम कंपनियों को कम वैलिडिटी वाले वॉयस और SMS रिचार्ज प्लान लाने का आदेश; कम आय वाले यूजर्स को मिलेगा सीधा फायदा

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ने देश भर के मोबाइल उपभोक्ताओं, विशेषकर कम आय वर्ग और फीचर फोन उपयोगकर्ताओं के हित में बड़ा कदम उठाया है. ट्राई ने 'दूरसंचार उपभोक्ता संरक्षण (13वां संशोधन) विनियम, 2026' जारी करते हुए सभी टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं को कम अवधि की वैधता वाले केवल वॉयस और एसएमएस स्पेशल टैरिफ वाउचर पेश करने का अनिवार्य निर्देश दिया है. नए नियमों के तहत ऑपरेटरों को 30 दिन या उससे कम वैधता वाले ऐसे रियायती वाउचर उपलब्ध कराने होंगे, जिनमें डेटा बंडल नहीं होगा.

TRAI Mandate: टेलीकॉम कंपनियों को कम वैलिडिटी वाले वॉयस और SMS रिचार्ज प्लान लाने का आदेश; कम आय वाले यूजर्स को मिलेगा सीधा फायदा
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Pixabay)

नई दिल्ली: देश में महंगे होते मोबाइल रिचार्ज और अनचाहे इंटरनेट डेटा पैक से जूझ रहे आम मोबाइल यूजर्स के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है. भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने टेलीकॉम कंपनियों के लिए केवल कॉलिंग और एसएमएस वाले किफायती व कम वैधता के रिचार्ज प्लान लाना अनिवार्य कर दिया है.

The Tribune की रिपोर्ट के अनुसार, नियामक ने दूरसंचार उपभोक्ता संरक्षण (13वां संशोधन) विनियम, 2026 अधिसूचित कर दिया है. इसके तहत टेलीकॉम कंपनियों को 30 दिन या उससे कम अवधि वाले रियायती स्पेशल टैरिफ वाउचर (STVs) पेश करने होंगे, ताकि उपभोक्ताओं को उनकी जरूरत और वित्तीय क्षमता के अनुसार प्लान चुनने का वास्तविक विकल्प मिल सके. यह भी पढ़ें: WhatsApp Scam Alert Feature: अब फर्जी मैसेज की तुरंत मिलेगी चेतावनी, जानें कैसे काम करेगा नया स्कैम अलर्ट फीचर

कम आय वाले और फीचर फोन यूजर्स को मिलेगा फायदा

ट्राई ने पाया कि वर्ष 2024 में 12वें संशोधन के लागू होने के बाद बाजार में केवल कॉलिंग और एसएमएस वाले प्लान्स की संख्या काफी घट गई थी:

  • डेटा बंडलिंग की मजबूरी: टेलीकॉम कंपनियां ज्यादातर प्लान्स को इंटरनेट डेटा के साथ जोड़कर (बंडल करके) बेच रही थीं और उनकी वैधता भी लंबी रखी जा रही थी.
  • बजट पर असर: इससे ग्रामीण इलाकों, वरिष्ठ नागरिकों, फीचर फोन उपयोगकर्ताओं और कम आय वर्ग के उन लोगों पर वित्तीय बोझ बढ़ रहा था, जिन्हें केवल बात करने या बैंक मैसेज प्राप्त करने के लिए सिम चालू रखना होता है.
  • नए नियम के बाद कंपनियों को बिना डेटा वाले केवल वॉयस और एसएमएस प्लान्स के लिए उचित टैरिफ कटौती (डिस्काउंटेड दरें) लागू करनी होगी.

नए नियमों में क्या-क्या अनिवार्य किया गया?

Business Standard की रिपोर्ट के मुताबिक, संशोधित नियमों के मुख्य प्रावधान इस प्रकार हैं:

  • 30 दिन या उससे कम की वैधता: कंपनियों के पास डेटा के साथ जितने भी 30 दिन या उससे कम अवधि के प्लान उपलब्ध हैं, उनके समानांतर केवल वॉयस और एसएमएस वाले छोटे वाउचर भी पेश करने होंगे.
  • निश्चित तारीख पर रिन्यूअल का विकल्प: ऑपरेटरों को कम से कम एक ऐसा वॉयस-एसएमएस वाउचर देना होगा जो हर महीने की एक ही तारीख को स्वतः रिन्यू हो सके. यदि किसी महीने में वह तारीख मौजूद नहीं होगी (जैसे 31 तारीख), तो रिन्यूअल उस महीने की आखिरी तारीख को मान्य होगा.
  • लंबी वैधता का भी विकल्प: छोटे और मासिक प्लान के साथ-साथ कंपनियों को कम से कम एक लंबी वैधता वाला केवल वॉयस-एसएमएस प्लान भी अपनी सूची में अनिवार्य रूप से शामिल रखना होगा.

व्यापक परामर्श और फीडबैक के बाद लिया गया निर्णय

ट्राई ने इस संशोधन को अंतिम रूप देने से पहले एक लंबी परामर्श प्रक्रिया पूरी की:

  • अप्रैल 2026 में जारी हुआ था ड्राफ्ट: नियामक ने 7 अप्रैल 2026 को इस संबंध में ड्राफ्ट नियम जारी कर सभी पक्षों से सुझाव मांगे थे.
  • 1,132 प्रतिक्रियाएं और ओपन हाउस: इस मसौदे पर ट्राई को उद्योग जगत, उपभोक्ता संगठनों और आम जनता से कुल 1,132 लिखित सुझाव मिले, जिसके बाद 15 जून 2026 को एक ओपन हाउस चर्चा (Open House Discussion) आयोजित की गई थी.

दूरसंचार विभाग और ट्राई का मानना है कि इस व्यवस्था से टेलीकॉम बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा और उपभोक्ताओं को बिना जरूरत के डेटा पैक खरीदने के लिए विवश नहीं होना पड़ेगा. ट्राई ने सभी टेलीकॉम ऑपरेटरों को जल्द से जल्द इन नए वाउचर्स को अपनी वेबसाइट, ऐप और रिटेल चैनलों पर सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 22, 2026 05:02 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).