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Twisha Sharma Death Case: ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने ससुराल वालों पर प्रभाव डालने का लगाया आरोप, बोले- परिवार 'गहरे सदमे' से गुज़र रहा है (Watch Video)

पूर्व मिस पुणे त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में उनके पिता नवनिधि शर्मा ने एक भावुक और विस्तृत सार्वजनिक बयान जारी किया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि आरोपी पक्ष अपने रसूख का इस्तेमाल कर जांच और जनता की राय को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है, जिससे उनका परिवार गहरे सदमे में है.

Twisha Sharma Death Case: ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने ससुराल वालों पर प्रभाव डालने का लगाया आरोप, बोले- परिवार 'गहरे सदमे' से गुज़र रहा है (Watch Video)
ट्विशा शर्मा दहेज हत्या मामला (Photo Credits: File Image)

भोपाल, 19 मई: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) में हाई-प्रोफाइल ट्विशा शर्मा (Twisha Sharma) संदिग्ध मौत मामले में मृतका के पिता नवनिधि शर्मा (Navnidhi Sharma) ने मंगलवार को एक बड़ा और बेहद भावुक सार्वजनिक बयान जारी किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी की मौत के आरोपी बेहद प्रभावशाली हैं और वे व्यवस्था, जनभावनाओं तथा जांच एजेंसी पर दबाव बनाने में सक्षम हैं. उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उनका परिवार एक तरफ अपनी बेटी को खोने के असहनीय दर्द से गुजर रहा है, तो दूसरी तरफ उन्हें "लगातार सार्वजनिक हमलों और मनगढ़ंत कहानियों (नैरेटिव)" का सामना करना पड़ रहा है. यह भी पढ़ें: Twisha Sharma Death Case: ट्विशा शर्मा के पिता ने राज्यपाल से लगाई निष्पक्ष जांच की गुहार, आरोपी सास के 'पावरफुल' सरकारी पद को लेकर जताई चिंता

'बेटी खामोश है और आरोपी खुद का बचाव कर रहे हैं'

नवनिधि शर्मा ने अपने लिखित बयान में कहा, टूटे हुए दिल, असहनीय दर्द और कभी न खत्म होने वाले अकेलेपन के साथ, मैं अपनी दिवंगत बेटी की गरिमा और न्याय की रक्षा के लिए यह बयान जारी करने को मजबूर हुआ हूँ. मेरी बेटी अब खुद का बचाव करने के लिए इस दुनिया में जीवित नहीं है.

उन्होंने इस स्थिति को असमान बताते हुए कहा कि आज जब उनकी बेटी हमेशा के लिए खामोश हो चुकी है, तब जिन लोगों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, वे खुलेआम घूम रहे हैं, खुद का बचाव कर रहे हैं और मीडिया व समाज में अपनी सुविधानुसार कहानियां गढ़ रहे हैं. इस स्थिति के कारण उनका परिवार 'इमंंस ट्रॉमा' (गहरे मानसिक आघात) से गुजर रहा है और इससे निष्पक्ष प्रक्रिया में जनता का भरोसा भी डगमगा रहा है.

पति समर्थ सिंह की जमानत खारिज, अब भी फरार

इस मामले के कानूनी घटनाक्रम पर नजर डालें तो भोपाल जिला अदालत ने सह-आरोपी सास और सेवानिवृत्त जज गिरिबाला सिंह को शनिवार को अंतरिम जमानत दे दी थी. वहीं दूसरी ओर, मुख्य आरोपी पति समर्थ सिंह की अंतरिम जमानत याचिका को सोमवार को जस्टिस पल्लवी द्विवेदी की अदालत ने खारिज कर दिया. समर्थ सिंह, जो खुद भोपाल जिला अदालत में एक वकील हैं, 12 मई को त्विषा की मौत के बाद से ही फरार चल रहे हैं। भोपाल पुलिस ने उनकी तलाश तेज कर दी है और मामले की गहराई से जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है.

एम्स दिल्ली में दोबारा पोस्टमार्टम की मांग पर अड़ा परिवार

त्विषा का पार्थिव शरीर पिछले सात दिनों से एम्स (AIIMS) भोपाल के शवगृह (मोर्ट्युरी) में रखा हुआ है. पीड़ित परिवार 13 मई से लगातार मध्य प्रदेश प्रशासन और अदालत के दरवाजे खटखटा रहा है ताकि शव का दोबारा स्वतंत्र पोस्टमार्टम एम्स, नई दिल्ली में कराया जा सके. पिता नवनिधि शर्मा ने मध्य प्रदेश के राज्यपाल से भी हस्तक्षेप की मांग की है. उन्होंने अपील की है कि निष्पक्ष जांच के लिए त्विषा की सास गिरिबाला सिंह को भोपाल उपभोक्ता न्यायालय के अध्यक्ष पद (अर्ध-न्यायिक जिम्मेदारी) से तुरंत निलंबित या स्थानांतरित किया जाए, क्योंकि उनके पद पर रहते हुए फॉरेंसिक प्रक्रियाओं और गवाहों को प्रभावित किया जा सकता है.

बचाव और अभियोजन पक्ष के दावों में बड़ा विरोधाभास

अदालत में पेश की गई दलीलों में दोनों पक्षों के दावों में भारी अंतर देखने को मिला है:

  • बचाव (आरोपी) पक्ष का दावा: अदालत में उनके वकीलों ने तर्क दिया कि 12 मई को त्विषा ब्यूटी पार्लर गई थीं और बाद में टहलने भी गई थीं। घर लौटने के बाद वे छत पर गईं और वहां उन्होंने एक 'एक्सरसाइज रेजिस्टेंस बैंड' (कसरत वाले रबर बैंड) के सहारे लोहे की रॉड से फांसी लगा ली.  परिवार ने उन्हें बचाने और होश में लाने का प्रयास किया था और फिर एम्स भोपाल ले गए थे.
  • अभियोजन (पीड़ित) पक्ष का दावा: त्विषा के परिवार ने इस कहानी को पूरी तरह खारिज किया है। उनका आरोप है कि शादी के बाद से ही उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था. कोर्ट रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पति ने गर्भस्थ शिशु के पितृत्व (Paternity) पर भी सवाल उठाए थे और उसके साथ गंभीर मारपीट कर जबरन गर्भपात कराया था. यह भी पढ़ें: Twisha Sharma Case: 'मैं फंस गई हूं', मौत से पहले पूर्व मिस पुणे त्विषा शर्मा का आखिरी चैट आया सामने, परिवार ने लगाया सबूत मिटाने का आरोप

"मां, मुझे कल यहां से लेने आ जाओ, नर्क है जिंदगी"

इस मामले में अभियोजन पक्ष ने त्विषा द्वारा अपनी मौत से कुछ दिन पहले अपनी मां को भेजे गए व्हाट्सएप (WhatsApp) मैसेज भी अदालत के सामने रखे हैं. 9 मई के एक संदेश में त्विषा ने लिखा था, "मां आप मुझे यहां से लेने आ जाओ कल प्लीज।" इसके बाद के एक अन्य संदेश में उन्होंने अपनी शादीशुदा जिंदगी को "नर्क" बताते हुए शिकायत की थी कि उनके पति ने उनसे बातचीत करना पूरी तरह बंद कर दिया है. पिता ने कहा कि वे केवल भारत के संविधान और न्यायपालिका पर भरोसा रखकर अपनी बेटी के लिए बिना किसी डर या प्रभाव के न्याय की उम्मीद कर रहे हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on May 19, 2026 02:57 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).