फिरोजाबाद में दलित छात्र की खुदकुशी: जातिसूचक गालियां और पिटाई से आहत बीएससी छात्र ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट बरामद
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Image)

फिरोजाबाद, 19 मई: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के फिरोजाबाद जिले (Firozabad District) के शिकोहाबाद इलाके (Shikohabad Area) से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है. यहाँ एक 20 वर्षीय दलित बीएससी (BSc) छात्र ने कुछ लोगों द्वारा की गई कथित पिटाई और जातिगत रूप से अपमानित किए जाने के बाद अपने कमरे में आत्महत्या (Suicide) कर ली. टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) की रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना ने क्षेत्र में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है और राज्य में जाति आधारित हिंसा व सामाजिक भेदभाव को लेकर एक बार फिर चिंताएं गहरी हो गई हैं. मृतक की पहचान अतित कुमार के रूप में हुई है, जो शिकोहाबाद थाना क्षेत्र के नगला बिलौटिया गांव का रहने वाला था. यह भी पढ़ें: Maharashtra: डोंबिवली में डॉक्टर ने की आत्महत्या की कोशिश, पत्नी से विवाद के बाद पी 10 बीयर और खाईं 45 नींद की गोलियां

लाइब्रेरी से शुरू हुआ था विवाद

पीड़ित परिवार के अनुसार, विवाद की शुरुआत तब हुई जब अतित स्थानीय लाइब्रेरी में एक लड़की के बारे में कुछ पूछताछ करने गया था. रिश्तेदारों का आरोप है कि बाद में कुछ पुरुषों के एक समूह ने उसे रास्ते में रोका और उस पर लड़की को परेशान करने का झूठा आरोप लगाया. जब उन लोगों को अतित की जाति (जातिगत पृष्ठभूमि) के बारे में पता चला, तो उन्होंने उसके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी.

परिजनों का दावा है कि छात्र को शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने के साथ-साथ सार्वजनिक रूप से गंभीर रूप से अपमानित किया गया. रिपोर्टों के अनुसार, आरोपियों ने दबाव बनाकर अतित का मोबाइल फोन भी चेक किया और उसमें से कुछ डेटा डिलीट कर दिया. इस घटना के बाद से अतित गहरे मानसिक सदमे और अवसाद में चला गया था, जिसके अगले ही दिन उसने आत्मघाती कदम उठा लिया.

सुसाइड नोट की फॉरेंसिक जांच जारी

घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने छात्र के कमरे से एक सुसाइड नोट बरामद किया है, जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है. खबरों के मुताबिक, सुसाइड नोट में अतित ने अपने साथ हुई मारपीट, सार्वजनिक बेइज्जती और मानसिक उत्पीड़न का दर्द बयां किया है.

नोट में छात्र ने सवाल उठाया है कि उसने ऐसी क्या गलती की थी जिसके लिए उसे इस तरह प्रताड़ित किया गया और खुद को पूरी तरह असहाय व अकेला महसूस करने की बात लिखी है. पुलिस अधिकारी अब मेडिकल रिकॉर्ड और कॉल विवरण (Call Details) सहित अन्य साक्ष्यों के साथ सुसाइड नोट की प्रामाणिकता की जांच कर रहे हैं. यह भी पढ़ें: Bhopal Shocker: भोपाल में कूलर को लेकर हुए मामूली विवाद के बाद किशोरी ने की आत्महत्या

स्थानीय निवासियों और दलित संगठनों में आक्रोश

शिकोहाबाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए परिवार और गवाहों के बयान दर्ज करना शुरू कर दिया है.अधिकारियों ने कहा है कि जांच के दौरान मिलने वाले साक्ष्यों के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

फिलहाल पुलिस ने सार्वजनिक रूप से एफआईआर की सटीक धाराओं या किसी आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है. इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों और विभिन्न दलित संगठनों में भारी गुस्सा है, जिन्होंने आरोपियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन की चेतावनी दी है.