Railway Bulldozer Action: मुंबई के बांद्रा ईस्ट में अवैध झोपड़ियों पर चला रेलवे का बुलडोजर, बॉम्बे HC के आदेश के बाद 400 निर्माणों को हटाने का काम शुरू; VIDEO
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मुंबई. देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के बांद्रा ईस्ट (Bandra East) इलाके में पश्चिमी रेलवे (Western Railway) ने अवैध निर्माणों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू की है. बॉम्बे हाई कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद मंगलवार, 19 मई 2026 से बांद्रा स्टेशन के पास स्थित 'गरीब नगर' झुग्गी इलाके में अतिक्रमण हटाओ अभियान (Anti-Encroachment Drive) चलाया जा रहा है. इस अभियान के तहत रेलवे प्रशासन स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के सहयोग से करीब 400 अवैध झोपड़ियों और कंक्रीट के ढांचों को हटाने की कार्रवाई कर रहा है. रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि खाली कराई गई इस रणनीतिक भूमि का उपयोग बांद्रा टर्मिनस के विस्तार और नई ट्रेनों के सुचारू संचालन के लिए किया जाएगा.

HC के आदेश

यह पूरी कार्रवाई बॉम्बे हाई कोर्ट के हालिया निर्देशों के बाद अमल में लाई जा रही है. अदालत ने अपने आदेश में पश्चिमी रेलवे को रेलवे की जमीन से अवैध और अनधिकृत निर्माणों को हटाने की स्पष्ट अनुमति दी थी. हालांकि, कोर्ट ने यह भी साफ किया है कि साल 2021 के आधिकारिक सर्वेक्षण के तहत जो निवासी पुनर्वास (Rehabilitation) के लिए पात्र (Eligible) पाए गए हैं, उनके अधिकारों का पूरा संरक्षण किया जाएगा. रेलवे प्रशासन के अनुसार, सभी वैध और पात्र निवासियों को नियम के मुताबिक वैकल्पिक आवास उपलब्ध करा दिया गया है.

 जेसीबी मशीनों की तैनाती

गरीब नगर इलाके में यह विध्वंस अभियान (Demolition Drive) आगामी 23 मई तक यानी कुल पांच दिनों तक चलने की उम्मीद है. इस दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए साइट पर व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. लगभग 1,000 रेलवे कर्मचारियों, रेलवे सुरक्षा बल (RPF), राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) और मुंबई पुलिस के 400 से अधिक जवानों को तैनात किया गया है. इसके साथ ही अवैध ढांचों को ढहाने के लिए 4 जेसीबी (JCB) मशीनों और भारी क्रेन का इस्तेमाल किया जा रहा है. अभियान की शुरुआत में कुछ झुग्गीवासियों द्वारा विरोध प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी, लेकिन पुलिस की मौजूदगी के कारण स्थिति नियंत्रण में रही.

रेलवे विस्तार और यात्री सुरक्षा के लिए क्यों जरूरी है यह कदम?

पश्चिमी रेलवे के मुताबिक, बांद्रा ईस्ट का यह 5,200 वर्ग मीटर का इलाका परिचालन के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण है. रेलवे यहां सांताक्रुज से मुंबई सेंट्रल कॉरिडोर के बीच पांचवीं और छठी रेलवे लाइन बिछाने की लंबी समय से लंबित परियोजना पर काम कर रहा है. इस विस्तार के बाद मुंबई की उपनगरीय (Local) ट्रेन प्रणाली में भीड़भाड़ कम होगी और लगभग 50 नई ट्रेनें संचालित की जा सकेंगी.

इसके अलावा, सुरक्षा और स्वच्छता भी एक बड़ा कारण रही है. रेलवे पटरियों के ठीक बगल में स्थित इस झुग्गी बस्ती से निकलने वाला कचरा और घरेलू अपशिष्ट लगातार ट्रैकों पर फेंका जा रहा था, जिससे परिचालन प्रभावित होता था. अतीत में इस इलाके में आग लगने की कई घटनाएं भी हो चुकी हैं, जिन्होंने यात्री सुरक्षा को खतरे में डाला था. रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भविष्य के बुनियादी ढांचे के विकास और रेल क्षमता को बढ़ाने के लिए इस जमीन को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराना अनिवार्य था.