बिजनेस

Petrol-Diesel Price Hike: आम जनता को फिर लगा महंगाई का झटका, एक हफ्ते में दूसरी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, जानें आपके शहर में आज क्या हैं नए रेट

देश में ईंधन की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में उतार-चढ़ाव के बीच तेल विपणन कंपनियों ने एक हफ्ते में दूसरी बार पेट्रोल और डीजल के रेट बढ़ा दिए हैं, जिससे आम जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ गया है.

Petrol-Diesel Price Hike: आम जनता को फिर लगा महंगाई का झटका, एक हफ्ते में दूसरी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, जानें आपके शहर में आज क्या हैं नए रेट
(Photo Credits WC)

Petrol-Diesel Price Hike: देशभर में आम उपभोक्ताओं को महंगाई का एक और झटका लगा है. तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी है. आज, 19 मई 2026 को जारी नई दरों के मुताबिक, देश के प्रमुख महानगरों सहित कई बड़े शहरों में ईंधन के दाम बढ़ गए हैं. यह एक हफ्ते के भीतर दूसरा मौका है जब तेल कंपनियों ने कीमतों में इजाफा किया है. इस बढ़ोतरी के बाद परिवहन लागत बढ़ने और दैनिक उपभोग की वस्तुओं के महंगे होने की आशंका गहरा गई है.

प्रमुख शहरों में आज के नए रेट

तेल कंपनियों द्वारा आज सुबह जारी की गई सूची के अनुसार, राजधानी दिल्ली में पेट्रोल के दाम बढ़कर 94.72 रुपये प्रति लीटर और डीजल 85.62 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है. देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में ईंधन की कीमतें सबसे ऊंचे स्तरों में से एक हैं, जहां पेट्रोल 104.21 रुपये और डीजल 92.15 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है. दक्षिण और पूर्वी भारत के प्रमुख केंद्रों में भी कीमतों में इसी तरह का उछाल देखा गया है.  यह भी पढ़े:  India-Pak Petrol-Diesel Prices: पाकिस्तान में सस्ता हुआ पेट्रोल-डीजल, भारत में बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई टेंशन; जानें दोनों देशों के रेट में कितना है फर्क

देश के प्रमुख शहरों में आज (19 मई 2026) पेट्रोल और डीजल के संशोधित रेट इस प्रकार हैं:

शहर पेट्रोल (रुपये/लीटर) डीजल (रुपये/लीटर)
दिल्ली 94.72 85.62
मुंबई 104.21 92.15
चेन्नई 100.75 92.34
कोलकाता 103.94 90.76
बेंगलुरु 102.84 88.95
हैदराबाद 107.41 95.65
पटना 105.18 92.04

क्यों बढ़ रहे हैं ईंधन के दाम?

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, घरेलू बाजार में तेल की कीमतों में इस वृद्धि का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की बढ़ती कीमतें हैं. वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और प्रमुख तेल उत्पादक देशों (OPEC+) द्वारा उत्पादन में की गई कटौती की वजह से वैश्विक स्तर पर आपूर्ति प्रभावित हुई है.

इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की स्थिति और केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले टैक्स (एक्साइज ड्यूटी और वैट) भी खुदरा कीमतों को तय करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं. इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क दरों के आधार पर रोजाना सुबह 6 बजे कीमतों की समीक्षा और संशोधन करती हैं.

आम जनता और अर्थव्यवस्था पर असर

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही इस बढ़ोतरी का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है. ईंधन महंगा होने से लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई की लागत बढ़ जाती है. इसका सीधा परिणाम आने वाले दिनों में फल, सब्जियों, दूध और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि के रूप में देखने को मिल सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें स्थिर नहीं होतीं, तब तक घरेलू बाजार में यह उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है.

(The above story first appeared on LatestLY on May 19, 2026 08:14 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).