FACT CHECK: PM मोदी और गृह मंत्री शाह के खिलाफ FIR दर्ज, जेल भेजने का आदेश? वायरल दावा निकला झूठा, जानिए सच्चाई
"a.sharmaexpress" नाम के एक यूट्यूब चैनल ने अपने वीडियो थंबनेल में ऐसा दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई है और उन्हें जेल भेजने का फैसला हो गया है.
Youtube Channel Fake Claim: सोशल मीडिया और यूट्यूब पर अफवाहों का बाजार अक्सर गर्म रहता है. हाल ही में "a.sharmaexpress" नाम के एक यूट्यूब चैनल ने अपने वीडियो थंबनेल में ऐसा दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई है और उन्हें जेल भेजने का फैसला हो गया है. इतना ही नहीं, एक अन्य वीडियो में यह भी कहा गया कि ईडी ने पीएम मोदी पर कार्रवाई की है और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने उनके खिलाफ न्यायिक आदेश दिए हैं.
इन दावों ने कई यूजर्स का ध्यान खींचा और लोग इसे सच मानकर आगे शेयर करने लगे. लेकिन जब इन तथ्यों की जांच हुई तो हकीकत कुछ और ही निकली.
PM मोदी और गृह मंत्री शाह के खिलाफ FIR दर्ज?
"a.sharmaexpress" नामक यू-ट्यूब चैनल के वीडियो थंबनेल में दावा किया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री अमित शाह के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज हुई है। उन्हें जेल भेजने का निर्णय लिया गया है। #PIBFactCheck
❌ यह दावा पूर्णत: फर्जी है।
✅ जनसामान्य के मध्य… pic.twitter.com/FbyUv4GKHT
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) August 10, 2025
PM मोदी के खिलाफ SC ने दिए न्यायिक कार्रवाई के आदेश?
#YouTube चैनल "a.sharmaexpress" के एक #फर्जी एआई वीडियो के थंबनेल में दावा किया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरुद्ध न्यायिक कार्रवाई के आदेश दिए हैं। #PIBFactCheck
▶️ सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने ऐसा कोई निर्णय… pic.twitter.com/pC4fqEQ2n6
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) August 10, 2025
सभी दावे पूरी तरह से फर्जी
सरकारी एजेंसी PIB Fact Check ने स्पष्ट किया है कि ये सभी दावे पूरी तरह से फर्जी हैं. किसी भी सरकारी अथॉरिटी, कोर्ट या जांच एजेंसी ने पीएम मोदी या अमित शाह के खिलाफ न तो कोई एफआईआर दर्ज की है और न ही कोई कार्रवाई का आदेश जारी किया है.
भ्रामक जानकारी फैलाने से बचें.
PIB Fact Check ने लोगों से अपील की है कि इस तरह की भ्रामक और मनगढ़ंत जानकारी को फैलाने से बचें. ऐसे फेक वीडियो और पोस्ट का मकसद केवल जनता में भ्रम और अविश्वास फैलाना होता है. गलत खबरों पर यकीन करने और उन्हें शेयर करने से पहले हमेशा उनका स्रोत और विश्वसनीयता जांचें.
जिम्मेदार बनकर दुष्प्रचार रोकें
याद रखें, फेक न्यूज सिर्फ आपकी सोच नहीं बदलती, बल्कि समाज में गलतफहमियां और तनाव भी पैदा करती है. जिम्मेदार नागरिक बनकर ही हम इस दुष्प्रचार को रोक सकते हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 10, 2025 04:52 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

