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FACT CHECK: उत्तर प्रदेश में PDA समाज के लोगों की हो रही हत्याएं? गलत नैरेटिव के साथ शेयर की जा रही खबर, जानें सच्चाई

सोशल मीडिया पर इन दिनों यूपी के सुल्तानपुर की एक हत्या से जुड़ी पोस्ट तेजी से वायरल हो रही हैं. ज्यादातर पोस्ट्स और कुछ न्यूज वेबसाइट्स इसे जातिगत हिंसा के रूप में पेश कर रही हैं.

FACT CHECK: उत्तर प्रदेश में PDA समाज के लोगों की हो रही हत्याएं? गलत नैरेटिव के साथ शेयर की जा रही खबर, जानें सच्चाई
Photo- @ShivamYadavjii & surya_samajwadi/X

Sultanpur Murder Fact Check: सोशल मीडिया पर इन दिनों यूपी के सुल्तानपुर की एक हत्या से जुड़ी पोस्ट तेजी से वायरल हो रही हैं. ज्यादातर पोस्ट्स और कुछ न्यूज वेबसाइट्स इसे जातिगत हिंसा के रूप में पेश कर रही हैं. लेकिन फैक्ट चेक करने पर जो सच सामने आया, वह इन दावों से बिल्कुल अलग है. जांच में पता चला कि मृतक नवनीत और आरोपी रजनीश दोनों एक ही दलित समुदाय से थे और पहले दोस्त भी रहे हैं. यह मामला जाति संघर्ष का नहीं बल्कि लव मैरिज से उपजी निजी रंजिश का है. करीब दो महीने पहले नवनीत ने रजनीश की बहन से लव मैरिज की थी. इस रिश्ते को रजनीश ने कभी स्वीकार नहीं किया.

पुलिस के मुताबिक, इसी गुस्से में रजनीश ने नवनीत को खेत में गोली मार दी. घटनास्थल पर नवनीत की पत्नी भी मौजूद थीं, जो आरोपी रजनीश की बहन हैं.

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गलत नैरेटिव के साथ शेयर की जा रही खबर

न्यूज वेबसाइट की हेडिंग बनी कारण

कैसे किया गया फैक्ट चेक?

हमने वायरल पोस्ट की सच्चाई जानने के लिए सबसे पहले उस खबर से जुड़े कीवर्ड्स गूगल पर सर्च किए. जैसे- 'प्रेम विवाह के बाद दलित युवक की हत्या'. इस दौरान हमें कई वेबसाइट्स पर इस खबर की हेडिंग भ्रामक लगी.

भास्कर डॉट कॉम की रिपोर्ट में इसकी हेडिंग लिखी थी- सुल्तानपुर में दलित युवक की गोली मारकर हत्या, 3 महीने पहले गांव की ही लड़की से की थी लव मैरिज. वेबसाइट न्यूज़ट्रैक ने भी अपनी रिपोर्टमें इसी तरह की हेडिंग दी- लव मैरिज के बाद दलित युवक की हत्या, शव देख फूट-फूट कर रोई पत्नी, भाई पर लगाया हत्या का आरोप. हालांकि, इन दिनों वेबसाइट की रिपोर्ट पूरी पढ़ने पर पता चलता है कि मृतक और आरोपी एक ही समुदाय के थे और पहले दोस्त थे.

फैक्ट चेक निष्कर्ष

इन्हीं रिपोर्ट्स का सहारा लेकर कुछ सोशल मीडिया यूजर गलत नैरेटिव के साथ आधी-अधूरी जानकारी शेयर करने लगे. जबकि, वायरल हो रही जातिगत हिंसा की बात भ्रामक है.

ये घटना एक बार फिर दिखाती है कि सोशल मीडिया पर फैली हर खबर सच नहीं होती. आधी-अधूरी जानकारी समाज में गलतफहमी फैलाने का काम करती है. खबर पढ़ने या शेयर करने से पहले तथ्य जरूर जांच लें.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 10, 2025 04:07 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).