Mobile Recharge Price Hike: टेलीकॉम सेक्टर से जुड़ी एक अहम रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में मोबाइल टैरिफ जून 2026 में करीब 15 प्रतिशत तक बढ़ सकते हैं. यह बढ़ोतरी लगभग दो साल बाद होने की संभावना है.एनालिस्ट्स का मानना है कि इससे वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) में टेलीकॉम सेक्टर की रेवेन्यू ग्रोथ रेट दोगुने से भी ज्यादा हो सकती है. Mobile Recharge Hike 2025: मोबाइल रिचार्ज होंगे महंगे! दिसंबर तक बढ़ सकते हैं 10-20% तक टैरिफ, जानिए वजह
यह जानकारी ब्रोकरेज फर्म Jefferies की एक रिपोर्ट में दी गई है, जिसे इक्विटी एनालिस्ट अक्षत अग्रवाल और इक्विटी एसोसिएट आयुष बंसल ने तैयार किया है. रिपोर्ट के अनुसार, मोबाइल टैरिफ में बढ़ोतरी का असर सीधे तौर पर टेलीकॉम कंपनियों की कमाई पर पड़ेगा और सेक्टर को मजबूती मिलेगी.
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि Jio का प्रस्तावित आईपीओ 2026 की पहली छमाही में आ सकता है. इससे न केवल टेलीकॉम सेक्टर की वैल्यूएशन बढ़ेगी, बल्कि मोबाइल सेवाओं के दाम बढ़ाने को भी समर्थन मिलेगा.
एनालिस्ट्स का कहना है कि भारत में मोबाइल टैरिफ बढ़ाने का ट्रेंड पहले भी इसी तरह का रहा है. पिछली बार टैरिफ में बढ़ोतरी के करीब दो साल बाद फिर से दाम बढ़ाए जाने की संभावना है. अगर ऐसा होता है, तो इसका असर सीधे उपभोक्ताओं के मोबाइल बिल पर पड़ेगा, जबकि टेलीकॉम कंपनियों की आमदनी में तेज़ उछाल देखने को मिल सकता है.
हर 9 महीने में बढ़े टैरिफ?
वोडाफोन आइडिया के CEO अक्षय मूंद्रा के अनुसार, भारत जैसे बड़े और डेटा-हंग्री बाजार में हर 9 महीने में टैरिफ बढ़ाना जरूरी है. इससे न केवल नेटवर्क क्वालिटी बेहतर रहती है, बल्कि नई तकनीकों जैसे IoT और एंटरप्राइज सर्विसेज को भी मजबूती मिलती है.
क्या करें मोबाइल यूजर्स?
मोबाइल यूजर्स को इस साल के अंत तक रिचार्ज प्लान्स में बढ़ोतरी के लिए तैयार रहना चाहिए. भले ही यह बढ़ोतरी जेब पर भारी पड़े, लेकिन कंपनियों का मानना है कि यह बेहतर नेटवर्क और सर्विस डिलीवरी के लिए जरूरी है.













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