Fact Check: क्या पटना में 800 लोगों को HIV संक्रमित करने वाली लड़की पकड़ी गई? जानें सोशल मीडिया पर वायरल दावे का सच
लड़की को 800 पुरुषों को HIV से संक्रमित करने के आरोप में पकड़ा गया. (Photo Credits: X/@virjust18)

Fact Check: सोशल मीडिया (Social Media) प्लेटफॉर्म्स पर पिछले कुछ दिनों से एक सनसनीखेज वीडियो तेजी से वायरल (Viral Video) हो रहा है. इस वीडियो में एक लड़की को भीड़ से बचकर भागते हुए दिखाया गया है, जिसे बाद में कुछ लोग पकड़ लेते हैं. वीडियो के साथ कैप्शन में दावा किया जा रहा है कि पटना एयरपोर्ट (या बस स्टैंड) पर पकड़ी गई इस लड़की ने एक-दो नहीं, बल्कि 800 पुरुषों को HIV संक्रमित कर दिया है.  इस खबर ने स्थानीय लोगों के बीच दहशत पैदा कर दी है, लेकिन हमारी जांच में यह दावा पूरी तरह भ्रामक और निराधार पाया गया है. यह भी पढ़ें: Fact Check: क्या 7 मिनट 11 सेकेंड के वायरल वीडियो वाले कपल 'Marry' और 'Umair' को पाकिस्तान में किया गया गिरफ्तार? जानें सच

वायरल दावे में क्या है?

एक्स (Twitter) और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किए जा रहे पोस्ट में कहा गया है कि पिछले कुछ दिनों से पटना में HIV संक्रमण के मामले बढ़ने के बाद प्रशासन सतर्क था, जिसके बाद इस लड़की को पकड़ा गया. वीडियो पर लगे टेक्स्ट में इसे 'पटना की घटना' बताया जा रहा है. हालांकि, पोस्ट में स्थान को लेकर विरोधाभास है—कोई इसे पटना एयरपोर्ट बता रहा है, तो कोई पटना बस स्टैंड.

फैक्ट चेक: क्या है सच्चाई?

जब इस वायरल दावे की पड़ताल की गई, तो कई ऐसी बातें सामने आईं जो इसे फर्जी साबित करती हैं:

  • कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं: बिहार पुलिस, पटना प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग की ओर से ऐसी किसी भी घटना की पुष्टि नहीं की गई है. किसी भी विश्वसनीय समाचार एजेंसी ने 800 लोगों के संक्रमित होने जैसी बड़ी खबर को रिपोर्ट नहीं किया है.
  • तथ्यों में विसंगति: वीडियो के साथ साझा किए जा रहे संदेशों में स्थान और आंकड़ों को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है. एक ही वीडियो को अलग-अलग शहरों के नाम से भी पहले शेयर किया जा चुका है.
  • भ्रामक आंकड़ों का इस्तेमाल: हाल ही में बिहार के सीतामढ़ी जिले में HIV के मामलों में वृद्धि की खबरें आई थीं, जिन्हें प्रशासन ने "पुराने संचयी आंकड़े" (Cumulative data) बताकर स्पष्ट किया था. संभवतः उन्हीं खबरों को इस फर्जी वीडियो के साथ जोड़कर सनसनी फैलाने की कोशिश की जा रही है.

दहशत फैलाने की कोशिश

विशेषज्ञों का कहना है कि HIV जैसे संवेदनशील विषय पर इस तरह के फर्जी वीडियो और आंकड़े साझा करना न केवल कानूनी रूप से अपराध है, बल्कि यह समाज में डर और मरीजों के प्रति भेदभाव (Stigma) को बढ़ावा देता है. पटना एयरपोर्ट और बस स्टैंड के सुरक्षा अधिकारियों ने भी ऐसी किसी गिरफ्तारी से इनकार किया है. यह भी पढ़ें: Fact Check: क्या जर्मनी में एक व्यक्ति ने अपने पड़ोसी पर केस किया? जिसे उसने पत्नी को प्रेग्नेंट करने के लिए दिए थे पैसे ? जानें क्या है पूरा सच

निष्कर्ष: खबर पूरी तरह फेक है

हमारी जांच के अनुसार, पटना में 800 लोगों को संक्रमित करने वाली लड़की के पकड़े जाने का दावा झूठा (Fake) है. वायरल वीडियो का वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है और यह केवल सोशल मीडिया पर 'एंगेजमेंट' पाने के लिए फैलाई जा रही एक अफवाह है.