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Pilibhit: एम्बुलेंस के झटके से 'ब्रेन डेड' महिला की लौटी सांसें? जानिए इस 'चमत्कार' के पीछे का असली मेडिकल सच

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में एक महिला जिसे डॉक्टरों ने 'ब्रेन डेड' मान लिया था, अंतिम संस्कार के लिए ले जाते समय अचानक जीवित हो उठी. सोशल मीडिया पर इसे 'चमत्कार' बताया जा रहा है, लेकिन डॉक्टरों ने इसके पीछे की वास्तविक मेडिकल स्थिति को स्पष्ट किया है.

Pilibhit: एम्बुलेंस के झटके से 'ब्रेन डेड' महिला की लौटी सांसें? जानिए इस 'चमत्कार' के पीछे का असली मेडिकल सच

पीलीभीत: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के पीलीभीत जिले (Pilibhit District) से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां 'ब्रेन डेड' (Brain Dead) मानी जा रही एक महिला की सांसें घर ले जाते समय अचानक वापस लौट आईं. विनीता शुक्ला (Vinita Shukla) नाम की इस महिला के परिजनों ने इसे ईश्वर का चमत्कार माना है, क्योंकि एम्बुलेंस (Ambulance) के एक गड्ढे से टकराने के बाद उनमें हलचल शुरू हुई. हालांकि, न्यूरोलॉजिस्ट और चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला 'ब्रेन डेड' और 'गहरी कोमा' (Deep Coma) के बीच के अंतर को समझने की कमी का परिणाम है. यह भी पढ़ें: Harish Rana Passive Euthanasia Case: कोमा में 13 साल से पड़े हरीश राणा केस में SC का ऐतिहासिक फैसला, देश में पहली बार मिली ‘इच्छामृत्यु’ की मंजूरी

घटना का क्रम: अस्पताल से श्मशान के रास्ते तक

विनीता शुक्ला 22 फरवरी को अपने घर में अचानक बेहोश हो गई थीं. उन्हें पहले जिला अस्पताल और फिर बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. परिजनों के अनुसार, डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा था कि उनमें कोई हलचल नहीं है और वे 'ब्रेन डेड' की स्थिति में हैं. दो दिनों के इलाज के बाद कोई सुधार न देख, परिजन उन्हें अंतिम संस्कार के लिए वापस पीलीभीत ले जाने लगे.

वापसी के सफर के दौरान एम्बुलेंस एक गहरे गड्ढे से टकराई, जिसके झटके के बाद विनीता की सांसें अचानक चलने लगीं. परिजन उन्हें तुरंत दूसरे अस्पताल ले गए, जहां इलाज शुरू हुआ और लगभग दो सप्ताह बाद वे पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौट आई हैं.

‘ब्रेन डेड’ घोषित महिला ने एम्बुलेंस में फिर से सांस लेना शुरू किया

क्या यह वास्तव में 'ब्रेन डेड' का मामला था?

सोशल मीडिया पर इस घटना को "एम्बुलेंस के झटके से मिला जीवनदान" बताया जा रहा है, लेकिन मेडिकल विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि 'ब्रेन डेड' एक ऐसी स्थिति है जहां मस्तिष्क और ब्रेनस्टेम पूरी तरह और स्थायी रूप से काम करना बंद कर देते हैं. एक बार मेडिकल प्रोटोकॉल के तहत ब्रेन डेड घोषित होने के बाद वापसी संभव नहीं होती.

विशेषज्ञों के अनुसार, विनीता की स्थिति 'डीप कोमा' या 'स्यूडोकॉमा' हो सकती थी. कई स्थितियां ऐसी होती हैं जो ब्रेन डेड जैसी लगती हैं, जैसे:

  • दवाओं का ओवरडोज या गंभीर मेटाबॉलिक असंतुलन.
  • अत्यधिक शॉक या शरीर का तापमान बहुत कम होना (Hypothermia).
  • न्यूरोटॉक्सिक जहर (जैसे सांप का काटना).

डॉक्टर ने बताया कि असल में क्या हुआ था

डॉक्टर का संदेह: सांप का काटना हो सकता है कारण

इलाज करने वाले डॉक्टरों को संदेह है कि विनीता को किसी जहरीले सांप ने काटा था. सांप का जहर शरीर में अस्थायी पैरालिसिस (लकवा) और सांसों को धीमा कर सकता है, जिससे मरीज मृत जैसा दिखने लगता है. एंटी-स्नेक वेनम और सही उपचार से मरीज की महत्वपूर्ण शारीरिक क्रियाएं धीरे-धीरे वापस आ सकती हैं.

विशेषज्ञों का कहना है कि एम्बुलेंस के झटके की भूमिका केवल संयोग मात्र हो सकती है, जो ठीक उसी समय हुआ जब शरीर के अंग रिकवर कर रहे थे.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 11, 2026 04:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).