Silver Rate Today, January 9, 2026: रिकॉर्ड स्तर से लुढ़की चांदी, दिल्ली-मुंबई सहित बड़े शहरों में कीमतों में बड़ी गिरावट; चेक करें आज का ताजा भाव
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: X/@virjust18)

Silver Rate Today, January 9, 2026: घरेलू सर्राफा बाजार (Domestic Bullion Market) में शुक्रवार, 9 जनवरी 2026 को चांदी (Silver) की चमक कुछ फीकी पड़ती नजर आई. पिछले कुछ दिनों की रिकॉर्ड तेजी के बाद आज बाजार में मुनाफावसूली (Profit Booking) का दौर रहा, जिससे अधिकांश बड़े शहरों में चांदी की कीमतों (Silver Rate) में गिरावट दर्ज की गई. अंतरराष्ट्रीय बाजार (International Market) में आई कमजोरी और वैश्विक कमोडिटी संकेतों के चलते चांदी अब अपने हालिया उच्च स्तर से नीचे कारोबार कर रही है. दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरु, अहमदाबाद, कोलकाता से लेकर देश के विभिन्न महानगरों और प्रमुख शहरों में 1 किलोग्राम चांदी के भाव नीचे दिए गए हैं. यह भी पढ़ें: Silver Rate Today, January 6, 2026: चांदी की कीमतों में लगी आग, ₹2.50 लाख के करीब पहुंचा भाव; जानें दिल्ली से चेन्नई तक के ताजा रेट

प्रमुख शहरों में आज चांदी का भाव (9 जनवरी 2026)

शहर चांदी की कीमत (प्रति किलो)
दिल्ली ₹2,51,900
मुंबई ₹2,51,900
चेन्नई ₹2,71,900
हैदराबाद ₹2,71,900
बेंगलुरु ₹2,51,900
कोलकाता ₹2,51,900
लखनऊ/नोएडा ₹2,51,900
जयपुर/अहमदाबाद ₹2,51,900

नोट: ऊपर दिए गए भाव सांकेतिक हैं. इनमें GST, मेकिंग चार्ज और अन्य स्थानीय टैक्स शामिल नहीं हैं. सटीक रेट के लिए अपने नजदीकी ज्वेलर्स से संपर्क करें. 

कीमतों में बदलाव की मुख्य वजहें

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी की कीमतों में इस मामूली गिरावट या स्थिरता के पीछे कई बड़े कारण हैं:

  1. वैश्विक संकेत: अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी के वायदा भाव में नरमी देखी गई है, जिसका सीधा असर भारतीय बाजारों पर पड़ा है.
  2. डॉलर में मजबूती: अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर में उतार-चढ़ाव से कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव बना हुआ है.
  3. औद्योगिक मांग: चांदी का उपयोग केवल निवेश के लिए ही नहीं, बल्कि सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक उद्योगों में भी बड़े पैमाने पर होता है। औद्योगिक मांग के पूर्वानुमानों में बदलाव भी कीमतों को प्रभावित कर रहा है.

आगे कैसा रहेगा बाजार का मिजाज?

विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में चांदी की कीमतें एक सीमित दायरे (Range-bound) में रह सकती हैं. हालांकि, दीर्घकालिक दृष्टिकोण से औद्योगिक मांग और 'सप्लाई डेफिसिट' (आपूर्ति में कमी) के कारण चांदी में फिर से तेजी आने की संभावना बनी हुई है. निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी बड़े निवेश से पहले दैनिक उतार-चढ़ाव पर नजर रखें.