नई दिल्ली: भारतीय सर्राफा बाजार में सोमवार, 16 मार्च को सोने की कीमतों में हल्की गिरावट देखी गई है. अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने के दाम टूटने और अमेरिकी डॉलर की मजबूती का असर घरेलू कीमतों पर भी पड़ा है. गुडरिटर्न्स (GoodReturns) के आंकड़ों के अनुसार, देश में 24 कैरेट सोने की औसत कीमत गिरकर लगभग 1,59,650 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई है. वहीं, आभूषणों के लिए मानक माने जाने वाले 22 कैरेट सोने का भाव 1,46,340 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है.
प्रमुख शहरों में आज का स्वर्ण भाव (प्रति 10 ग्राम)
भारत के विभिन्न शहरों में स्थानीय करों और चुंगी के कारण सोने की कीमतों में अंतर होता है. 16 मार्च 2026 को प्रमुख शहरों के रेट्स इस प्रकार हैं: यह भी पढ़े: Gold Rate Today, March 15, 2026: सोने की कीमतों में स्थिरता, दिल्ली से मुंबई तक आज क्या हैं भाव? जानें 22K और 24K के ताजा रेट
| शहर | 24K सोना (10g) | 22K सोना (10g) |
| दिल्ली | INR 1,59,800 | INR 1,46,490 |
| मुंबई | INR 1,59,650 | INR 1,46,340 |
| चेन्नई | INR 1,61,010 | INR 1,47,590 |
| कोलकाता | INR 1,59,650 | INR 1,46,340 |
| बेंगलुरु | INR 1,59,650 | INR 1,46,340 |
| जयपुर | INR 1,59,800 | INR 1,46,490 |
| लखनऊ | INR 1,59,800 | INR 1,46,490 |
| अहमदाबाद | INR 1,59,700 | INR 1,46,390 |
क्यों गिर रहे हैं सोने के दाम?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में आई मजबूती सोने की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण है. वैश्विक बाजार में स्पॉट गोल्ड (Spot Gold) की कीमत घटकर 5,018 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गई है. डॉलर के मजबूत होने से अन्य मुद्राओं में सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे मांग में कमी आती है. इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं में देरी ने भी निवेशकों को सतर्क कर दिया है.
भू-राजनीतिक तनाव और 'सेफ-हेवन' मांग
कीमतों में मौजूदा गिरावट के बावजूद, वैश्विक अस्थिरता के कारण सोने की मांग पूरी तरह कम नहीं हुई है. मध्य पूर्व में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने सोने को एक सुरक्षित निवेश (Safe-Haven) बनाए रखा है. मार्च की शुरुआत से अब तक सोने की कीमतों में लगभग 7.7 प्रतिशत की गिरावट आई है, जो 1 मार्च को 1.73 लाख रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर थी. विश्लेषकों का मानना है कि यह "हेल्दी करेक्शन" आगामी शादी-ब्याह के सीजन से पहले खरीदारों को आकर्षित कर सकता है.
खुदरा खरीदारों के लिए सुझाव
खुदरा उपभोक्ताओं के लिए वर्तमान कीमतें जनवरी और फरवरी की रिकॉर्ड तेजी के मुकाबले राहत लेकर आई हैं. हालांकि, खरीदारों को ध्यान रखना चाहिए कि ज्वेलरी स्टोर पर अंतिम कीमत में मेकिंग चार्ज, 3 प्रतिशत जीएसटी (GST) और स्थानीय उपकर (Cess) शामिल होता है, जो बेस प्राइस को बढ़ा देता है. इसके अलावा, डिजिटल गोल्ड और गोल्ड ईटीएफ (ETF) में भी निवेश की मांग मजबूत बनी हुई है.













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