नई दिल्ली: सोशल मीडिया (Social Media) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) का एक कथित वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें उन्हें ईरान (Iran), पाकिस्तान (Pakistan) और 'ग्रेटर इजरायल व अखंड भारत' (Greater Israel and Akhand Bharat) की अवधारणा पर विवादित बयान देते हुए दिखाया गया है. हालांकि, भारत सरकार (Indian Government) की आधिकारिक सत्यापन इकाई, पीआईबी फैक्ट चेक (PIB Fact Check) ने इस वीडियो की सच्चाई सामने लाते हुए इसे पूरी तरह से 'डीपफेक' (Deepfake) करार दिया है. जांच में पाया गया कि यह वीडियो डिजिटल हेरफेर (Video Digital Manipulation) के जरिए तैयार किया गया है और प्रधानमंत्री ने कभी ऐसा कोई बयान नहीं दिया. यह भी पढ़ें: Fact Check: क्या पीएम मोदी ने सभी Aadhar Card धारकों को Free Bike देने की घोषणा की है? वायरल दावा निकला फर्जी, AI जनरेटेड है VIDEO
वीडियो में क्या किया गया है दावा?
वायरल हो रहे इस एडिटेड वीडियो में प्रधानमंत्री को यह कहते हुए दिखाया गया है कि 'ईरान को पूरे क्षेत्र में आतंकवाद फैलाने के लिए जवाब देना होगा। हमारा लक्ष्य पाकिस्तान है, और इसे हासिल करने के लिए मौजूदा ईरानी शासन का गिरना जरूरी है ताकि इजरायल उस पर कब्जा कर सके. ग्रेटर इजरायल और अखंड भारत के लिए यही एकमात्र रास्ता है.'
विशेषज्ञों का मानना है कि इस वीडियो को मुख्य रूप से भारत विरोधी प्रोपेगेंडा नेटवर्क द्वारा इंटरनेट पर प्रसारित किया जा रहा है.
फर्जी वीडियो में PM नरेंद्र मोदी को ‘ग्रेटर इजराइल और अखंड भारत’ की मांग करते दिखाया गया है
India tacitly declared total war with Pakistan, by extension Iran and completely aligned with Israel agenda to lead the Middle East.
Listen to Modi “Delhi: Speaking at the NXT Summit, PM Narendra Modi says, "Iran will have to answer for spreading terrorism across the whole… pic.twitter.com/NL19scIE1b
— Adamu B. Garba II, Msc, MNIIA, FIDPM (@adamugarba) March 12, 2026
🚨 Deepfake Video Alert
A digitally manipulated video of Prime Minister Narendra Modi is being circulated online by Pakistani propaganda accounts.
The video falsely attributes statements to the Prime Minister, claiming that: 'Iran will have to answer for spreading terrorism… pic.twitter.com/4FpHG7YHBC
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) March 13, 2026
क्या है वायरल क्लिप की सच्चाई?
पीआईबी फैक्ट चेक के अनुसार, इस फर्जी वीडियो के लिए इस्तेमाल किया गया विजुअल (दृश्य) वास्तव में दिल्ली में आयोजित 'NXT समिट 2026' का है. मूल और बिना छेड़छाड़ वाले भाषण में, प्रधानमंत्री मोदी तकनीक, नवाचार (Innovation) और भारत के डिजिटल भविष्य की भूमिका पर चर्चा कर रहे थे. उस पूरे संबोधन में उन्होंने ईरान, पाकिस्तान या किसी भी भू-राजनीतिक (Geopolitical) विवाद का जिक्र तक नहीं किया था. यह भी पढ़ें: Fact Check: क्या व्लादिमीर पुतिन ने अयोध्या राम मंदिर का दौरा किया? वायरल तस्वीर निकली फर्जी, यहां जानें असली सच्चाई
डीपफेक और प्रोपेगेंडा के प्रति चेतावनी
अधिकारियों ने आगाह किया है कि भारत को निशाना बनाने वाले प्रोपेगेंडा अभियानों के तहत जनता को गुमराह करने और गलत जानकारी फैलाने के लिए जानबूझकर ऐसे वीडियो बनाए जा रहे हैं. डीपफेक तकनीक के जरिए किसी भी व्यक्ति की आवाज और चेहरे के हाव-भाव को इतनी सटीकता से बदला जा सकता है कि पहली नजर में वह सच लगे.
पीआईबी फैक्ट चेक ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी संदिग्ध या सनसनीखेज सामग्री को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें. सरकार ऐसी भ्रामक सामग्री फैलाने वाले अकाउंट्स पर भी नजर रख रही है.











QuickLY