फैक्ट चेक: क्या इजरायल ने भारतीय पत्रकार Aditya Raj Kaul को किया गिरफ्तार? जानें वायरल दावे की सच्चाई

मुंबई/यरुशलम. सोशल मीडिया पर एक खबर तेजी से वायरल हो रही है जिसमें दावा किया जा रहा है कि इजरायली पुलिस ने भारतीय पत्रकार आदित्य राज कौल को गिरफ्तार कर लिया है. वायरल पोस्ट के अनुसार, कौल पर ईरानी मिसाइल हमले के दौरान इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की गुप्त लोकेशन उजागर करने का आरोप लगाया गया है. हालांकि, गहन जांच और फैक्ट चेक के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि यह खबर पूरी तरह फर्जी (Fake News) है और आदित्य राज कौल सुरक्षित हैं.

सोशल मीडिया पर क्या था दावा?

'न्यूज पोस्ट' नामक एक फेसबुक पेज और कई अन्य सोशल मीडिया हैंडल पर एक तस्वीर साझा की गई, जिसमें लिखा था कि भारतीय पत्रकार को नेतन्याहू की लोकेशन बताने के आरोप में हिरासत में लिया गया है. पोस्ट में दावा किया गया कि उन्हें एक शेल्टर होम से तब उठाया गया जब वह रिपोर्टिंग कर रहे थे. इस खबर ने इंटरनेट पर काफी हलचल पैदा कर दी, क्योंकि इसे इजरायल-ईरान के बीच जारी युद्ध की संवेदनशीलता से जोड़कर देखा जा रहा था.

आदित्य राज कौल को इज़राइल में किया गया गिरफ्तार?

फैक्ट चेक में सामने आई सच्चाई

तथ्यों की जांच करने पर पता चला कि यह दावा पूरी तरह आधारहीन है. आदित्य राज कौल 15 मार्च को भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर सक्रिय हैं. उन्होंने स्वयं अपनी रिपोर्टिंग के वीडियो और पोस्ट साझा किए हैं. कौल ने बेट शेमेश, इजरायल से अपनी रिपोर्टिंग जारी रखी है, जहां पीएम नेतन्याहू ईरानी मिसाइल हमले के बाद नुकसान का जायजा लेने पहुंचे थे.

साथी पत्रकारों ने की पुष्टि

आदित्य राज कौल की गिरफ्तारी की खबरों को उनके साथी पत्रकारों ने भी खारिज किया है. वरिष्ठ पत्रकार मनीष झा, जो वर्तमान में इजरायल में ही मौजूद हैं, ने इस खबर को 'फेक न्यूज' बताते हुए स्पष्ट किया कि आदित्य उनके साथ हैं और पूरी तरह सुरक्षित हैं. आदित्य राज कौल ने मनीष झा के इस पोस्ट को रिशेयर भी किया है, जो इस बात की पुष्टि करता है कि वह किसी भी तरह की हिरासत में नहीं हैं.

रिपोर्टिंग के दौरान सावधानी की अपील

इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण वहां सुरक्षा नियम काफी कड़े हैं. पत्रकारों को रणनीतिक स्थानों और वीवीआईपी की मूवमेंट के बारे में जानकारी साझा करते समय विशेष दिशा-निर्देशों का पालन करना होता है. इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर बिना जांचे-परखे सूचनाएं साझा करने के खतरों को उजागर किया है.

यह स्पष्ट है कि भारतीय पत्रकार की गिरफ्तारी की खबर एक सोची-समझी गलत सूचना थी. आदित्य राज कौल इजरायल से अपनी पेशेवर जिम्मेदारी निभा रहे

हैं.