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हर 8 मिनट में एक यौन उत्पीड़न...Uber ड्राइवर्स पर लगे गंभीर आरोप, कोर्ट में पहुंचा मामला

दुनिया भर में अपनी तेज और सस्ती टैक्सी सेवा के लिए मशहूर Uber एक बार फिर विवादों में है. इस बार मामला बेहद गंभीर है. अमेरिका में Uber के ड्राइवर्स के खिलाफ 2017 से 2022 के बीच 4 लाख से ज्यादा यौन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार की शिकायतें सामने आई हैं.

हर 8 मिनट में एक यौन उत्पीड़न...Uber ड्राइवर्स पर लगे गंभीर आरोप, कोर्ट में पहुंचा मामला

Uber Driver Sexual Abuse: दुनिया भर में अपनी तेज और सस्ती टैक्सी सेवा के लिए मशहूर Uber एक बार फिर विवादों में है. इस बार मामला बेहद गंभीर है. अमेरिका में Uber के ड्राइवर्स के खिलाफ 2017 से 2022 के बीच 4 लाख से ज्यादा यौन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार की शिकायतें सामने आई हैं. ये खुलासा कोर्ट के दस्तावेजों से हुआ है, जो हाल ही में सार्वजनिक किए गए हैं. अब तक Uber ने सिर्फ 12,500 के करीब मामलों को ही पब्लिक किया था, लेकिन कोर्ट में पेश नए रिकॉर्ड बताते हैं कि हकीकत कहीं ज्यादा डरावनी है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, हर 8 मिनट में एक यौन दुर्व्यवहार की रिपोर्ट दर्ज हुई थी.

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2,300 पीड़ितों ने दायर किया मुकदमा

देशभर से 2,300 से ज्यादा पीड़ितों ने मिलकर Uber के खिलाफ मुकदमा दायर किया है. इन लोगों का कहना है कि कंपनी ने ना तो ड्राइवर्स की ठीक से जांच की, ना ही पहले से मिले चेतावनी संकेतों पर कोई ध्यान दिया. आरोप है कि Uber ने पैसेंजर की सुरक्षा से ज्यादा अपने मुनाफे को प्राथमिकता दी.

इन मामलों की सुनवाई दिसंबर 2025 से सैन फ्रांसिस्को की अदालत में शुरू होने वाली है.

Uber ने इन आरोपों से किया इनकार

Uber ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि ज्यादातर रिपोर्टें या तो हल्की थीं, या फिर गलत थीं. कंपनी के अनुसार, गंभीर मामलों की संख्या कुल ट्रिप्स का केवल 0.00002% यानी हर 50 लाख ट्रिप में एक है.

हालांकि, कंपनी की सुरक्षा प्रमुख हन्ना निल्स ने यह माना कि लगभग 75% मामले ऐसे थे जिनमें ड्राइवर ने यात्रियों पर गलत टिप्पणी की, फ्लर्ट किया या गंदे शब्दों का इस्तेमाल किया.

इंडिपेंडेंट कॉन्ट्रैक्टर हैं ड्राइवर: Uber

2018 में Uber ने एक AI सिस्टम भी बनाया था जो "Safety Risk Assessed Dispatch" नाम से जाना गया. ये सिस्टम यात्रियों और ड्राइवर्स के बीच हाई-रिस्क ट्रिप्स को पहचानने में सक्षम था, लेकिन रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि कंपनी ने इस तकनीक को पूरी तरह लागू नहीं किया.

कंपनी के अंदरूनी दस्तावेजों में ये भी कहा गया कि Uber ने कुछ जरूरी सुरक्षा फीचर्स को इसलिए नहीं जोड़ा क्योंकि इससे उनकी बिजनेस मॉडल और मुनाफे पर असर पड़ता. Uber अपने ड्राइवर्स को कर्मचारी नहीं बल्कि "इंडिपेंडेंट कॉन्ट्रैक्टर" मानता है, जिससे उन पर कम जिम्मेदारी आती है.

दिसंबर में होगी केस की सुनवाई

एक केस में एक महिला ने आरोप लगाया कि दिसंबर 2023 में Uber ड्राइवर ने उसे 5 घंटे तक गाड़ी में रखा और फिर एक होटल में ले जाकर दुष्कर्म किया. जबकि उस ड्राइवर पर पहले से दो आरोप दर्ज थे.

Uber का कहना है कि कंपनी ने हाल के सालों में सुरक्षा पर अरबों डॉलर खर्च किए हैं और गंभीर मामलों में 44% तक गिरावट दर्ज की गई है. अब देखना होगा कि दिसंबर में जब केस की सुनवाई शुरू होगी, तो Uber कितनी जिम्मेदारी स्वीकार करता है और पीड़ितों को क्या न्याय मिलता है.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 08, 2025 07:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).