Kartik Purnima 2025 Messages: हैप्पी कार्तिक पूर्णिमा! दोस्तों-रिश्तेदारों को भेजें ये शानदार हिंदी WhatsApp Wishes, GIF Greetings और Quotes
भगवान शिव की पावन नगरी काशी यानी वाराणसी के गंगा घाटों पर कार्तिक पूर्णिमा के दिन देव दीपावली मनाने की परंपरा सदियों से निभाई जा रही है. इस पर्व पर काशी की भव्यता और दिव्यता देखते ही बनती है, इसलिए लोग इसकी बधाई भी एक-दूसरे को देते हैं. ऐसे में आप भी इस खास अवसर पर इन हिंदी मैसेजेस, वॉट्सऐप विशेज, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, कोट्स के जरिए दोस्तों-रिश्तेदारों से हैप्पी कार्तिक पूर्णिमा कह सकते हैं.
Kartik Purnima 2025 Messages in Hindi: कार्तिक मास का हिंदू धर्म में काफी महत्व बताया जाता है, क्योंकि इस महीने कई महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार पड़ते हैं. दिवाली, छठ पूजा, देवउठनी एकादशी जैसे पर्वों के बाद कार्तिक पूर्णिमा की त्योहार मनाया जाता है, जिसे त्रिपुरी पूर्णिमा, त्रिपुरारी पूर्णिमा और देव दीपावली जैसे विभिन्न नामों से जाना जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि को देवों के देव महादेव की नगरी काशी में देव दीपावली (Dev Deepawali) यानी कार्तिक पूर्णिमा (Kartik Purnima) का त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है. इस साल उदयातिथि के अनुसार, 5 नवंबर 2025 को कार्तिक पूर्णिमा मनाई जा रही है. इस पर्व से जुड़ी प्रचलित कथा के अनुसार, इसी पावन तिथि पर भगवान शिव (Bhagwan Shiv) ने त्रिपुरासुर नाम के असुर भाइयों की तिकड़ी का संहार किया था और देवताओं को उनके अत्याचारों से मुक्ति दिलाई थी. कहा जाता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन भगवान शिव की जीत का उत्सव मनाने के लिए सभी देवी-देवताओं ने काशी में दीपावली मनाई थी, इसलिए इसे देव दीपावली भी कहा जाता है.
भगवान शिव की पावन नगरी काशी यानी वाराणसी के गंगा घाटों पर कार्तिक पूर्णिमा के दिन देव दीपावली मनाने की परंपरा सदियों से निभाई जा रही है. इस पर्व पर काशी की भव्यता और दिव्यता देखते ही बनती है, इसलिए लोग इसकी बधाई भी एक-दूसरे को देते हैं. ऐसे में आप भी इस खास अवसर पर इन हिंदी मैसेजेस, वॉट्सऐप विशेज, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, कोट्स के जरिए दोस्तों-रिश्तेदारों से हैप्पी कार्तिक पूर्णिमा कह सकते हैं.





प्रचलित मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा के दिन स्वर्ग लोक से सभी देवी-देवता देव दिवाली का त्योहार मनाने के लिए काशी आते हैं. इस दिन शाम के समय मां गंगा की विशेष आरती की जाती है और काशी के 84 घाटों को दीयों की रोशनी से रोशन किया जाता है. इस दिन लोग गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगाते हैं और जरूरतमंदों को दान देने के अलावा दीपदान करते हैं. इसके साथ ही कहा जाता है कि इसी दिन भगवान विष्णु ने मत्स्य अवतार लिया था, इसलिए इसका महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है. बता दें कि कार्तिक मास की अमावस्या को दीपावली यानी लक्ष्मी पूजन का पर्व मनाए जाने के 15 दिन बाद देव दीपावली का त्योहार मनाया जाता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 05, 2025 06:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

