Dussehra 2019 Ravan Dahan Muhurat: जानिए रावण दहन का सही समय, विजयादशमी पूजा विधि और शुभ मुहूर्त समेत तमाम जानकारी
रावण दहन 2019 (Photo Credits: Wikimedia)

Dussehra 2019 Ravan Dahan Muhurat: विजयादशमी (Vijayadashami) यानी दशहरे (Dussehra) के दिन दशानन रावण के पुतले का दहन (Ravan Dahan) करके बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व मनाया जाता है. हर साल आश्विन महीने के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को विजयादशमी का त्योहार मनाया जाता है. मान्यता है कि इसी दिन भगवान राम (Lord Rama) ने रावण (Ravana) का वध करके उस पर विजय प्राप्त की थी, इसलिए इस पर्व को बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की जीत के रूप में मनाया जाता है. इस दिन दशहरा मेला का आयोजन किया जाता है और रावण, कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाता है. इस दिन शस्त्रों और पशुओं की पूजा की जाती है. सोने-चांदी की खरीदारी करना शुभ माना जाता है. विजया तिथि होने के कारण इस दिन किसी भी नए कार्य की शुरुआत को बेहद शुभ माना जाता है.

दशहरे के दिन कई जगहों पर रावण दहन कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. इस दिन रावण दहन के साथ ही लोग अपने अंदर की बुराइयों को भी खत्म करके अच्छाई के रास्ते पर चलने का संकल्प लेते हैं. चलिए जानते हैं रावण दहन का सही समय, विजयादशमी का शुभ मुहूर्त और पूजा की विधि. यह भी पढ़ें: Dussehra 2019: देश के इन शहरों में रावण दहन को माना जाता है पाप, विजयादशमी यहां होती है दशानन की पूजा, जानें इसकी वजह

विजयादशमी तिथि और शुभ मुहूर्त-

विजयादशमी (दशहरा)- मंगलवार, 8 अक्टूबर 2019

दशमी तिथि प्रारंभ- 7 अक्टूबर 2019 की दोपहर 12.38 बजे से,

दशमी तिथि समाप्त- 8 अक्टूबर 2019 की दोपहर 02.50 बजे तक.

विजय मुहूर्त- दोहपर 01.42 बजे से दोपहर 02.28 बजे तक.

अपराह्न पूजा मुहूर्त- दोपहर 12.55 बजे से दोपहर 03.15 बजे तक.

रावण दहन का शुभ मुहूर्त-

8 अक्टूबर 2019 को शाम 04.20 बजे से 07.20 बजे तक. यह भी पढ़ें: Dussehra 2019: बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व है दशहरा, दुर्भाग्य से बचना है तो इस दिन भूलकर भी न करें ये 5 काम

विजयादशमी पूजा विधि-

  • दशहरे के दिन सुबह जल्दी उठकर अपने सभी कार्यों से निवृत्त होकर स्नान करें.
  • गाय के गोबर से 4 गोल आकार के पिंड बनाएं, जो श्रीराम और उनके भाइयों के प्रतीक माने जाते हैं.
  • इसके बाद इन पर भीगे हुए धान और चांदी के सिक्के रखकर उन्हें साफ कपड़े से ढक दें.
  • अब गंध, पुष्प, फल, द्रव्य, धूप-दीप, चंदन और अक्षत से इनका विधिवत पूजन करें.
  • पूजन के बाद ब्राह्मणों को भोजन कराएं और स्वयं भी परिवार के साथ भोजन करें.
  • शाम के समय रावण दहन के बाद सोना पत्ती बांटकर घर के बड़ों का आशीर्वाद प्राप्त करें.
  • इस दिन अपराजिता देवी, शमी और शस्त्रों का विशेष पूजन किया जाता है.
  • पूजन के दौरान ॐ राम रामाय नम: और ॐ अपराजितायै नम: मंत्र का जप करें.

गौरतलब है कि विजयादशमी को साल के सबसे पवित्र और शुभ दिनों में से एक माना जाता है. नए काम के शुरुआत के लिए इस दिन को बहुत शुभ माना जाता है. इस दिन क्षत्रिय समाज के लोग अपने शस्त्रों की पूजा करते हैं, जिसे आयुध पूजा कहते हैं. ब्राह्मण समाज के लोग इस दिन देवी सरस्वती की पूजा करते हैं और जगह-जगह पर रावण दहन करके इस पर्व को धूमधाम से मनाया जाता है.