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Gulzar Birthday: गैराज से लेकर ऑस्कर तक का सफर नहीं था आसान, सम्पूर्ण सिंह कालरा कैसे बने बॉलीवुड के गुलजार, जाने दिलचस्प कहानी

पाकिस्तान के झेलम जिले के पंजाब में दीना गांव में 18 अगस्त साल 1934 को एक बच्चे का जन्म हुआ और यही बच्चा आगे चलकर हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का दिग्गज गुलजार कहलाया. आज गुलजार का जन्मदिन है.

Gulzar Birthday: गैराज से लेकर ऑस्कर तक का सफर नहीं था आसान, सम्पूर्ण सिंह कालरा कैसे बने बॉलीवुड के गुलजार, जाने दिलचस्प कहानी
Credit-(Wikimedia Commons)

Gulzar Birthday: पाकिस्तान के झेलम जिले के पंजाब में दीना गांव में 18 अगस्त साल 1934 को एक बच्चे का जन्म हुआ और यही बच्चा आगे चलकर हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का दिग्गज गुलजार कहलाया. आज गुलजार का जन्मदिन है. आज वे 91 साल के हो चुके है.उनका असली नाम सम्पूर्ण सिंह कालरा था. बंटवारे के बाद उनका परिवार अमृतसर में आकर बस गया, इसके बाद गुलजार मुंबई आ गए. इस दौरान उन्होंने एक गैराज में मैकेनिक काम करने लगे और खाली समय में किताबें पढने लगे और यही से उन्हें लिखने का आकर्षण भी हुआ. इसके बाद उन्होंने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज बिमल राय, हृषिकेश मुख़र्जी और हेमंत कुमार के सहायक के तौर पर काम शुरू किया और बिमल राय की फिल्म बंदिनी में उन्होंने अपना पहला गाना लिखा. इसके बाद उनका सफर कभी नहीं रुका और उन्होंने इसके बाद गीत लिखने के साथ साथ फ़िल्में भी बनाई. उनकी पहली फिल्म साल 1971 में आई 'मेरे अपने' थी. जिसमें विनोद खन्ना और शत्रुघ्न सिन्हा थे.

इसके बाद उन्होंने कोशिश बिलम बनाई. जिसमें संजीव कुमार और जया बच्चा थे. जिन्होंने गूंगे बहरे दंपत्ति का किरदार निभाया था. इसके लिए संजीव कुमार को बेस्ट एक्टर का राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला था. ये भी पढ़े:Sharat Saxena: आमिर खान की एक्टिंग पर भारी पड़ गया था ये विलेन, 74 साल की उम्र में भी है फीट, अब भी लगता है बॉडी बिल्डर, जाने कौन है ये एक्टर

फिल्मों और उनके गीतों ने लोगों के दिलों में बनाई खास जगह

इसके बाद गुलजार ने संजीव कुमार के साथ आंधी ,मौसम ,अंगूर ,और नमकीन (१९८२) जैसी फिल्मे बनाई. इसके साथ ही उन्होंने माचिस और हुतुतू जैसी फ़िल्में भी बनाई. उनके द्वारा लिखे हुए गीत आज भी लोगों के दिलों में राज कर रहे है. दिल ढूंढता है फिर वही, छड़ी से छड़ी, तुझसे नाराज नहीं जिंदगी, एक अकेला इस शहर में आज भी लोगों को याद है.

'जय हो ' के लिए मिला ऑस्कर

साल 2009 में डैनी बॉयल की फिल्म स्लमडॉग मिलियनेयर आई थी और उन्होंने जो गीत लिखा था ,'जय हो ' इसके लिए उन्होंने बेस्ट गीत का ऑस्कर भी मील चूका है. इसके साथी उन्हें इसके लिए ग्रैमी अवार्ड भी मील चूका है. उन्हें बेस्ट गीतकार के लिए 10 फिल्मफेयर अवार्ड भी मील चुके है. इसके साथ ही उन्हें पद्मभूषण और दादा साहेब फाल्के अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चूका है.

 

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 18, 2025 03:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).