Beed News: महाराष्ट्र के बीड में जेल अधीक्षक की निजी कार धोता दिखा कैदी, VIDEO वायरल होने पर उठे सवाल
जानकारी के अनुसार, वीडियो में दिख रहा कैदी गंभीर अपराध के लिए 10 साल की सजा काट रहा है. जब वह अधीक्षक की कार धो रहा था, उसी दौरान जेल के किसी स्टाफ ने उसका वीडियो बना लिया, जो अब इंटरनेट पर वायरल है. वीडियो में कैदी पाइप से पानी डालकर कार साफ करता दिख रहा है.
मुंबई: महाराष्ट्र (Maharashtra) के बीड ज़िला कारागृह (Beed District Jail) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक कैदी जेल अधीक्षक (Superintendent) की निजी कार (Private Car) धोता हुआ दिखाई दे रहा है. इस वीडियो के सामने आने के बाद जेल प्रशासन पर कई सवाल उठने लगे हैं. लोग पूछ रहे हैं कि क्या यह जेल नियमों का उल्लंघन नहीं है.
10 साल की सजा काट रहा है कैदी
जानकारी के अनुसार, वीडियो में दिख रहा कैदी गंभीर अपराध के लिए 10 साल की सजा काट रहा है. जब वह अधीक्षक की कार धो रहा था, उसी दौरान जेल के किसी स्टाफ ने उसका वीडियो बना लिया, जो अब इंटरनेट पर वायरल है. वीडियो में कैदी पाइप से पानी डालकर कार साफ करता दिख रहा है. यह भी पढ़े: बिहार की जेल में सजा मंडप, गूंजी शहनाई; देवर ने रचाई भाभी से शादी, कैदी बने बाराती
बीड में जिला जेल में जेल अधीक्षक की कार धोता दिखा कैदी
जेल अधीक्षक की कार धोता कैदी, वीडियो वायरल
महाराष्ट्र के बीड ज़िला जेल से हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है, जहाँ जेल अधीक्षक की निजी कार किसी कर्मचारी ने नहीं, बल्कि 10 साल की सज़ा काट रहा एक कैदी धोता दिखा. #Maharashtra | #Viralvideo pic.twitter.com/4UDsS3qcCL
— NDTV India (@ndtvindia) September 9, 2025
जेल प्रशासन की चुप्पी
अब तक जेल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. संबंधित कैदी की पहचान गोपनीय रखी गई है, लेकिन यह पुष्टि हुई है कि वह लंबे समय से जेल में बंद है.
वहीं, वीडियो की प्रामाणिकता और स्रोत की जांच की जा रही है.
जेल अधीक्षक के प्रति लोगों का फूटा गुस्सा
वीडियो को सोशल मीडिया पर हजारों व्यूज़ मिल चुके हैं.कई यूज़र्स ने इसे “जेल में भेदभाव” का मामला बताया है, जबकि कुछ ने जेल अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. एक पूर्व कैदी ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा:“जेल में कैदियों को सज़ा काटनी होती है, न कि अधिकारियों की निजी सेवा करनी.
क्या यह जेल नियमों का उल्लंघन है?
महाराष्ट्र जेल मैनुअल के अनुसार, कैदियों को केवल जेल से संबंधित कार्य जैसे, सफाई, किचन, गार्डन आदि में लगाने की अनुमति होती है. किसी अधिकारी की निजी संपत्ति पर काम करवाना नियमों का उल्लंघन है. यह घटना न सिर्फ जेल की निगरानी व्यवस्था, बल्कि कैदी सुधार प्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 09, 2025 02:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

