लखनऊ: कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज (Aniruddhacharya Maharaj) की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. उत्तर प्रदेश के मथुरा की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट ने उनके खिलाफ महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणियों के आरोप में दर्ज शिकायत को स्वीकार कर लिया है. यह शिकायत आगरा की अखिल भारत हिंदू महासभा की जिला अध्यक्ष मीरा राठौर ने कोर्ट में दायर की थी. कोर्ट ने बीएनएसएस (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) की धारा 173(4) के तहत परिवाद दर्ज करने का आदेश दिया है.
अनिरुद्धाचार्य ने क्या टिप्पणी की थी
मीरा राठौर के अनुसार, अनिरुद्धाचार्य ने सार्वजनिक मंच पर महिलाओं के चरित्र को लेकर अपमानजनक और निंदनीय बयान दिए, जो समाज में महिलाओं के प्रति नकारात्मक धारणा पैदा कर सकते हैं. कुछ महीनों पहले एक वायरल वीडियो में उन्होंने कहा था कि "25 साल की अविवाहित लड़कियों का चरित्र ठीक नहीं होता और 14 साल की उम्र में शादी कर देनी चाहिए. ऐसे बयान बाल विवाह को बढ़ावा देने और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले माने जा रहे हैं. यह भी पढ़े: VIDEO: कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के विवादित बयान को लेकर महिलाओं का फूटा गुस्सा, पुतले पर बरसाएं थप्पड़, वाराणसी में किया विरोध प्रदर्शन
अनिरुद्धाचार्य के खिलाफ कोर्ट में चलेगा मुकदमा
Mathura, Uttar Pradesh | A complaint filed under Section 173 (4) of the BNSS against Spiritual orator Aniruddhacharya for allegedly making indecent remarks about women has been accepted by the Mathura CJM Court.
Meera Rathore, the District President of the All India Hindu…
— ANI (@ANI) December 10, 2025
अगली सुनवाई इस डेट को होगी
इस मामले में कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 1 जनवरी 2026 निर्धारित की है.इस दिन याचिकाकर्ता मीरा राठौर का बयान दर्ज किया जाएगा और प्रतिवादी अनिरुद्धाचार्य के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू होगी. सीजेएम उत्सव राज गौरव की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया.
अनिरुद्धाचार्य कौन हैं?
अनिरुद्धाचार्य महाराज (पूर्ण नाम: स्वामी अनिरुद्धाचार्य) वृंदावन के गौरी गोपाल आश्रम के प्रमुख हैं. वे भागवत कथा, राम कथा और अन्य धार्मिक प्रवचनों के लिए प्रसिद्ध हैं. सोशल मीडिया पर उनके लाखों अनुयायी हैं, जहां वे भक्ति भजनों, हास्यपूर्ण कथाओं और आध्यात्मिक सलाह के वीडियो शेयर करते हैं. हालांकि, उनके कई विवादास्पद बयान पहले भी विवादों का कारण बने हैं.













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