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ब्रिटेन में लगेंगे इमोशंस का पता लगाने वाले कैमरे? सरकार बना रही ये प्लान

ब्रिटेन सरकार सार्वजनिक जगहों पर निगरानी को और सख्त करने की योजना बना रही है. इस योजना के तहत ऐसे कैमरे लगाए जा सकते हैं जो सिर्फ लोगों की गतिविधियों पर नजर ही नहीं रखेंगे, बल्कि उनकी हरकतों और भावनाओं का भी विश्लेषण कर सकेंगे.

ब्रिटेन में लगेंगे इमोशंस का पता लगाने वाले कैमरे? सरकार बना रही ये प्लान
Representational Image | Pixabay

ब्रिटेन सरकार सार्वजनिक जगहों पर निगरानी को और सख्त करने की योजना बना रही है. इस योजना के तहत ऐसे कैमरे लगाए जा सकते हैं जो सिर्फ लोगों की गतिविधियों पर नजर ही नहीं रखेंगे, बल्कि उनकी हरकतों और भावनाओं का भी विश्लेषण कर सकेंगे. सरकार का दावा है कि यह तकनीक अपराध रोकने और आत्महत्या जैसे गंभीर मामलों को समय रहते पहचानने में मददगार साबित हो सकती है.

प्रस्तावित सिस्टम में आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की मदद से लोगों की बॉडी लैंग्वेज, चाल-ढाल और चेहरे के भावों को समझने की कोशिश की जाएगी. माना जा रहा है कि अगर कोई व्यक्ति अत्यधिक तनाव, घबराहट या असामान्य व्यवहार दिखाता है तो सिस्टम अलर्ट जारी कर सकता है. सरकार का कहना है कि इससे पुलिस या अन्य एजेंसियां समय रहते हस्तक्षेप कर पाएंगी और बड़े हादसों को टाला जा सकेगा.

आम लोगों से मांगी गई राय

इस योजना को अंतिम रूप देने से पहले ब्रिटिश सरकार ने जनता की राय जानने का फैसला किया है. इसके लिए 12 फरवरी तक एक परामर्श प्रक्रिया रखी गई है, जिसमें लोग अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं. सरकार का कहना है कि इतनी संवेदनशील तकनीक लागू करने से पहले समाज के हर वर्ग की बात सुनना जरूरी है.

पहले से मौजूद हैं ऐसे सिस्टम

गौर करने वाली बात यह है कि ब्रिटेन में निगरानी की आधुनिक तकनीक पहले से इस्तेमाल में है. इंग्लैंड और वेल्स में पुलिस द्वारा लाइव फेशियल रिकग्निशन कैमरों का उपयोग किया जा रहा है. अब भावनाओं का विश्लेषण करने वाले कैमरों की योजना ने इस बहस को और तेज़ कर दिया है कि निगरानी की सीमा कहां तक होनी चाहिए.

निजता को लेकर गहराती चिंता

आलोचकों का कहना है कि इस तरह की तकनीक देश को धीरे-धीरे एक सर्विलांस स्टेट यानी अत्यधिक निगरानी वाले समाज की ओर ले जा सकती है. लोगों को डर है कि भावनाओं तक को ट्रैक करना निजी जीवन में गंभीर दखल हो सकता है और भविष्य में इसका दुरुपयोग भी संभव है.

सरकार का कहना क्या है

अपराध और पुलिसिंग मामलों की मंत्री सारा जोन्स ने इन चिंताओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार इस तकनीक के लिए एक स्पष्ट और मजबूत कानूनी ढांचा तैयार करना चाहती है. उनका कहना है कि जनता का भरोसा बनाए रखना सबसे जरूरी है और बिना नियमों के कोई भी नई निगरानी व्यवस्था लागू नहीं की जाएगी.

आने वाले हफ्तों में यह साफ हो जाएगा कि जनता इस कदम को सुरक्षा की दिशा में जरूरी मानती है या फिर इसे निजता पर खतरे के रूप में देखती है.

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 09, 2025 08:53 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).