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ऑस्ट्रेलिया में 10,000 जंगली ऊंटों की गोली मारकर की जाएगी हत्या, जानें वजह

गभग 10,000 ऊंटों को ऑस्ट्रेलिया के सूखाग्रस्त क्षेत्र में गोली मारकर हत्या करने का खतरा है, क्योंकि ऊंट बहुत ज्यादा पानी पीते हैं और जिसकी वजह से स्थानीय लोग खतरे में हैं. दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के सुदूर उत्तर-पश्चिम में आदिवासी अधिकारियों ने इस बात के लिए मंजूरी दे दी, जो बुधवार 8 जनवरी से शुरू होने वाला है और इसके पांच दिनों तक चलने की उम्मीद है.

ऑस्ट्रेलिया में 10,000 जंगली ऊंटों की गोली मारकर की जाएगी हत्या, जानें वजह
प्रतीकात्मक तस्वीर, (Photo Credits: Twitter)

लगभग 10,000 ऊंटों को ऑस्ट्रेलिया के सूखाग्रस्त क्षेत्र में गोली मारकर हत्या करने का खतरा है, क्योंकि ऊंट बहुत ज्यादा पानी पीते हैं और जिसकी वजह से स्थानीय लोग खतरे में हैं. दक्षिण ऑस्ट्रेलिया (South Australia) के सुदूर उत्तर-पश्चिम में आदिवासी अधिकारियों ने इस बात के लिए मंजूरी दे दी, जो बुधवार 8 जनवरी से शुरू होने वाला है और इसके पांच दिनों तक चलने की उम्मीद है. क्षेत्र की स्थानीय सरकार अनंगु पीत्जंतजतजारा यंकुनितजतजारा (Anangu Pitjantjatjara Yankunytjatjara) (एपीवाई) ने फेसबुक पर पोस्ट जारी कर कहा है कि "ऊंटों और अन्य जंगली जानवरों के बड़े समूह दूरदराज के आदिवासी समुदायों पर दबाव डाल रहे हैं क्योंकि वे पानी ज्यादा पीते हैं, जिसकी वजह से यहां के आदिवासियों को पानी की दिक्कत हो रही है. इसलिए सूखे से बचने के लिए उन्हें ऊंटों के नियंत्रण की आवश्यकता है.

देश के अधिकांश देशों की तरह, दक्षिण ऑस्ट्रेलिया हफ्तों से ज्यादा उच्च तापमान के से झुलस रहा है. हालांकि इसकी हालत न्यू साउथ वेल्स से बुरी नहीं है, न्यू साउथ वेल्स के जंगल में लगी भीषण आग के कारण पूरा शहर धुएं से भरा हुआ है, यहां के लोगों को बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. आग के कारण लाखों वन्यजीवों और जंगली जानवरों की मौत हो गई है.

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एपीवाई बोर्ड (APY Board Member) मारिता बेकर (Marita Baker) ने द ऑस्ट्रेलियन अखबार को बताया कि, "हम परेशानी महसूस कर रहे हैं, क्योंकि ऊंट घरों में आ रहे हैं और एयरकंडीशनरों के माध्यम से पानी पीने की कोशिश कर रहे हैं''. दावा है कि जंगली ऊंट की आबादी तेजी से दोगुनी हो जाती है. वहीं ऊंट अधिक पानी पीते हैं और इस वजह से इन जंगली ऊंटों को मारने का फैसला किया गया है. इसके साथ ही नेताओं को चिंता है कि ये जानवर ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ा रहे हैं क्योंकि वो एक साल में एक टन कार्बन डाइऑक्साइड के बराबर मीथेन का उत्सर्जन करते हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 08, 2020 02:45 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).