COVID-19: फिर से क्यों बढ़ रहा है कोरोना का खतरा? इन नए लक्षणों को न करें नजरअंदाज
2021–22 के दौरान जिन लोगों को वैक्सीन लगी थी, उनमें से कई ने अब तक बूस्टर डोज नहीं ली है. समय के साथ वैक्सीन या संक्रमण से बनी इम्युनिटी कम होती जाती है. यही वजह है कि अब कई लोग फिर से संक्रमण के प्रति संवेदनशील हो गए हैं.
COVID-19: पिछले कुछ हफ्तों में भारत सहित एशिया के कई हिस्सों में कोरोना वायरस के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है. हालांकि भारत में अभी कोई बड़ी लहर नहीं आई है, लेकिन कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. बस उसकी मौजूदगी अब पहले से कहीं ज्यादा सूक्ष्म हो गई है. स्वास्थ्य मंत्रालय के 10 जून को जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, भारत में 324 नए मामले मिलने के कारण एक्टिव मामलों की संख्या 6815 हो गई है. ओमिक्रॉन के सब-वेरिएंट JN.1 के अलावा भारत में और भी नए वैरिएंट मौजूद हैं जो कि संक्रमण में वृद्धि का कारण हैं. भारतीय SARS-CoV-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (INSACOG) के मुताबिक, भारत में अब तक नए उभरते XFG वैरिएंट के भी 163 मामले पाए गए हैं.
COVID-19: कोरोना फिर बढ़ा रहा टेंशन, जानें किन लोगों को है सबसे अधिक खतरा? ऐसे करें बचाव.
फिर क्यों फैल रहा है COVID-19?
1. घटती इम्युनिटी
2021–22 के दौरान जिन लोगों को वैक्सीन लगी थी, उनमें से कई ने अब तक बूस्टर डोज नहीं ली है. समय के साथ वैक्सीन या संक्रमण से बनी इम्युनिटी कम होती जाती है. यही वजह है कि अब कई लोग फिर से संक्रमण के प्रति संवेदनशील हो गए हैं.
2. नए वेरिएंट और मौसम की भूमिका
कोरोना वायरस लगातार म्यूटेट (बदलाव) करता रहता है. कुछ नए वेरिएंट ज्यादा तेजी से फैल सकते हैं या शरीर की इम्युनिटी को चकमा दे सकते हैं. हैरानी की बात यह है कि अब यह गर्मियों में भी फैल रहा है, जबकि पहले यह सर्दियों या बदलते मौसम में ज्यादा सक्रिय होता था.
कोविड-19 के बदले हुए लक्षण क्या हैं?
अब कोरोना के लक्षण पहले जैसे नहीं हैं. डॉ. प्रीति काबरा के अनुसार, ये लक्षण सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे हैं, लेकिन कुछ संकेत अलग और अहम हैं:
- हल्का बुखार या बिल्कुल बुखार न होना.
- सूखी या गीली खांसी जो बनी रहती है.
- अचानक थकावट या शरीर में दर्द.
- सिरदर्द या साइनस में दबाव.
- गले में खराश जो लंबे समय तक बनी रहे.
- नाक बंद होना या बहना (अब यह आम हो गया है)
- सांस फूलना.
- उल्टी, मिचली या दस्त जैसे पेट से जुड़ी समस्याएं.
- स्वाद या गंध में बदलाव. (अब कम आम है, लेकिन अभी भी देखा जा रहा है)
क्यों जरूरी है सतर्कता?
इन लक्षणों में से कई लक्षण डेंगू, फ्लू या एलर्जी जैसे अन्य रोगों से मिलते-जुलते हो सकते हैं. इसलिए भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है. खासकर बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं या पहले से बीमार लोगों के लिए टेस्ट कराना जरूरी है, ताकि समय पर इलाज शुरू किया जा सके.
कोविड-19 भले ही उतनी खतरनाक लहर की शक्ल में वापस न आया हो, लेकिन उसका फिर से फैलना यह बताता है कि हमें अब भी सावधान रहना होगा. मास्क पहनना, हाथ धोना, भीड़ से बचना ये सब अब भी उतने ही जरूरी हैं जितने महामारी के शुरुआती दौर में थे.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 10, 2025 04:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

