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रूसी भाषा में गीता और असम की चाय से लेकर कश्मीर का केसर, PM मोदी ने पुतिन को दिए ये खास तोहफे

पीएम मोदी द्वारा दिए गए ये उपहार सिर्फ वस्तुएं नहीं, बल्कि भारत की विविधता, कला, परंपरा और अध्यात्म की जीवंत झलक हैं.

रूसी भाषा में गीता और असम की चाय से लेकर कश्मीर का केसर, PM मोदी ने पुतिन को दिए ये खास तोहफे
PM Modi and Vladimir Putin | X

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) द्वारा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) को दिए गए उपहारों की सूची ने एक बार फिर दुनिया को भारत की अनोखी सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराया है. ये उपहार न केवल अलग-अलग क्षेत्रों की पहचान हैं, बल्कि भारत-रूस की दोस्ती और साझा मूल्यों का प्रतीक भी हैं. 4-5 दिसंबर की भारत यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने पुतिन को ऐसे खास तोहफे दिए, जो भारत की परंपरा, कला, स्वाद और अध्यात्म का सुंदर प्रतिनिधित्व करते हैं.

पीएम मोदी द्वारा दिए गए ये उपहार सिर्फ वस्तुएं नहीं, बल्कि भारत की विविधता, कला, परंपरा और अध्यात्म की जीवंत झलक हैं. कश्मीर के केसर से लेकर बंगाल की शिल्पकला और गीता की आध्यात्मिक रोशनी तक हर उपहार भारत–रूस संबंधों को मजबूत करने का एक सुंदर प्रतीक बन गया. आइये जानते हैं पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति को उपहार में क्या-क्या दिया.

रूसी भाषा में गीता

पीएम मोदी ने श्रीमद्भगवद्गीता की रूसी भाषा में अनूदित प्रति स्वयं पुतिन को भेंट की. गीता का यह संस्करण कर्तव्य, आत्मा की अमरता और आध्यात्मिक मुक्ति जैसे गहन सिद्धांतों को सरलता से समझाता है. यह उपहार भारत की आध्यात्मिक धरोहर और सार्वभौमिक ज्ञान को साझा करने का संदेश भी देता है.

असम की चाय

असम की प्रसिद्ध ब्लैक टी इस उपहार सूची की खास पहचान रही. ब्रह्मपुत्र के उपजाऊ मैदानों में उगाई जाने वाली यह चाय अपने गहरे स्वाद, सुगंध और उजले रंग के लिए मशहूर है. 2007 में GI टैग मिलने के बाद इसकी प्रतिष्ठा और बढ़ गई. स्वास्थ्य लाभ के लिए भी यह चाय दुनिया भर में पसंद की जाती है.

कश्मीर का केसर

कश्मीर का विश्व प्रसिद्ध केसर, पीएम मोदी के उपहारों में एक और अद्वितीय पहचान रहा. पहाड़ी इलाकों में उगने वाला यह केसर अपनी खुशबू, रंग और स्वाद के लिए दुनिया में अलग स्थान रखता है. GI टैग प्राप्त यह ‘रेड गोल्ड’ अपनी औषधीय गुणों के कारण भी बेहद मूल्यवान माना जाता है.

महाराष्ट्र की सुंदर कला

महाराष्ट्र से भेजा गया हस्तनिर्मित चांदी का घोड़ा, भारतीय और रूसी संस्कृतियों में वीरता और गरिमा का प्रतीक माना जाता है. आगे बढ़ते भाव में बना यह घोड़ा भारत- रूस संबंधों की निरंतर प्रगति का सुंदर रूपक भी है. यह उपहार दोनों देशों के बीच साझा सांस्कृतिक सम्मान का प्रतीक है.

बंगाल की शिल्पकला का शानदार सिल्वर टी सेट

रूस के राष्ट्रपति को सिर्फ चाय ही नहीं, बल्कि उसे पीने के लिए एक खूबसूरत मुर्शिदाबाद सिल्वर टी सेट भी भेंट किया गया. इस सेट पर बारीक नक्काशी बंगाल के कारीगरों की उच्च कला का शानदार उदाहरण है. यह भारत और रूस में चाय पीने की गहरी संस्कृति की याद भी दिलाता है. साथ ही यह प्रधानमंत्री मोदी की चाय बेचने वाले संघर्षभरे शुरुआती जीवन की प्रेरक कहानी की ओर भी संकेत करता है.

उत्तर प्रदेश की शिल्प विरासत: आगरा का संगमरमर चेस सेट

उपहार सूची में आगरा का सुंदर संगमरमर से बना शतरंज का सेट भी शामिल था. इसमें बारीक पत्थर की इनले कला, नक्काशी और अर्ध–कीमती पत्थरों का प्रयोग उत्तर भारत की अनोखी शिल्पकला का प्रतिनिधित्व करता है. यह सेट उपयोगिता और कला–सौंदर्य का शानदार मेल है, जो भारत की पारंपरिक कारीगरी की उत्कृष्टता को दर्शाता है.

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 05, 2025 09:47 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).