Aligarh School Bus Tragedy: अलीगढ़ में बड़ी लापरवाही, चलती स्कूल बस के टूटे फ्लोर से नीचे गिरी 7 साल की बच्ची, पहिये के नीचे आने से मौके पर ही मौत; देखें VIDEO
(Phot Credits@Mithileshdhar)

Aligarh School Bus Tragedy: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में शनिवार को एक रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा हुआ. स्कूल से घर लौट रही 7 साल की छात्रा अनन्या की अपनी ही स्कूल बस के नीचे कुचलने से मौत हो गई. यह हादसा तब हुआ जब चलती बस के अंदर का सड़ा हुआ लोहे का फर्श अचानक टूट गया और अनन्या सीधे सड़क पर जा गिरी. इससे पहले कि ड्राइवर बस रोकता, पिछले पहिये की चपेट में आने से मासूम ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. b

कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?

यह घटना 28 फरवरी 2026 की है. थाना दादों क्षेत्र स्थित एक निजी स्कूल की बस बच्चों को लेकर थाना गंगीरी की ओर जा रही थी. बस जब कासगंज के थाना ढोलना क्षेत्र से गुजर रही थी, तभी बस के अंदर का फर्श (Floor) अचानक धंस गया. 7 साल की अनन्या उसी छेद से नीचे गिर गई. बस की हालत इतनी जर्जर थी कि उसमें रोज करीब 40 बच्चे सफर करते थे, लेकिन प्रबंधन ने उसकी मरम्मत पर कोई ध्यान नहीं दिया था.  यह भी पढ़े:  Bengaluru School Bus Accident: बेंगलुरु के नेलमंगला में सड़क हादसा, स्कूल बस पलटने से 30 बच्चे घायल

अलीगढ़ में स्कूल बस की बड़ी लापरवाही

पुलिस की कार्रवाई

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची. पुलिस ने बस को अपने कब्जे में ले लिया है और छात्रा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. अलीगढ़ पुलिस के अनुसार, इस मामले में स्कूल प्रबंधन और बस मालिक के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही की जा रही है. जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या बस के पास वैध फिटनेस सर्टिफिकेट और परमिट था.

स्कूल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही

इस घटना ने स्कूली वाहनों की सुरक्षा और परिवहन विभाग की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों का आरोप है कि बस की हालत काफी समय से खराब थी. बस का फर्श जंग खाकर कमजोर हो चुका था, जिसके बावजूद उसमें क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाया जा रहा था. स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी रोष है.

अभिभावकों में डर का माहौल

इस दुखद समाचार के बाद अलीगढ़ के अन्य अभिभावकों में भी अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. परिवहन विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूलों को हर तीन महीने में बसों का 'सेफ्टी ऑडिट' कराना अनिवार्य होना चाहिए. प्रशासन ने अब जिले के अन्य स्कूलों को भी अपनी बसों की फिटनेस जांच कराने के कड़े निर्देश दिए हैं.