देश

Epidemic Diseases (Amendment) Bill 2020: राज्यसभा में महामारी रोग (संशोधन) विधेयक 2020 पारित, कोरोना वारियर्स को मिलेगा संरक्षण

देश में कोरोना वायरस के कहर के बीच राज्यसभा में शनिवार को महामारी (संशोधन) विधेयक 2020 पारित हो गया है. केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्द्धन ने इसे संसद में पेश किया. महामारी (संशोधन) विधेयक 2020 को ध्वनिमत से मंजूरी दी गयी. यह विधेयक संबंधित अध्यादेश के स्थान पर लाया गया.

Epidemic Diseases (Amendment) Bill 2020: राज्यसभा में महामारी रोग (संशोधन) विधेयक 2020 पारित, कोरोना वारियर्स को मिलेगा संरक्षण
संसद (Photo Credits: ANI)

नई दिल्ली: देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) के कहर के बीच राज्यसभा (Rajya Sabha) में शनिवार को महामारी (संशोधन) विधेयक 2020 (Epidemic Diseases (Amendment) Bill 2020) पारित हो गया है. केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्द्धन ने इसे संसद में पेश किया. महामारी (संशोधन) विधेयक 2020 को ध्वनिमत से मंजूरी दी गयी. यह विधेयक संबंधित अध्यादेश के स्थान पर लाया गया. इस संबंध में अध्यादेश अप्रैल में लागू किया गया था.

सदन ने भाकपा सदस्य विनय विश्वम द्वारा पेश उस संकल्प को खारिज कर दिया जिसमें महामारी (संशोधन) अध्यादेश 2020 को नामंजूर करने का प्रस्ताव किया गया था. इससे पहले, कांग्रेस के आनंद शर्मा ने कहा कि कोविड-19 महामारी ने जितना अधिक प्रभावित किया है, उतना किसी अन्य बीमारी ने नहीं किया है. उन्होंने कहा कि यह काफी छोटा संशोधन है. कोरोना संक्रमण काल में स्वास्थ्य कर्मियों ने जो कार्य किये हैं, वह सराहनीय हैं . लेकिन पुलिस कर्मी, रक्षा कर्मी एवं कुछ अन्य सेवाओं से जुड़े लोगों ने भी काफी अच्छा काम किया है और उन्हें भी समर्थन दिये जाने की जरूरत है. पंजाब से कांग्रेस सांसदों ने जलाईं कृषि विधेयक की प्रतियां, पार्टी ने किया संसद में विरोध

शर्मा ने कहा कि सरकार को महामारी से जुड़े विषय पर एक कार्य बल का गठन करना चाहिए जिसमें अन्य लोगों के अलावा स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ, वैज्ञानिक समुदाय से जुड़े लोगों को शामिल किया जाना चाहिए . इसमें राज्यों से भी सुझाव लिया जाए और भविष्य में महामारी को लेकर एक ठोस प्रबंधन का ढांचा तैयार किया जाए .

कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार को महामारी को लेकर एक स्पष्ट परिभाषित प्रोटोकॉल तैयार करना चाहिए और इसे राज्य, जिला और ब्लाक स्तर पर उपलब्ध कराना चाहिए .

वहीं, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्द्धन ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम चल रहा है. उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों के शुल्क को लेकर केंद्र सरकार ने राज्यों को दिशा निर्देश जारी किया था. निजी अस्पतालों के शुल्क व्यवहारिक हों, इस दिशा में पहल की गई .

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पीपीई किट एवं अन्य चीजों की कालाबाजारी के संबंध में ड्रग कंट्रोलर राज्यों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं . कंपनियों को वेबसाइट पर जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है. दवा निर्माता इकाइयों की ऑडिट भी की जा रही है . उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत राज्यों को पर्याप्त कोष दिया गया है और कई राज्यों ने अनुपालन रिपोर्ट भी दी है.

उल्लेखनीय है कि इस विधेयक के माध्यम से महामारी रोग अधिनियम 1897 में संशोधन किया गया है. इसमें महामारियों से जूझने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को संरक्षण प्रदान करने का प्रस्ताव किया गया है . साथ ही, विधेयक में बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए केंद्र सरकार की शक्तियों में विस्तार करने का भी प्रावधान है.

इसके तहत स्वास्थ्य कर्मियों के जीवन को नुकसान, चोट, क्षति या खतरा पहुंचाने कर्तव्यों का पालन करने में बाधा उत्पन्न करने और स्वास्थ्य सेवा कर्मी की संपत्ति या दस्तावेजों को नुकसान या क्षति पहुंचाने पर जुर्माने और दंड का प्रावधान किया गया है. इसके तहत अधिकतम पांच लाख रूपये तक जुर्माना और अधिकतम सात साल तक सजा का प्रावधान किया गया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 19, 2020 03:29 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).