Ganesh Chaturthi 2025: गिरगांव चौपाटी पर बप्पा के विसर्जन की तैयारियां जोरों पर, मुंबई के सबसे प्रसिद्ध 'लालबागचा राजा' का होता है इसी तट पर विसर्जन; VIDEO
Girgaon Chowpatty

Ganesh Chaturthi 2025: मुंबई सहित पूरे महाराष्ट्र में 27 अगस्त 2025 से गणपति बप्पा की धूम मचने वाली है. गणेश चतुर्थी को लेकर गिरगांव चौपाटी पर विसर्जन की तैयारियां ज़ोर-शोर से शुरू हो चुकी हैं. हर साल छोटी-बड़ी हजारों गणपति मूर्तियों का विसर्जन यहीं किया जाता है. इसी को ध्यान में रखते हुए त्योहार शुरू होने से पहले ही तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. इस दौरान समुद्र तट पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ को संभालने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए जाते हैं. तट पर मुंबई पुलिस, लाइफगार्ड, मेडिकल टीमें और बीएमसी के कर्मचारी तैनात रहते हैं.

इसी तट पर 'लालबागचा राजा' का होता है विसर्जन

मुंबई के सबसे प्रसिद्ध गणपति मंडलों में से एक 'लालबागचा राजा' की प्रतिमा का विसर्जन भी गिरगांव चौपाटी पर होता है. अनंत चतुर्दशी के दिन, 10 दिनों तक चलने वाले गणेशोत्सव का समापन लालबागचा राजा के भव्य विसर्जन जुलूस के साथ होता है, जिसमें हजारों लोग शामिल होते हैं. इस जुलूस में ढोल-ताशों की धुन, गुलाल की बौछार और भक्ति भरे भजनों का उत्साहपूर्ण माहौल होता है. यह भी पढ़े: Falgun Ganesh Sankashti Chaturthi 2025: कब है फाल्गुन संकष्टी चतुर्थी व्रत-पूजा? जानें इसका महात्म्य, पूजा-विधि, चंद्रोदय काल एवं व्रत कथा!

गिरगांव चौपाटी पर विसर्जन की तैयारियां जोरों पर

बीएमसी और पुलिस के साथ मिलकर करती है काम

विसर्जन के दौरान किसी भी तरह की चूक न हो, इसके लिए बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) और मुंबई पुलिस विशेष व्यवस्था करती है. समुद्र तट पर सुरक्षा बल, मेडिकल सुविधाएं और लाइफगार्ड्स की तैनाती की जाती है.

मुंबई में कृत्रिम तालाबों की व्यवस्था

हर साल की तरह इस साल भी पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए BMC ने शहरभर में कृत्रिम तालाबों की व्यवस्था भी की है, ताकि समुद्र में प्रदूषण कम हो और मूर्तियों का विसर्जन पर्यावरण के अनुकूल तरीके से हो.

इन तटों पर भी होता है विसर्जन

गिरगांव चौपाटी के अलावा, जुहू बीच, वर्सोवा बीच, शिवाजी पार्क चौपाटी और खार दांडा जैसे अन्य प्रमुख तटों पर भी गणपति विसर्जन किया जाता है. हालांकि गिरगांव चौपाटी का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व सबसे अधिक है, क्योंकि यहीं लालबागचा राजा, चिंचपोकलीचा चिंतामणि और गणेश गली जैसी प्रसिद्ध मंडलों की मूर्तियों का विसर्जन होता है.

27 अगस्त से शुरू हो रहा है गणपति त्योहार

इस वर्ष गणेश चतुर्थी 27 अगस्त 2025 को मनाई जाएगी और विसर्जन 6 सितंबर 2025 को होगा. बीएमसी और पर्यावरण प्रेमी संगठन इस बार मिट्टी की मूर्तियों और प्राकृतिक रंगों के उपयोग को प्रोत्साहित कर रहे हैं, ताकि समुद्री जीवन पर विपरीत प्रभाव न पड़े. हर साल की तरह इस साल भी श्रद्धालु 'गणपति बप्पा मोरया, पुढच्या वर्षी लवकर या' के जयघोष के साथ बप्पा को भावभीनी विदाई देंगे.