Anil Agarwal’s Net Worth: वेदांता रिसोर्सेज (Vedanta Resources) के संस्थापक और चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने अपने जीवन के सबसे कठिन समय में एक बड़ा मानवीय निर्णय लिया है. अपने 49 वर्षीय बेटे अग्निवेश अग्रवाल के आकस्मिक निधन के बाद, उन्होंने अपनी कुल संपत्ति का 75 प्रतिशत से अधिक हिस्सा समाज सेवा और परोपकारी कार्यों के लिए दान करने का संकल्प दोहराया है.
अनिल अग्रवाल का बड़ा फैसला
अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि उनके बेटे का सपना था कि देश में कोई बच्चा भूखा न सोए और हर युवा के पास काम हो. उन्होंने इस सपने को पूरा करने के लिए अपनी संपत्ति को वापस समाज को सौंपने का निर्णय लिया है. यह भी पढ़े: Tamil Nadu: करुणानिधि के बड़े बेटे एम.के. मुथु का निधन, सीएम स्टालिन हुए भावुक, बोले- मुझे माता-पिता सा दिया प्यार
अनिल अग्रवाल का भावुक पोस्ट
Today is the darkest day of my life.
My beloved son, Agnivesh, left us far too soon. He was just 49 years old, healthy, full of life, and dreams. Following a skiing accident in the US, he was recovering well in Mount Sinai Hospital, New York. We believed the worst was behind us.… pic.twitter.com/hDQEDNI262
— Anil Agarwal (@AnilAgarwal_Ved) January 7, 2026
न्यूयॉर्क के अस्पताल में हुआ अग्निवेश का निधन
अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल का निधन न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई अस्पताल में कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा) पड़ने से हुआ। वह अमेरिका में एक स्कीइंग दुर्घटना (Skiing Accident) के बाद रिकवरी कर रहे थे। अनिल अग्रवाल ने इस घटना को अपने जीवन का "सबसे काला दिन" बताया है। अग्निवेश ने अपने करियर में 'फुजैरा गोल्ड' की स्थापना की थी और वे हिंदुस्तान जिंक के चेयरमैन भी रह चुके थे।
अनिल अग्रवाल की नेटवर्थ और मुख्य संपत्तियां
फोर्ब्स (Forbes) की 2026 की शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, अनिल अग्रवाल की कुल संपत्ति लगभग 4.2 बिलियन डॉलर (करीब ₹35,000 करोड़) है। उनकी आय का मुख्य स्रोत वेदांता रिसोर्सेज है, जो जिंक, चांदी, एल्युमीनियम, तांबा, तेल और गैस जैसे क्षेत्रों में दुनिया की अग्रणी कंपनियों में से एक है.
उनकी प्रमुख हिस्सेदारियों में शामिल हैं:
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वेदांता लिमिटेड: भारत में लिस्टेड मुख्य कंपनी.
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हिंदुस्तान जिंक: दुनिया के शीर्ष पांच चांदी उत्पादकों में शामिल.
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नंद घर पहल: बाल कुपोषण को खत्म करने के लिए उनकी फाउंडेशन द्वारा चलाई जा रही प्रमुख योजना.
परोपकार का वादा
अनिल अग्रवाल ने पहले ही 'गिविंग प्लेज' (Giving Pledge) पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत वे अपनी जीवित अवस्था में ही अपनी अधिकांश संपत्ति दान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने कहा, "मैंने अग्नि (अग्निवेश) से वादा किया था कि हम जो कमाएंगे, उसका 75% से ज्यादा हिस्सा समाज को वापस देंगे। आज मैं उस वादे को फिर से दोहराता हूं.
वेदांता साम्राज्य का नेतृत्व
अग्निवेश के निधन के बाद वेदांता समूह के भविष्य और उत्तराधिकार को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं. वर्तमान में अनिल अग्रवाल की बेटी, प्रिया अग्रवाल हेब्बर, समूह में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं. वह हिंदुस्तान जिंक की चेयरमैन हैं और वेदांता लिमिटेड के बोर्ड में भी शामिल हैं। वे कंपनी के ईएसजी (ESG) और सामाजिक सुधारों के कार्यों का नेतृत्व कर रही हैं.












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