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Supabase: केंद्र सरकार ने डेवलपर्स के लोकप्रिय प्लेटफॉर्म 'सुपाबेस' पर लगाया प्रतिबंध; जानें क्या है पूरा मामला

केंद्र सरकार ने डेवलपर्स के बीच लोकप्रिय वेबसाइट 'सुपाबेस' (Supabase) को ब्लॉक कर दिया है. सरकार ने इसे आईटी एक्ट की धारा 69A के तहत प्रतिबंधित किया है, हालांकि अभी तक इसके सटीक कारणों का खुलासा नहीं किया गया है.

Supabase: केंद्र सरकार ने डेवलपर्स के लोकप्रिय प्लेटफॉर्म 'सुपाबेस' पर लगाया प्रतिबंध; जानें क्या है पूरा मामला
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: X)

नई दिल्ली: केंद्र सरकार (Union Government) ने इस सप्ताह की शुरुआत में डेवलपर्स के लिए लोकप्रिय कोडिंग और होस्टिंग प्लेटफॉर्म (Popular Coding and Hosting Platforms) 'सुपाबेस' (Supabase) तक पहुंच को ब्लॉक कर दिया .सुपाबेस हाल के महीनों में डेवलपर्स (Developers) के बीच अपनी कम लागत और लचीलेपन के कारण काफी लोकप्रिय हुआ था, जो उन्हें विभिन्न वेंडर चुनने की सुविधा देता है. यह भी पढ़ें: Block Layoffs: फिनटेक कंपनी 'ब्लॉक' ने 4,000 से अधिक कर्मचारियों को निकाला; CEO जैक डॉर्सी ने AI को बताया मुख्य कारण

सरकार ने क्या कहा?

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने वेबसाइट को ब्लॉक करने के पीछे के विशिष्ट कारणों का खुलासा करने से इनकार कर दिया, लेकिन यह जरूर कहा कि ‘ऐसी जानकारी साझा की जा रही थी जिसे साझा नहीं किया जाना चाहिए था.’ साथ ही यह भी कहा गया कि संबंधित पक्ष इस मुद्दे को "सुलझाने" के लिए काम कर रहे हैं. आधिकारिक तौर पर, इस साइट को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act), 2000 की धारा 69A के तहत ब्लॉक किया गया है.

सुपाबेस और डिजिटल अधिकारों की चिंता

प्रतिबंध के बाद, सुपाबेस ने शुक्रवार (27 फरवरी, 2026) को एक अपडेट में कहा कि वह इस समस्या को हल करने के लिए "सभी उपलब्ध चैनलों के माध्यम से" प्रयास कर रहा है. वर्तमान में, सुपाबेस ने भारतीय उपयोगकर्ताओं को इस प्रतिबंध को दरकिनार करने के लिए वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) का उपयोग करने या स्थानीय स्तर पर अपने डोमेन नेम सिस्टम (DNS) रिजॉल्वर को अपडेट करने की सलाह दी है.

इस मामले पर दिल्ली स्थित डिजिटल अधिकार वकालत समूह 'इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन' (Internet Freedom Foundation) ने प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी पर सवाल उठाए हैं.

प्रतिबंध की प्रक्रिया

वेबसाइट ब्लॉकिंग के आदेश आमतौर पर सार्वजनिक नहीं किए जाते हैं. इस मामले में भी सूचना के धीरे-धीरे फैलने के कारण शुरुआत में ऐसी अटकलें थीं कि कुछ इंटरनेट ऑपरेटरों ने सिस्टम को गलत तरीके से कॉन्फ़िगर किया है. फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि सुपाबेस ने सरकार के इस आदेश को लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से कोई औपचारिक संवाद किया है या नहीं.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 02, 2026 05:48 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).