SSLC and Higher Secondary Board Examinations Postponed: पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष का असर अब केरल के शिक्षा क्षेत्र पर भी पड़ा है. क्षेत्र में असुरक्षा और हवाई यातायात में बाधाओं को देखते हुए केरल सरकार ने खाड़ी देशों (Gulf Countries) में स्थित परीक्षा केंद्रों पर होने वाली एसएसएलसी और हायर सेकेंडरी (प्लस टू) परीक्षाओं को फिलहाल स्थगित कर दिया है. राज्य के शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने सोमवार को बताया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा और यात्रा संबंधी परेशानियों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है.
कौन सी परीक्षाएं हुईं प्रभावित?
शिक्षा मंत्री द्वारा जारी बयान के अनुसार, खाड़ी देशों के केंद्रों पर निम्नलिखित तारीखों की परीक्षाएं टाल दी गई हैं:
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एसएसएलसी (SSLC): 5 मार्च को होने वाली परीक्षा स्थगित की गई है.
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हायर सेकेंडरी (Plus Two): 5, 6 और 7 मार्च को होने वाली परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं.
केरल में होने वाली परीक्षाओं में कोई बदलाव नहीं
केरल में होने वाली परीक्षाओं के शेड्यूल में कोई बदलाव नहीं किया गया है, यह फैसला केवल खाड़ी देशों में स्थित केंद्रों के लिए लागू होगा. इन स्थगित परीक्षाओं की नई तारीखों की घोषणा स्थिति की समीक्षा के बाद बाद में की जाएगी.
छात्रों-अभिभावकों में चिंता का माहौल
खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासी समुदाय के हजारों छात्र हर साल केरल स्टेट बोर्ड की परीक्षाओं में बैठते हैं. वर्तमान में मध्य पूर्व में कक्षा 10 (SSLC) के 633 छात्रों के लिए सात परीक्षा केंद्र और कक्षा 12 के लिए कई केंद्र संचालित हैं. युद्ध जैसे हालातों और उड़ानों के रद्द होने के कारण कई छात्र परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में असमर्थ थे, जिससे उनमें और उनके परिजनों में भारी चिंता देखी जा रही थी.
शिक्षा विभाग का आश्वासन और विशेष प्रावधान
मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने स्पष्ट किया कि किसी भी छात्र का शैक्षणिक भविष्य खतरे में नहीं पड़ने दिया जाएगा. उन्होंने कहा: "हम समझते हैं कि छात्र उन परिस्थितियों के कारण चिंतित हैं जो उनके नियंत्रण से बाहर हैं. शिक्षा विभाग पूरी तरह से छात्रों के साथ खड़ा है."
जो छात्र इन असाधारण परिस्थितियों के कारण परीक्षा नहीं दे पा रहे हैं, उन्हें अपने स्कूल के प्रधानाध्यापक या प्रिंसिपल के माध्यम से सामान्य शिक्षा निदेशक (Director of General Education) को जल्द से जल्द आवेदन जमा करने की सलाह दी गई है. विभाग हर आवेदन की मेरिट के आधार पर जांच करेगा और छात्रों के हित में उचित निर्णय लेगा.
वर्तमान स्थिति
केरल के लाखों लोग खाड़ी देशों में कार्यरत हैं, इसलिए वहां की घटनाओं का सीधा असर केरल पर पड़ता है. मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण एयरस्पेस बंद होने और स्थानीय प्रतिबंधों ने जनजीवन को प्रभावित किया है. केरल सरकार लगातार कूटनीतिक चैनलों और वहां स्थित दूतावासों के संपर्क में है ताकि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.












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