BMC Election 2026: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की सत्ता तय करने वाला बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 15 जनवरी 2026 को होने जा रहा है. करीब चार साल की देरी के बाद हो रहे इस चुनाव को अब तक का सबसे अहम नगर निगम चुनाव माना जा रहा है. साल 2022 में पिछला कार्यकाल खत्म होने के बाद से बीएमसी का प्रशासन राज्य सरकार द्वारा नियुक्त आयुक्त के हाथों में था. वार्ड परिसीमन और ओबीसी आरक्षण से जुड़े कानूनी विवादों के चलते चुनाव टलते रहे. यह भी पढ़ें: Municipal Corporation Elections 2026: महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, मुंबई नगर निगम चुनाव के लिए 15 जनवरी को सार्वजनिक छुट्टी का ऐलान
BMC चुनाव 2026 का पूरा शेड्यूल
अधिसूचना जारी: 15 दिसंबर 2025
नामांकन: 23 से 30 दिसंबर 2025
नामांकन की जांच: 31 दिसंबर 2025
नाम वापसी की आखिरी तारीख: 2 जनवरी 2026
उम्मीदवारों की अंतिम सूची: 3 जनवरी 2026
मतदान: 15 जनवरी 2026
मतगणना व नतीजे: 16 जनवरी 2026
मुंबई के सभी 227 वार्डों में एक ही चरण में मतदान होगा.
सिंगल-मेंबर वार्ड सिस्टम बरकरार
बीएसमसी चुनाव में इस बार भी सिंगल-मेंबर वार्ड सिस्टम लागू रहेगा. मुंबई को 227 अलग-अलग चुनावी वार्डों में बांटा गया है. हर वार्ड से एक पार्षद चुना जाएगा. वोटर सिर्फ एक उम्मीदवार को वोट देगा. हर वार्ड की औसत आबादी करीब 54 हजार. कुल 227 सीटों में से 127 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, जिनमें SC/ST आरक्षण भी शामिल है. राज्य के कई अन्य शहरों में पैनल सिस्टम लागू है, लेकिन मुंबई में सीधे प्रतिनिधित्व को बनाए रखने के लिए यह व्यवस्था जारी रखी गई है.
BMC चुनाव 2026: राजनीतिक गठबंधन और मुकाबला
इस बार चुनाव में गठबंधन काफी दिलचस्प हैं.
सत्ताधारी महायुति में
भारतीय जनता पार्टी (BJP) 137 सीटों पर तो शिवसेना (शिंदे गुट) 90 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. वहीं उनकी सहयोगी एनसीपी (अजित पवार गुट) 94 वार्डों में अकेले मैदान में है, जिससे कई जगह फ्रेंडली फाइट देखने को मिल रही है.
विपक्षी खेमे में
शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) का गठबंधन सबसे ज्यादा चर्चा में है. उद्धव और राज ठाकरे की यह जोड़ी “मराठी अस्मिता” को बड़ा मुद्दा बना रही है. कांग्रेस ने वंचित बहुजन आघाड़ी के साथ गठबंधन किया है. एनसीपी (शरद पवार गुट) सिर्फ 11 वार्डों में उम्मीदवार उतार रही है.
उम्मीदवारों के लिए नए नियम
इस बार चुनाव में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए राज्य चुनाव आयोग ने नया नियम लागू किया. सभी 2,516 उम्मीदवारों को नामांकन के साथ 100 से 500 शब्दों का विज़न निबंध देना अनिवार्य किया गया, जिसमें उन्हें अपने वार्ड के विकास की योजना बतानी थी. नियम का पालन न करने पर कई नामांकन रद्द भी हुए.
पार्टियों के बड़े चुनावी वादे
महायुति (BJP–शिंदे शिवसेना)
बीएमसी में पारदर्शिता, मुंबई के लिए अलग उप-लोकायुक्त
5 साल में गड्ढामुक्त मुंबई, 100% कंक्रीट सड़कें
हर परिवार को 5 रुपए लाख का स्वास्थ्य बीमा
ठाकरे गठबंधन (UBT–MNS)
घरेलू कामगार महिलाओं को 1,500 रुपए मासिक सहायता
100 यूनिट मुफ्त बिजली, BEST बस का न्यूनतम किराया 5 रुपए
1 लाख सस्ते घर, 700 वर्गफुट तक के घरों पर टैक्स माफ
कांग्रेस गठबंधन
यूनिवर्सल हेल्थ कार्ड, मुफ्त दवाइयां
बीएमसी अस्पतालों के निजीकरण का विरोध
“ग्रीन मुंबई 2030” पर्यावरण योजना
NCP (अजित पवार)
AI आधारित स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम
जीरो वेस्ट मुंबई अभियान
दिव्यांगों के लिए मेट्रो किराया माफ
मतदान के दिन सार्वजनिक अवकाश
राज्य सरकार ने 15 जनवरी 2026 को मुंबई में सार्वजनिक छुट्टी घोषित की है ताकि अधिक से अधिक मतदाता वोट डाल सकें.
करीब 74,000 करोड़ रुपए से ज्यादा के सालाना बजट वाली बीएमसी पर नियंत्रण पाने के लिए यह मुकाबला बेहद अहम माना जा रहा है. साल 2017 के बाद हो रहे इस पहले आम नगर निगम चुनाव के नतीजे मुंबई की राजनीति की दिशा तय करेंगे.













QuickLY