Maharashtra Budget 2026-2027: महाराष्ट्र की महायुति सरकार (Maharashtra Government) के लिए आगामी 6 मार्च का दिन बेहद महत्वपूर्ण है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Chief Minister Devendra Fadnavis) राज्य का 2026-27 का बजट (Maharashtra Budget 2026-2027) पेश करेंगे. इस बजट में लोक कल्याणकारी योजनाओं को जारी रखने और राज्य के आर्थिक स्थायित्व को बनाए रखने के बीच संतुलन बनाने की चुनौती सरकार के सामने होगी. सूत्रों के अनुसार, इस बार सरकार नई बड़ी परियोजनाओं के बजाय चल रही प्रमुख योजनाओं को पूरा करने पर प्राथमिकता दे सकती है. यह भी पढ़ें: Ladki Bahin Yojana Update: महाराष्ट्र के बजट में लाड़की बहनों को मिल सकता है तोहफा, राशि ₹1,500 से ₹2,100 तक बढ़ाने की उम्मीद; रिपोर्ट
'लाड़की बहिन' योजना: क्या बढ़ेगी राशि?
प्रदेश की महिलाओं के बीच सबसे लोकप्रिय 'लाड़की बहिन' योजना को लेकर अटकलें तेज हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस योजना के तहत दी जाने वाली मासिक सहायता राशि को 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,100 रुपये किए जाने की घोषणा हो सकती है.
हालांकि, अभी तक सरकार की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. पिछले बजट में इस योजना के लिए 36,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम प्रावधान किया गया था. अब देखना यह है कि क्या वित्तीय बाधाओं के बावजूद सरकार इस बढ़ोत्तरी के वादे को पूरा कर पाती है या नहीं.
आर्थिक चुनौतियां और वित्तीय अनुशासन
महाराष्ट्र सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती राज्य का बढ़ता कर्ज है, जो वर्तमान में 9 लाख करोड़ रुपये के स्तर को पार कर गया है. राज्य की कमजोर आर्थिक स्थिति को देखते हुए, सरकार नए खर्चों को लेकर काफी सतर्क है.
जानकारों का कहना है कि सरकार के पास सीमित वित्तीय विकल्प हैं, इसलिए, बड़े पैमाने पर नई लोकलुभावन घोषणाओं की संभावना कम है. सरकार का मुख्य ध्यान केंद्रीय नियमों और आरबीआई के दिशानिर्देशों के दायरे में रहकर कर्ज प्रबंधन करने पर होगा, ताकि राज्य के आर्थिक स्थायित्व को सुरक्षित रखा जा सके. यह भी पढ़ें: Ladki Bahin Yojana January Instalment: महाराष्ट्र में लाड़की बहिन योजना की जनवरी किस्त का भुगतान शुरू, ऐसे चेक करें अपना स्टेटस
किसानों और महिला कल्याण पर रहेगा जोर
बजट में केवल महिलाओं ही नहीं, बल्कि किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण राहत की उम्मीद है. कृषि क्षेत्र को बळकटी देने के लिए सिंचाई परियोजनाओं के साथ-साथ फसल ऋण माफी या अन्य आर्थिक सहायता पर चर्चा होने की संभावना है.
सरकार का स्पष्ट संदेश यह है कि कृषि और महिला सशक्तिकरण राज्य के विकास के दो प्रमुख स्तंभ हैं. बजट में उन्हीं योजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी जो प्रत्यक्ष रूप से सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं. अब 6 मार्च को विधानसभा में पेश होने वाले दस्तावेजों से ही स्पष्ट होगा कि सरकार इन उम्मीदों को किस हद तक पूरा करती है.











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