Fadnavis on Raj Thackeray: मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2026 के लिए जारी आक्रामक चुनाव प्रचार के बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मनसे प्रमुख राज ठाकरे के साथ अपने रिश्तों को लेकर एक बड़ा बयान दिया है. एक क्षेत्रीय समाचार पत्र को दिए साक्षात्कार में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भले ही राज ठाकरे और उनके चचेरे भाई उद्धव ठाकरे लगभग दो दशक बाद एक साथ आए हैं, लेकिन इससे उनके व्यक्तिगत संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
दुश्मनी नहीं, केवल राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता
मुख्यमंत्री फडणवीस ने महाराष्ट्र की राजनीतिक संस्कृति पर जोर देते हुए कहा कि राजनीति में मतभेद का अर्थ व्यक्तिगत शत्रुता नहीं होता. उन्होंने कहा, राज ठाकरे और मैं बहुत अच्छे दोस्त हैं. अभी चुनाव प्रचार चल रहा है, इसलिए वह मेरे खिलाफ बोल रहे हैं और मैं उनके खिलाफ. लेकिन हम दुश्मन नहीं, केवल राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हैं. उन्होंने आगे कहा कि 16 जनवरी को चुनाव नतीजे घोषित होने के बाद वे फिर से साथ बैठकर चाय पिएंगे. यह भी पढ़े: Ambernath News: अंबरनाथ में कांग्रेस को बड़ा झटका, गठबंधन विवाद के बाद पार्टी से निकाले गए 12 नगरसेवक BJP में शामिल
उद्धव ठाकरे के साथ रिश्तों पर टिप्पणी
फडणवीस ने यह भी साझा किया कि उद्धव ठाकरे के साथ कड़वाहट भरे राजनीतिक अलगाव के बावजूद बुनियादी शिष्टाचार बना हुआ है. उन्होंने कहा, "इतने गंभीर मतभेदों के बाद भी, अगर हम आमने-सामने आते हैं, तो हम बात करते हैं और चाय पीते हैं. यही महाराष्ट्र की राजनीतिक संस्कृति है.
ठाकरे बंधुओं के गठबंधन पर कटाक्ष
साक्षात्कार के दौरान मुख्यमंत्री ने राज ठाकरे की मनसे और उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के बीच हुए गठबंधन को मनसे की "सबसे बड़ी गलती" करार दिया. उन्होंने भविष्यवाणी की कि इस गठबंधन में सबसे अधिक नुकसान मनसे को ही होगा. फडणवीस ने स्पष्ट किया कि भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना मजबूत सहयोगी हैं और उनकी इस चुनाव में मनसे की मदद करने की कोई मंशा नहीं है.
विकास के मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप
मुख्यमंत्री ने दोनों ठाकरे भाइयों की चुनाव प्रचार रणनीति की भी आलोचना की. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता जानबूझकर विकास के मुद्दों से ध्यान भटका रहे हैं. फडणवीस ने दावा किया, "वे हर सुबह एक नया विवाद खड़ा करते हैं ताकि पूरे दिन चर्चा उसी पर हो. वे जानते हैं कि अगर चुनाव विकास के मुद्दे पर लड़ा गया, तो उनके पास कोई जवाब नहीं होगा.
विपक्ष पर साधा निशाना
अंत में, मुख्यमंत्री ने विपक्षी नेतृत्व पर "संघर्ष की मानसिकता" न होने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता सड़कों पर उतरने के बजाय घरों से राजनीति करना पसंद कर रहे हैं, जिससे उनके कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है.
15 जनवरी को चुनाव
बता दें कि कि बीएमसी चुनाव के लिए सभी 227 वार्डों में 15 जनवरी को मतदान होगा और नतीजे 16 जनवरी को घोषित किए जाएंगे. जिसको लेकर चुनाव प्रचार अपने चरम पर हैं.













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