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Delhi Liquor Policy Case: शराब घोटाले मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपी बरी (Watch Video)

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बहुचर्चित आबकारी नीति (शराब घोटाला) मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि जांच एजेंसी के पास आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है.

Delhi Liquor Policy Case: शराब घोटाले मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपी बरी (Watch Video)
अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया को दिल्ली कोर्ट ने बरी कर दिया (Photo Credits: PTI)

Delhi Liquor Policy Case:  दिल्ली (Delhi) की राउज एवेन्यू कोर्ट (Rouse Avenue Court) ने शुक्रवार, 27 फरवरी 2026 को कथित आबकारी नीति घोटाले (Liquor Policy Case) से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह (Jitendra Singh) ने अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal), मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) और मामले के अन्य सभी 23 आरोपियों को सभी आरोपों से मुक्त (Discharge) कर दिया है. कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस मामले में किसी भी आरोपी के खिलाफ प्रथम दृष्टया कोई आपराधिक साजिश या भ्रष्टाचार का मामला साबित नहीं होता है. यह भी पढ़ें: दिल्ली में ‘आप’ को सबसे बड़ा झटका, अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया की हार

कोर्ट की बड़ी टिप्पणी: 'अटकलों पर आधारित थी CBI की कहानी'

फैसला सुनाते हुए अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए. विशेष जज जितेंद्र सिंह ने अपने आदेश में कहा कि अभियोजन पक्ष (CBI) की पूरी कहानी न्यायिक जांच की कसौटी पर खरी नहीं उतर सकी. कोर्ट ने टिप्पणी की कि जांच एजेंसी ने साजिश का जो ताना-बाना बुना, वह केवल अनुमानों और अटकलों पर आधारित था.

अदालत ने यह भी कहा कि आबकारी नीति के निर्माण और कार्यान्वयन में कोई व्यापक साजिश या आपराधिक इरादा नहीं पाया गया है. कोर्ट ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि कैसे सरकारी गवाहों (Approvers) के बयानों को आधार बनाकर जांच में कमियों को भरने की कोशिश की गई, जो संवैधानिक सिद्धांतों के विपरीत है.

एक्साइज पॉलिसी केस में दिल्ली कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को किया बरी

'सत्य की जीत हुई': अरविंद केजरीवाल का भावुक बयान

अदालत से बरी होने के बाद अरविंद केजरीवाल काफी भावुक नजर आए. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘मैंने अपनी जिंदगी में केवल ईमानदारी कमाई है. आज अदालत ने यह साबित कर दिया है कि अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी कट्टर ईमानदार हैं.’ उन्होंने इसे 'राजनीतिक साजिश' करार देते हुए कहा कि पार्टी के नेताओं को खत्म करने के लिए उन्हें जेल में डाला गया था, लेकिन अंत में सच्चाई की जीत हुई है. यह भी पढ़ें: अरविंद केजरीवाल का दावा, 'मनीष सिसोदिया के घर अगले कुछ दिनों में होगी CBI की रेड'

साल 2022 से चल रही थी कानूनी जंग

यह पूरा मामला 2021-22 की दिल्ली आबकारी नीति के निर्माण और कार्यान्वयन में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है. CBI ने इस मामले में 2022 में FIR दर्ज की थी, जिसके बाद AAP के शीर्ष नेताओं को लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ा.

  • अगस्त 2024: सुप्रीम कोर्ट ने करीब 17 महीने जेल में बिताने के बाद मनीष सिसोदिया को जमानत दी थी.
  • सितंबर 2024: सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को जमानत देते हुए इसे 'व्यक्तिगत स्वतंत्रता' का मामला बताया था.

आज के फैसले के साथ ही उस सीबीआई मामले का समापन हो गया है, जिसमें AAP के पांच बड़े नेताओं को जेल जाना पड़ा था। कोर्ट ने सीबीआई अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की सिफारिश भी की है, जिन्होंने लोक सेवकों को गलत तरीके से आरोपी बनाया था.

बरी किए गए प्रमुख आरोपी

कोर्ट ने कुल 23 लोगों को आरोपों से मुक्त किया है, जिनमें प्रमुख नाम हैं:

  • अरविंद केजरीवाल
  • मनीष सिसोदिया
  • के. कविता
  • विजय नायर
  • समीर महेंद्रू
  • अभिषेक बोइनपल्ली

यह फैसला आम आदमी पार्टी के लिए एक बड़ी राजनीतिक और कानूनी राहत के रूप में देखा जा रहा है.

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 27, 2026 12:53 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).