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Surya Grahan 2025 Time: कल लगेगा साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, क्या है टाइमिंग और जानें किन राशियों पर पड़ेगा प्रभाव?

सूर्य ग्रहण एक अद्भुत खगोलीय घटना है. सूर्य ग्रहण तब होता है, जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है और सूर्य का कुछ या पूरा हिस्सा ढक जाता है. वहीं धार्मिक दृष्टिकोण से सूर्य ग्रहण तब होता है, जब राहु और केतु सूर्य को अपना ग्रास बना लेते हैं, जिससे कुछ समय के लिए सूर्य का प्रकाश पृथ्वी तक नहीं पहुंच पाता.

Surya Grahan 2025 Time: कल लगेगा साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, क्या है टाइमिंग और जानें किन राशियों पर पड़ेगा प्रभाव?
सूर्य ग्रहण 2025 (Photo Credits: Pixabay)

नई दिल्ली, 20 सितंबर : सूर्य ग्रहण एक अद्भुत खगोलीय घटना है. सूर्य ग्रहण तब होता है, जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है और सूर्य का कुछ या पूरा हिस्सा ढक जाता है. वहीं धार्मिक दृष्टिकोण से सूर्य ग्रहण तब होता है, जब राहु और केतु सूर्य को अपना ग्रास बना लेते हैं, जिससे कुछ समय के लिए सूर्य का प्रकाश पृथ्वी तक नहीं पहुंच पाता. 21 सितंबर 2025 को साल का आखिरी सूर्य ग्रहण लगेगा. यह आंशिक सूर्य ग्रहण होगा. भारतीय समयानुसार यह ग्रहण रात 10 बजकर 59 मिनट पर शुरू होगा. मध्यकाल रात 1 बजकर 11 मिनट पर आएगा और समाप्ति सुबह 3 बजकर 23 मिनट पर होगी. हालांकि, यह खगोलीय घटना भारत में दिखाई नहीं देगी, क्योंकि उस समय भारत में रात होगी. यह ग्रहण मुख्य रूप से दक्षिणी गोलार्ध के क्षेत्रों जैसे ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, अंटार्कटिका और कुछ प्रशांत द्वीपों में दिखाई देगा.

चूंकि भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देगा, इसलिए सूतक नहीं लगेगा, जो आमतौर पर ग्रहण से 12 घंटे पहले लगता है. धार्मिक दृष्टि से सूर्य ग्रहण को अशुभ माना जाता है. इस समय भोजन नहीं करना, नए कार्य की शुरुआत न करना, पूजा और ध्यान करना शुभ माना जाता है. ग्रहण के दौरान तुलसी, जल, अक्षत और अन्य पवित्र वस्तुओं से तर्पण करना अत्यंत लाभकारी होता है. ज्योतिषीय दृष्टि से सूर्य ग्रहण का प्रभाव विभिन्न राशियों पर अलग-अलग पड़ता है. इस ग्रहण का प्रभाव विशेष रूप से सिंह, कन्या और मीन राशियों पर पड़ सकता है, जिनके लिए स्वास्थ्य और वित्तीय मामलों में सतर्क रहना आवश्यक है. अन्य राशियों के जातकों को भी ग्रहण के दौरान अनावश्यक कार्यों से बचना चाहिए. यह भी पढ़ें : Sharad Navratri & Kanya-Pujan 2025: नवरात्रि पर कन्या-पूजन का धार्मिक महत्व, परंपरा एवं रस्में! जानें कन्या-पूजन की आधुनिक प्रासंगिकता!

सूर्य ग्रहण के तीन प्रकार होते हैं. पहला है पूर्ण सूर्य ग्रहण, जिसमें चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक देता है और दिन के समय कुछ समय के लिए अंधेरा छा जाता है. दूसरा है आंशिक सूर्य ग्रहण, जिसमें चंद्रमा केवल सूर्य के कुछ हिस्से को ढकता है. तीसरा है वृत्ताकार सूर्य ग्रहण, जिसमें चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढकने में छोटा रह जाता है और सूर्य के किनारों पर चमक दिखाई देती है.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 20, 2025 04:37 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).