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Jawaharlal Nehru Jayanti 2025 Quotes: जवाहर लाल नेहरू जयंती पर दोस्तों-रिश्तेदारों संग शेयर करें उनके ये 10 प्रेरणादायी विचार

जब पंडित जवाहरलाल नेहरू भारत लौटे तब उन्होंने असहयोग आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन में हिस्सा लिया. इन आंदोलनों में शामिल होने के कारण उन्हें कई बार जेल भी जाना पड़ा. आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू जयंती के इस खास अवसर पर आप उनके इन 10 प्रेरणादायी विचारों को दोस्तों-रिश्तेदारों संग शेयर कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर सकते हैं.

Jawaharlal Nehru Jayanti 2025 Quotes: जवाहर लाल नेहरू जयंती पर दोस्तों-रिश्तेदारों संग शेयर करें उनके ये 10 प्रेरणादायी विचार
पंडित जवाहरलाल नेहरू जयंती 2025 (Photo Credits: File Image)

Jawaharlal Nehru Jayanti 2025 Quotes in Hindi: आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू (Pandit Jawaharlal Nehru) का जन्म 14 नवंबर 1889 को उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के इलाहाबाद (प्रयागराज) में एक कश्मीरी ब्राह्मण परिवार हुआ था, इसलिए हर साल 14 नवंबर को पंडित जवाहरलाल नेहरू जी की जयंती (Jawaharlal Nehru Jayanti) मनाई जाती है. उनके पिता मोतीताल नेहरू एक जाने-माने वकील थे और मां का नाम स्वरूपरानी था. चार भाई बहनों में जवाहरलाल नेहरू सबसे बड़े थे. करीब 14 साल की उम्र तक नेहरू जी ने अपनी शुरुआती पढ़ाई पूरी कर ली थी और 15 साल की उम्र में वो आगे की पढ़ाई के लिए इंग्लैंड के हैरो स्कूल पहुंच गए. इसके बाद उन्होंने कैंब्रिज के ट्रिनिटी कॉलेज से नैचुरल साइंस में ऑनर्स की डिग्री हासिल की, फिर लंदन के इनर टेंपल में उन्होंने बैरिस्टर की पढ़ाई पूरी की. बताया जाता है कि सात साल इंग्लैंड में बिताने के बाद सन 1916 में वो भारत लौट आए.

पढ़ाई पूरी करने के बाद जब पंडित जवाहरलाल नेहरू भारत लौटे तब उन्होंने असहयोग आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन में हिस्सा लिया. इन आंदोलनों में शामिल होने के कारण उन्हें कई बार जेल भी जाना पड़ा. आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू जयंती के इस खास अवसर पर आप उनके इन 10 प्रेरणादायी विचारों को दोस्तों-रिश्तेदारों संग शेयर कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर सकते हैं.

1- संस्कृति मन और आत्मा का विस्तार है.

पंडित जवाहरलाल नेहरू जयंती 2025 (Photo Credits: File Image)

2- संकट के समय हर छोटी चीज मायने रखती है.

पंडित जवाहरलाल नेहरू जयंती 2025 (Photo Credits: File Image)

3- चुनाव जनता को राजनीतिक शिक्षा देने का विश्वविद्यालय है.

पंडित जवाहरलाल नेहरू जयंती 2025 (Photo Credits: File Image)

4-सत्य हमेशा सत्य ही रहता है, चाहे आप पसंद करें या ना करें.

पंडित जवाहरलाल नेहरू जयंती 2025 (Photo Credits: File Image)

5- असफलता तभी आती है जब हम अपने आदर्श, उद्देश्य और सिद्धांत भूल जाते हैं.

पंडित जवाहरलाल नेहरू जयंती 2025 (Photo Credits: File Image)

6- शायद जीवन में डर से बुरा और खतरनाक कुछ भी नहीं है.

पंडित जवाहरलाल नेहरू जयंती 2025 (Photo Credits: File Image)

7- जो पुस्तकें हमें सोचने के लिए विवश करती हैं, वे हमारी सबसे अच्छी सहायक हैं.

पंडित जवाहरलाल नेहरू जयंती 2025 (Photo Credits: File Image)

8- संकट और गतिरोध जब होते हैं तो कम से कम इसका एक फायदा होता है कि वे हमें सोचने पर मजबूर करते हैं.

पंडित जवाहरलाल नेहरू जयंती 2025 (Photo Credits: File Image)

9- आपत्तियां हमें आत्म-ज्ञान कराती हैं, ये हमें दिखा देती हैं कि हम किस मिट्टी के बने हैं.

पंडित जवाहरलाल नेहरू जयंती 2025 (Photo Credits: File Image)

10- जो व्यक्ति भागता है, वह शांत बैठे व्यक्ति की तुलना में अधिक खतरे में पड़ जाता है.

पंडित जवाहरलाल नेहरू जयंती 2025 (Photo Credits: File Image)

गौरतलब है कि सन 1923 में पंडित जवाहरलाल नेहरू ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के जनरल सेक्रेटरी बने. इसके बाद सन 1926 में पंडित जवाहरलाल नेहरू ने इटली, स्विट्जरलैंड, इंग्लैंड, बेल्जियम, जर्मनी और रूस का दौरा किया. जुलाई 1946 में नेहरू को चौथी बार कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर चुना गया और आजादी के बाद वो स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री बने. पंडित जवाहरलाल नेहरू जयंती को देशभर में बाल दिवस यानी चिल्ड्रंस डे के तौर पर देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है. उन्हें बच्चों से बेहद प्यार था और बच्चे भी उन्हें प्यार से चाचा नेहरू कहकर बुलाते थे.

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 14, 2025 07:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).