पैरामिलिट्री फोर्स में ट्रांसजेंडर को भी मिलेगी जगह, MHA ने मांगी राय
देश की पैरामिलिट्री फोर्स में पुरुष और महिला के आलवा अब ट्रांसजेंडर को भी जगह मिलेगी. इस नियुक्ति के लिए गृह मंत्रालय ने असिस्टेंट कमांडेंट की परीक्षा में थर्ड जेंडर के रूप में ट्रांसजेंडर को शामिल करने के लिए सुरक्षा बलों से सुझाव मांगा है.
नई दिल्ली: देश की पैरामिलिट्री फोर्स (Paramilitary Forces) में पुरुष और महिला के आलवा अब ट्रांसजेंडर को भी जगह मिलेगी. इस नियुक्ति के लिए गृह मंत्रालय ने असिस्टेंट कमांडेंट की परीक्षा में थर्ड जेंडर के रूप में ट्रांसजेंडर को शामिल करने के लिए सुरक्षा बलों से सुझाव मांगा है. ऐसे में अगर सुरक्षा बलों द्वारा इस मामले में सकारात्मक प्रतिक्रिया आती है तो आने वाले दिनों में देश की सीमा पर ट्रांसजेंडर भी देश की सुरक्षा करते हुए नजर आ सकते हैं.
बता दें कि जन्म से शारीरिक तौर पर पूर्ण पुरुष या नारी न होने वाले शख्स को उभयलिंगी या ट्रांसजेंडर या फिर थर्डजेंडर कहा जाता है. सीआरपीएफ (CRPF), बीएसएफ (BSF), एसएसबी (SSB), आईटीबीपी (ITBP) गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले बल है. इन सेनाओं को देश के अहम हिस्सों में तैनात किया जाता है.
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देश में हर साल संघ लोक सेवा आयोग द्वारा सीएपीएफ असिस्टेंट कमांडेंट भर्ती एग्जाम आयोजित की जाती है. इस एग्जाम के जरिए सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ, एसएसबी में असिस्टेंट कमांडेंट पदों के लिए चयन किया जाता है.
गृह मंत्रालय के अनुसार मौजूदा समय में पैरामिट्री फोर्सेज में असिस्टेंट कमांडेंट की कुल संख्या 7 हजार 8 सौ 59 है. इसमें सीआरपीएफ में 3 हजार 54, बीएसएफ में 1 हजार 8 सौ 88 आईटीबीपी में 7 सौ 16, सीआईएसएफ में 7 सौ 25 और एसएसबी में 542 असिस्टेंट कमांडेंट हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 02, 2020 05:36 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

