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Volcanic Ash Cloud India: इथियोपिया ज्वालामुखी विस्फोट, भारत के आसमान से जल्द छंट जाएगी राख, जानें पूरी डिटेल

इथियोपिया के हायली गुब्बी ज्वालामुखी में 12,000 साल बाद विस्फोट हुआ है, जिससे उठी राख के बादल भारत के ऊपर से गुजरते हुए अब चीन की ओर बढ़ रहे हैं. मौसम विभाग ने साफ किया है कि अधिक ऊंचाई पर होने के कारण इस राख का दिल्ली की हवा पर कोई असर नहीं पड़ेगा. उम्मीद है कि भारतीय आसमान से ये बादल जल्द ही पूरी तरह साफ हो जाएंगे.

Volcanic Ash Cloud India: इथियोपिया ज्वालामुखी विस्फोट, भारत के आसमान से जल्द छंट जाएगी राख, जानें पूरी डिटेल
(Photo : X)

इथियोपिया का 'हायली गुब्बी' (Hayli Gubbi) ज्वालामुखी, जो पिछले करीब 12,000 सालों से शांत पड़ा था, रविवार को अचानक फट पड़ा. इस विस्फोट से राख का एक विशाल गुबार उठा, जो करीब 14 किलोमीटर (45,000 फीट) की ऊंचाई तक पहुंच गया. यह राख अब लाल सागर (Red Sea) को पार करते हुए पूर्व की ओर फैल रही है.

राख के इन बादलों ने पश्चिमी और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों, खासकर दिल्ली को अपनी चपेट में लिया. यह सब ऐसे समय में हुआ जब राजधानी दिल्ली पहले से ही 'बेहद खराब' और 'गंभीर' वायु प्रदूषण से जूझ रही है.

क्या दिल्ली की हवा और जहरीली होगी?

लोगों के मन में यह सवाल है कि क्या इस ज्वालामुखी की राख से दिल्ली का प्रदूषण और बढ़ गया है? इस पर भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने स्थिति साफ कर दी है.

  • IMD का बयान: आकाशवाणी न्यूज से बात करते हुए IMD के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि ज्वालामुखी की राख के बादल अब भारत से चीन की तरफ बढ़ रहे हैं और जल्द ही भारतीय आसमान साफ हो जाएगा.

  • हवा पर असर नहीं: उन्होंने स्पष्ट किया कि यह राख जमीन के मौसम या हवा की गुणवत्ता (Air Quality) पर कोई असर नहीं डाल रही है. सैटेलाइट डेटा भी यही बताता है कि राख के कण बहुत ऊंचाई (Upper Troposphere) पर हैं, जहां हम सांस नहीं लेते.

दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 350-360 के बीच बना हुआ है, जो ज्वालामुखी की राख आने से पहले भी वैसा ही था. इसलिए एक्सपर्ट्स का कहना है कि दिल्ली के प्रदूषण की असली वजह ज्वालामुखी नहीं, बल्कि गाड़ियां, फैक्ट्री, निर्माण कार्य और पराली जलना है.

Volcanic Ash Cloud India
(Photo : AI)

फ्लाइट्स पर पड़ा भारी असर

भले ही इस राख का असर जमीन पर न हो, लेकिन आसमान में उड़ने वाले विमानों के लिए यह खतरनाक है. ज्वालामुखी की राख के कण इतनी ऊंचाई पर होते हैं जहां जेट विमान उड़ते हैं. ये कण इंजन और सेंसर्स को खराब कर सकते हैं.

  • उड़ानें रद्द: सुरक्षा को देखते हुए कई एयरलाइंस ने प्रभावित रास्तों से गुजरने वाली अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं.

  • एयर इंडिया: डीजीसीए (DGCA) के निर्देश के बाद एयर इंडिया ने सोमवार और मंगलवार को 11 उड़ानें रद्द कीं, जिनमें से ज्यादातर इंटरनेशनल थीं.

  • अकासा एयर: अकासा एयर ने भी जेद्दा, कुवैत और अबू धाबी जैसे मिडिल ईस्ट देशों की उड़ानें कैंसिल कर दीं.

  • दिल्ली एयरपोर्ट: दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मंगलवार को कम से कम 7 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द हुईं और कई लेट हुईं.

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 26, 2025 10:55 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).