India Hockey History: प्राचीन सभ्यताओं की धरोहर से ओलंपिक स्वर्ण तक की अद्भुत यात्रा; हॉकी में भारत की अटूट विरासत और स्वर्णिम इतिहास
हॉकी के खेल में भारत का दबदबा रहा है, लेकिन इसी देश ने ओलंपिक पदक के लिए लंबा इंतजार भी देखा है. पिछले 2 ओलंपिक गेम्स में भारतीय टीम ने जिस तरह इस खेल में शानदार वापसी की है, उसे देखकर फैंस को यकीन है कि टीम इंडिया जल्द ही एक बार फिर ओलंपिक गोल्ड अपने नाम करेगी.
India Hockey History: हॉकी के खेल को प्राचीन सभ्यताओं से जोड़कर देखा जाता है, मिस्र में इसके प्रमाण करीब 4 हजार साल पहले के इतिहास में मिलते हैं। इथियोपिया और ईरान से भी इस खेल की जड़े जुड़ी हैं. रोम और यूनान में भी इससे मिलता-जुलता खेल लोकप्रिय रहा है. आधुनिक हॉकी की बात करें, तो 19वीं शताब्दी के मध्य में इंग्लैंड में इस खेल ने अपनी जड़ें फैला दी थीं. साल 1876 में पहले हॉकी संघ की स्थापना यूनाइटेड किंगडम में हुई. करीब 32 वर्ष बाद, साल 1908 में इस खेल को पहली बार आधुनिक ओलंपिक गेम्स में शामिल किया गया. उस दौरान इंग्लैंड के अलावा, जर्मनी, फ्रांस, आयरलैंड, स्कॉटलैंड और वेल्स ने इस इवेंट में हिस्सा लिया था, लेकिन 1912 ओलंपिक से इस खेल को हटा दिया गया. इसके बाद 1920 में एक बार फिर ओलंपिक में इस खेल की वापसी हुई, लेकिन अगले ओलंपिक से इसे हटा दिया गया. रांची में विराट कोहली ने 52वां वनडे शतक जड़कर तोड़ा विश्व रिकॉर्ड, बने एक फॉर्मेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज़
आखिरकार, चार साल बाद एफआईएच ने यह सुनिश्चित किया कि 1928 के बाद से हॉकी लगातार ओलंपिक खेलों का हिस्सा बना रहे. एम्सटर्डम में खेले गए 1928 ओलंपिक गेम्स में भारतीय हॉकी टीम ने पहली बार ओलंपिक गोल्ड हासिल किया. मेजर ध्यानचंद की हैट्रिक ने इस विश्व कप में सभी का ध्यान खींचा.
इसके बाद 1932 ओलंपिक गेम्स में भारत ने फाइनल में जापान को रौंदकर दूसरा गोल्ड हासिल किया. 1936 में भारत ने ओलंपिक में गोल्ड जीतने की हैट्रिक लगाई. यह मेजर ध्यानचंद को टीम इंडिया की ओर से एक शानदार तोहफा था.
विश्व युद्ध के चलते 1940 और 1944 में ओलंपिक गेम्स का आयोजन नहीं हुआ था. 12 साल के लंबे इंतजार के बाद भारत ने 1948 लंदन ओलंपिक में गोल्ड जीता. साल 1952 में पांचवीं बार भारतीय हॉकी टीम ने गोल्ड जीतकर दुनिया को चौंका दिया. साल 1956 में आजाद भारत ने पहली बार ओलंपिक में गोल्ड जीतने की हैट्रिक लगाई.
1960 में फाइनल गंवाने के बाद भारत ने साल 1964 में एक बार फिर गोल्ड मेडल अपने नाम किया.
इसके बाद भारत ने 1968 और 1972 में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए। 1980 मॉस्को ओलंपिक में फिर से ओलंपिक गोल्ड जीता. यहां से भारत को इस खेल में ओलंपिक पदक के लिए करीब 4 दशक तक इंतजार करना पड़ा. 2020 टोक्यो ओलंपिक में भारत ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इस सूखे का अंत किया. 2024 पेरिस ओलंपिक में एक बार फिर टीम इंडिया तीसरे पायदान पर रही.
साल 1980 में पहली बार ओलंपिक में महिला हॉकी को भी शामिल किया गया.
हॉकी के खेल में भारत का दबदबा रहा है, लेकिन इसी देश ने ओलंपिक पदक के लिए लंबा इंतजार भी देखा है. पिछले 2 ओलंपिक गेम्स में भारतीय टीम ने जिस तरह इस खेल में शानदार वापसी की है, उसे देखकर फैंस को यकीन है कि टीम इंडिया जल्द ही एक बार फिर ओलंपिक गोल्ड अपने नाम करेगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 30, 2025 07:51 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

