Fact Check: मंगलौर की अस्पताल दूसरे मरीजों में फैला रही COVID-19? जानें स्ट्रेचर पर लेटे शख्स के वायरल वीडियो की सच्चाई
सोशल मीडिया पर कोरोना वायरस को लेकर कई तरह की अफवाहें फैल रही हैं. कई फर्ज़ी तस्वीरें और वीडियो भी इंटरनेट पर वायरल हो रहे हैं. हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक स्ट्रेचर पर एक शख्स मास्क पहन कर लेटा हुआ है और उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही है. कहा जा रहा है कि यह वीडियो भारत का ही है.
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कोरोना वायरस (Coronavirus) से बचने के लिए लोग फिलहाल अपने-अपने घरों में हैं. विश्व भर में अभी तक कोरोना वायरस के 488,055 मामले हैं और इससे 22,049 लोगों की जान जा चुकी है. वहीं भारत में इससे 17 लोग मर चुके हैं और 649 लोग संक्रमित हैं. कई देश लॉकडाउन हो गए हैं और लोगों का बाहर निलकना बिल्कुल मना है. ऐसे में कोरोना वायरस को लेकर तरह-तरह की खबरें सामने आ रही हैं. सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई तरह की अफवाहें भी फैल रही हैं. कई फर्ज़ी तस्वीरें और वीडियो भी इंटरनेट पर वायरल हो रहे हैं. हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक स्ट्रेचर पर एक शख्स मास्क पहन कर लेटा हुआ है और उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही है. कहा जा रहा है कि यह वीडियो भारत का ही है. यह दावा किया गया है कि यह वीडियो कर्नाटक के मंगलौर का है.
व्हाट्सएप, ट्विटर पर वायरल हो रहे इस वीडियो पर कैप्शन है कि यह वेनलॉक हॉस्पिटल का आइसोलेशन वॉर्ड है. इसमें आरोप लगाया गया है कि अस्पताल जानबूझ कर दूसरे मरीजों में कोरोना वायरस फैला रहा है.
देखें वीडियो...
@BSYBJP Isolation ward of Wenlock hospital Mangalore,How criminal waste of tax payers money.?! Hw Hospital silently spreading COVID 19 to other Causalities patients..?! @narendramodi Pic of Isolation ward shown in Hosadiganta daily .but .COVID 19 Patient from Bhatkal. 1/2 https://t.co/pTOOqyaEIo pic.twitter.com/jjt7UQDWEm
— paanchajanya (@tatpurush11) March 24, 2020
हालांकि एक फेसबुक पोस्ट में इस वीडियो को उत्तर प्रदेश के बनारस का बताया जा रहा है. इस पोस्ट में लिखा है कि इस शख्स को कोरोना वायरस है और इसे बनारस के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. "बनारस में भर्ती कोरोना वायरस के मरीज का यह वीडियो देखकर आप लोग समझे की कितनी गंभीर स्थिति है सिर्फ बचाओ ही इसका उपाय है कहीं भी भीड़ ना मचाए 1 मीटर की दूरी अवश्य बनाए रहे घड़ी घंटा बजाने वालों से भी अनुरोध है कि जुलूस के रूप में ना निकले गंभीरता से लें".
देखें पोस्ट...

हालांकि एक ट्वीट में कहा गया है कि असल में यह वीडियो इक्वाडोर का है, जिसे सबसे पहली बार 18 मार्च को शेयर किया गया था. ट्विटर यूज़र ने अपने ट्वीट में लिखा था कि यह वीडियो इक्वाडोर के एक अस्पताल में बनाया गया था. यूज़र के मुताबिक, इस शख्स को रेस्पिरेट्री डिस्ट्रेस सिंड्रोम (Respiratory Distress Syndrome) था.
तो जैसा कि वायरल वीडियो में कहा जा रहा है कि यह वीडियो मंगलौर के वेनलॉक अस्पताल का है, ऐसा असल में है नहीं. Alt News के मुताबिक, वेनलॉक अस्पताल ने झूठी खबर फैलाने वालों के खिलाफ मंगलौर पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है.
Fact check
स्ट्रेचर पर लेटे एक शख्स का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे कोरोना वायरस का मरीज बताया जा रहा है. कहा जा रहा है कि यह वीडियो भारत का है.
यह वीडियो भारत का नहीं बल्कि इक्वाडोर का है.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 27, 2020 10:44 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

