चुनाव आयोग ने एसआईआर प्रक्रिया में जिम्मेदारी निभाने वाले बूथ लेवल अधिकारियों को सम्मानित किया
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने रविवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर प्रक्रिया) में जिम्मेदारी निभाने वाले बिहार के बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को सम्मानित किया. उन्होंने बीएलओ की प्रशंसा करते हुए कहा कि बिहार के बूथ स्तर कर्मियों के काम से पूरे देश में एसआईआर के दौरान अन्य कर्मचारियों को प्रेरणा मिलेगी.
पटना, 5 अक्टूबर : मुख्य चुनाव आयुक्त (Election Commission) ज्ञानेश कुमार ने रविवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर प्रक्रिया) में जिम्मेदारी निभाने वाले बिहार के बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को सम्मानित किया. उन्होंने बीएलओ की प्रशंसा करते हुए कहा कि बिहार के बूथ स्तर कर्मियों के काम से पूरे देश में एसआईआर के दौरान अन्य कर्मचारियों को प्रेरणा मिलेगी.
सीईसी ज्ञानेश कुमार ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले कुछ बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को बुलाया और तालियों के साथ उनका सम्मान किया गया. मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा, "बिहार में मतदाता सूची के सत्यापन और शुद्धिकरण का कार्य सफलतापूर्वक पूरा हुआ. यहां मौजूद बूथ लेवल अधिकारियों ने न सिर्फ अपने बूथों पर यह कार्य कुशलतापूर्वक किया, बल्कि बिहार के 90,217 बीएलओ ने ऐसा अनुकरणीय कार्य किया है, जो पूरे देश के लिए प्रेरणा बन सकता है." यह भी पढ़ें : भारत में लड़कों के खिलाफ यौन हिंसा पर क्यों नहीं होती खुलकर बात
उन्होंने भोजपुरी और मैथिली में अपनी बात शुरू करते हुए बिहार के मतदाताओं से अपील की कि वे लोकतंत्र के इस महापर्व में उत्साह के साथ भाग लें. ज्ञानेश कुमार ने कहा, "जिस तरह बिहारवासी छठ पूजा जैसे त्योहारों को श्रद्धा और उमंग के साथ मनाते हैं, उसी उत्साह के साथ मतदान करें और अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें." मुख्य चुनाव आयुक्त ने भारत निर्वाचन आयोग की ओर से सभी मतदाताओं का अभिवादन करते हुए कहा, "मैं बिहार के सभी मतदाताओं से आह्वान करता हूं कि वे लोकतंत्र के इस उत्सव में अपनी जिम्मेदारी निभाएं और मतदान अवश्य करें."
उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की सफलता के लिए सभी बीएलओ और संबंधित अधिकारियों के प्रति फिर से आभार भी व्यक्त किया. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि बिहार से शुरू हुई कुछ पहलों में सबसे पहले बूथ-स्तरीय एजेंटों का प्रशिक्षण शामिल है. पहली बार, चुनाव आयोग ने इस तरह का प्रशिक्षण आयोजित किया और बिहार के सभी बूथ-स्तरीय एजेंटों ने कुछ महीने पहले दिल्ली में अपना प्रारंभिक प्रशिक्षण पूरा कर लिया था.
सीईसी ज्ञानेश कुमार ने आगे कहा, "सबसे बड़ी पहल मतदाता सूची, विशेष रूप से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) रही, जो 24 जून को शुरू हुई थी. समय सीमा से पहले, सभी मतदाताओं के सहयोग से इसे समय पर पूरा कर लिया गया. बूथ-स्तरीय अधिकारियों, निर्वाचन और पंजीकरण अधिकारियों, जिन्होंने इतनी मेहनत की, उन्हें मानसिक रूप से प्रेरित करने के लिए बढ़ा हुआ पारिश्रमिक दिया गया, जो कई वर्षों में पहली बार हुआ."
मुख्य चुनाव आयुक्त ने आयोग की टीम के बिहार दौरे और विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि बिहार के मुख्य सचिव और डीजीपी के अलावा जिले के सीनियर अधिकारियों, बिहार के चुनाव अधिकारियों और नोडल अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की गई. उन्होंने यह भी बताया कि बिहार में 22 नवंबर से पहले चुनाव संपन्न कराए जाएंगे.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 05, 2025 04:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

