VIDEO: FIR दर्ज करवाने गए एलएलबी के छात्र के साथ टीआई ने की मारपीट, चप्पल से की पिटाई, शिवपुरी में पुलिस की दबंगई आई सामने
TI beat up LLB student (Credit-@nedricknews)

Shivpuri News: शिवपुरी जिले (Shivpuri district) के पिछोर थाने में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एफआईआर दर्ज कराने आए एलएलबी छात्र पर थाने के प्रभारी द्वारा कथित रूप से मारपीट की गई. छात्र का कहना है कि उसे रात भर बैरक में बंद रखा गया और किसी भी तरह की कानूनी मदद नहीं दी गई.पीड़ित क्षितिज पाठक का आरोप है कि थाने में मौके पर मौजूद थाना प्रभारी (TI) उमेश उपाध्याय ने उसे बिना वजह गालियां दीं और बाद में चप्पल से पीटा.

छात्र के मुताबिक उसे कई घंटे तक लॉकअप (Lockup) में रखा गया और शांतिभंग (Section 151) का मामला दर्ज कर दिया गया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया X पर @nedricknews नाम के हैंडल से शेयर किया गया है. ये भी पढ़े:Shivpuri: पैसों के लिए परिवार ने की पिता से मारपीट, एक बेटे ने रस्सी से बांधा और दूसरा सीने पर बैठा, शिवपुरी में रिटायर्ड DSP के साथ अमानवीय हरकत; VIDEO

टीआई ने छात्र को पीटा

टीआई ने बताया एआई वीडियो

इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है. लेकिन थाना प्रभारी उमेश उपाध्याय ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वीडियो एआई जनरेटेड (AI-Generated Video) है और वास्तविक नहीं है. वहीं छात्र का कहना है कि उससे वीडियो को फर्जी बताने के लिए दबाव बनाया जा रहा है.

विवाद की शुरुआत कैसे हुई

घटना उस समय हुई जब पिछोर कस्बे में फरहान नामक व्यक्ति का विवाद होने के बाद वह अपने दोस्त क्षितिज के साथ शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचा. जैसे ही दोनों कम्प्यूटर ऑपरेटर (Computer Operator) के पास खड़े थे, तभी टीआई (TI) वहां आए और सबको बाहर भेजने लगे. वजह पूछने पर क्षितिज को पीट दिया गया.क्षितिज का दावा है कि उसके साथ लगभग 15–20 थप्पड़ मारे गए और टायर पट्टा (Rubber Belt) तथा किक्स एंड पंचेस (Kicks and Punches) से हमला किया गया. उसकी हालत बिगड़ने पर परिवार वालों ने अगले दिन दोपहर में जमानत भरवाई, जिसके बाद उसे छोड़ा गया.

छात्र ने की सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग

क्षितिज ने एसपी (SP) को आवेदन देकर थाने में लगे सीसीटीवी कैमरे (CCTV Cameras) की जांच की मांग की है. उसका कहना है कि यदि वीडियो गलत बताया जा रहा है तो पुलिस को फुटेज जारी कर सच सामने लाना चाहिए.

प्रशासन की प्रतिक्रिया

एसडीओपी (SDOP) प्रशांत शर्मा ने कहा है कि वायरल वीडियो और आरोपों की जांच चल रही है. जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.