ये है दुनिया का इकलौता क्रिकेटर, जिसे दी गई थी फांसी, वजह जानकर चौंक जाएंगे आप
वर्तमान समय में क्रिकेट बहुत लोगों को पसंद है, यूं कहे तो पूरे विश्व में क्रिकेट सबसे पसंदीदा खेलों में से एक माना जाता है. आज विश्व में क्रिकेट को पसंद करने वालों की एक बड़ी संख्या है. जो क्रिकेट और उनसे जुड़े खिलाडियों के जीवन के बारे में जानने को उत्सुक रहते है.
वर्तमान समय में क्रिकेट बहुत लोगों को पसंद है, यूं कहे तो पूरे विश्व में क्रिकेट में सबसे पसंदीदा खेलों में से एक माना जाता है. आज विश्व में क्रिकेट को पसंद करने वालों की एक बड़ी संख्या है. जो क्रिकेट और उनसे जुड़े खिलाडियों के जीवन के बारे में जानने को उत्सुक रहते है. आज हम इसी कड़ी में एक ऐसे खिलाड़ी की बात करेंगे जिस पर ना तो मैच फीक्सिंग का आरोप था, ना ही मैदान पर गाली-गलौज, बदसलूकी या कोई और कंट्रोवर्सी का लेकिन फिर भी उसे फांसी के फंदे पर लटकना पडा. जी हां वेस्टइंडीज (West Indies) के फास्ट बॉलर लेस्ली हिल्टन (Leslie Hylton) इकलौते ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्हें क्रिकेट इतिहास में अपनी बीवी के मर्डर के आरोप में 17 मई 1955 को जमैका में फांसी दे दी गई थी.
लेस्ली हिल्टन का क्रिकेट में डेब्यू:
लेस्ली हिल्टन ने बारबडोस के केंसिंग्टन ओवल मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला मैच खेले थे. बारिस से प्रभावित इस मैच में वेस्टइंडीज के बालरों ने इंग्लैंड की पारी को तहत-नहस कर दिया था. जिसमें हिल्टन ने शुरुआत में ही इंग्लैंड के 3 बल्लेबाजों का विकेट लेकर उनकी हालत खस्ता कर दी थी. उसी मैच में जहां और बल्लेबाज गेंद के सामने जूझते नजर आए वहीं हिल्टन ने मैदान पर टिककर सबसे ज्यदा 19 रन बनाए. हिल्टन ने वेस्टइंडीज की तरफ से 6 टेस्ट मैच खेलकर 19 विकेट लिए थे. उनका ऐवरेज 26.12 का रहा था.
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इश्क, शक, शादी:
लेस्ली हिल्टन का जमैका के इंस्पेक्टर के बेटी लर्लिन रोज (Lerlin Rose) से अफेयर था. शुरुआत में दोनों के घर वाले शादी के लिए राजी नही थे. लेकिन आखिरकार इश्क जीता और दोनों ने 1942 में शादी कर ली. जिसके 5 साल बाद उन्हें 1 बेटा हुआ. 1954 में उनके रिश्तों में तब टकराहट आई जब हिल्टन को एक गुमनाम पत्र मिला, जिसमें लिखा था कि उनकी बीवी की ब्रूकलीन एवेन्यू में रहने वाले रॉय फ्रांसिस से नाजायज रिश्ते हैं.
मर्डर की रात:
कुछ दिनों बाद हिल्टन को कुछ और पत्र मिलें जो उनकी बीवी ने फ्रांसिस को भेजा था. जिसे देखकर हिल्टन बौखला गये. हिल्टन ने रात में ही अपनी बीवी को जगाया. दोनों में बहस होना शुरू हो गया, बाद में लर्लिन ने मान लिया कि उनका फ्रांसिस से अफेयर है. लर्लिन ने हिल्टन से यहां बोला कि तुम मेरे लेवल क्लास के व्यक्ति नही हो, तुमने मुझे कभी खुश नहीं रखा और तुम्हें देखकर ही मैं बीमार हो जाती हूं.
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हिल्टन यह बात सुनकर गुस्से में आगबबुला हो गये. उन्होंने खिड़की पर रखी बंदूक उठाई और लर्लिन के शरीर पूरी में 7 गोलियां दाग दी. हिल्टन ने कोर्ट में अपनी सफाई में कहा था, उन्होंने खुद को गोली मारने की कोशिश की थी, जो गलती से उनकी पत्नी को लग गई थी. लेकिन कोर्ट में हिल्टन के वकील विवियन ब्लेक और नोएल नेदरसोल जैसे नामी वकील भी उनकी फांसी की सजा को रोक नही पाए. कोर्ट ने 20 अक्टूबर 1954 को उन्हें लर्लिन हत्या केस में दोषी साबित कर दिया.
‘हैंग होल्ट, सेव हिल्टन’:
हिल्टन को 17 मई 1955 को फांसी दी गई. इसी दिन ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के बीच केंसिग्टन ओवल मैदान पर टेस्ट मैच खेला जा रहा था. वेस्टइंडीज के ओपनर जॉन होल्ट क्रीज पर जूझ रहे थे. बाद में उन्होंने स्लिप में दो आसान कैच भी छोड़ दिए. उसी दौरान दर्शक दीर्घा में एक बैनर दिखाई दिया, ‘हैंग होल्ट. सेव हिल्टन.’
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 15, 2018 12:18 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

