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जल्द देश की बेटियां संभालेंगी रण: सेना में जवानों के तौर पर होगी 20% महिलाएं, रक्षा मंत्री का ऐलान

जल्द ही देश की दुश्मनों से सुरक्षा करने में महिलाओं का योगदान बढ़ने वाला है. महिलाएं हर क्षेत्र में अपना नाम कर रही हैं. इसी कड़ी में रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने भी शुक्रवार को एक बड़ा फैसला लिया है.

जल्द देश की बेटियां संभालेंगी रण: सेना में जवानों के तौर पर होगी 20% महिलाएं, रक्षा मंत्री का ऐलान
आर्मी (Photo Credits: IANS)

नई दिल्ली: जल्द ही देश की दुश्मनों से सुरक्षा करने में महिलाओं का योगदान बढ़ने वाला है. महिलाएं हर क्षेत्र में अपना नाम कर रही हैं. इसी कड़ी में रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने भी शुक्रवार को एक बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने सेना में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए मिलिट्री पुलिस के कुल कोर में 20 फीसदी महिलाओं की भर्ती का ऐलान किया है.

भारत की पहली महिला रक्षामंत्री के रूप में निर्मला सीतारमण ने जिम्मेदारी संभालते ही सेना व पुलिस में महिलाओं की भर्ती पर भी जोर दिया था. इसके पहले आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने भी सेना में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की वकालत की थी. मौजूदा समय में सेना में महिलाएं तो है लेकिन उन्हें अधिकांश तौर पर चिकित्सा और प्रशासनिक विभागों तक ही सीमित रखा जाता है.

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो साल 2017 में भारतीय सेना के तीनों अंगों में तकरीबन तीन हजार से भी ज्यादा महिलाएं कार्यरत थी. इसमें सबसे ज्यादा वायुसेना में महिला अधिकारियों की संख्या 1350 थी. जबकि थलसेना में 1300 और नौसेना में तक़रीबन 450 महिला अधिकारी कार्यरत थी. हालांकि अब यह अकड़ा लगभग दोगुना होने की उम्मीद है.

उधर, रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने आज अरुणाचल प्रदेश की दिबांग घाटी में भारत-चीन सीमा से लगी अग्रिम चौकी का दौरा किया, जो 5,300 फुट की ऊंचाई पर स्थित हैं. रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल पी. खोंगसई ने कहा कि रक्षामंत्री वास्तविक नियंत्रण रेखा से लगी अग्रिम चौकी पर हवाई मार्ग से पहुंचीं और उन्होंने अनिनी में सैन्य चौकी का दौरा किया.

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, "उनके साथ पूर्वी सैन्य कमान अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल एम.एम. नरवाने, जीओसी-स्पीयर कॉर्प्स के लेफ्टिनेंट जनरल राजीव सिरोही, और अन्य सैन्य एवं असैन्य अधिकारी मौजूद थे. अग्रिम चौकी पर सीतारमण को दिबांग घाटी में सामरिक हालात व सशस्त्र बलों की रक्षा तैयारियों की जानकारी दी गई."

रक्षा प्रवक्ता ने बयान में कहा कि उन्होंने वहां सैनिकों से भी बातचीत की और इस तरह के दुर्गम इलाकों में भारतीय सीमाओं की रक्षा में उनके समर्पण व निस्वार्थ सेवा की सराहना की.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 18, 2019 10:41 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).