Fact Check: क्या देश छोड़कर भाग गए पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार, माल्टा में ली है शरण? जानें फर्जी दावे की असली सच्चाई
Photo- @RatnakarGedam & RajSingh_Jakhar/X

Rajiv Kumar Malta Fake News Fact Check: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक फर्जी पोस्ट खूब वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार देश छोड़कर माल्टा भाग गए हैं और वहीं शरण ले रहे हैं. ये दावे खासतौर पर तब सामने आए जब हाल ही में विपक्षी नेता राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव में 'वोट चोरी' का आरोप लगाया. इसके बाद कई पोस्ट्स में ये अफवाह फैलने लगी कि 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग की जिम्मेदारी संभाल चुके राजीव कुमार अब विदेश में हैं.

हालांकि, फैक्ट चेकिंग के बाद यह दावा पूरी तरह से भ्रामक और मनगढ़ंत निकला.

ये भी पढें: Fact Check: उत्तराखंड में नाबालिग से छेड़खानी, आरोपी की पहचान को लेकर फैली गलत अफवाह; जानें सच्चाई

राजीव कुमार के 'माल्टा भागने' की बात सिर्फ अफवाह

कैसे पता चली सच्चाई?

जांच के दौरान जब हमने गूगल पर कुछ खास कीवर्ड्स सर्च किया, तो हमें पीटीआई की एक रिपोर्ट मिली. इसमें राजीव कुमार के करीबी सूत्रों के हवाले से बताया गया कि वह देश में ही मौजूद हैं और माल्टा में बसने की खबर पूरी तरह गलत है.

आगे की जांच में दैनिक जागरण की एक खबर भी सामने आई. इस रिपोर्ट में साफ लिखा था कि राजीव कुमार दिल्ली स्थित अपने सरकारी आवास में हैं. जब उनसे इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने इन अफवाहों पर सीधे टिप्पणी करने से इनकार किया, लेकिन इतना जरूर कहा कि "कुछ लोग गंदगी फैला रहे हैं." उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस मामले में चुनाव आयोग को स्पष्टता देनी चाहिए.

विदेश भागने की खबर फर्जी

यानी साफ है कि पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त के विदेश भागने की खबर पूरी तरह से फर्जी है. यह सिर्फ सोशल मीडिया पर फैलाई गई एक अफवाह है जिसका कोई आधार नहीं है. मीडिया रिपोर्ट्स और उनके करीबी सूत्रों के मुताबिक, राजीव कुमार फिलहाल भारत में ही हैं और अपने आवास पर मौजूद हैं.

फेक न्यूज शेयर करने से बचें

ऐसे में जरूरी है कि किसी भी वायरल पोस्ट या दावे पर विश्वास करने से पहले हमेशा भरोसेमंद और आधिकारिक स्रोत से जांच करें. सोशल मीडिया पर आई हर खबर सही नहीं होती, कई बार अफवाहें सच जैसी दिखती हैं. आधिकारिक बयान, सरकारी वेबसाइट या प्रतिष्ठित न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट से ही जानकारी की पुष्टि करें. गलत जानकारी फैलाना भी फेक न्यूज के प्रसार में योगदान देता है, इसलिए शेयर करने से पहले सोचें.