Ranji Trophy Viral Video Fact Check: इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि धर्मशाला के एचपीसीए स्टेडियम (HPCA Stadium, Dharamshala) में रणजी ट्रॉफी मैच के दौरान एक तेंदुआ स्टेडियम में घुस आया. वीडियो में साफ तौर पर एक तेंदुआ स्टेडियम में तेजी से दौड़ता हुआ दिखाई दे रहा है, जिससे खिलाड़ी और दर्शक डर के मारे पीछे हट गए.
इंस्टाग्राम (Instagram Video) पर शेयर किए गए इस क्लिप को लाखों बार देखा जा चुका है, लेकिन जब सच्चाई सामने आई, तो मामला कुछ और ही निकला.
क्या वाकई धर्मशाला में तेंदुए ने रणजी ट्रॉफी मैच में बाधा डाली?
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AI जनरेटेड निकला वीडियो
दरअसल, यह वीडियो पूरी तरह से फर्जी है और इसे AI तकनीक का इस्तेमाल करके बनाया गया है. वायरल क्लिप इंस्टाग्राम अकाउंट ‘aikalaakari’ से पोस्ट की गई थी, जिसके बायो में ही लिखा है कि वह एक ‘AI Filmmaker’ है. इस अकाउंट पर AI द्वारा बनाए गए कई अन्य वीडियो भी हैं जो असली लगते हैं, लेकिन पूरी तरह से कंप्यूटर द्वारा बनाए गए हैं.
वीडियो को ध्यान से देखने पर कई विसंगतियां सामने आती हैं. कैप्शन में लिखा है कि मैच हिमाचल प्रदेश और कराची के बीच था, जबकि कराची एक पाकिस्तानी (Karachi, Pakistan) शहर है और कोई भी विदेशी टीम रणजी ट्रॉफी में हिस्सा नहीं लेती.
मजाकिया अंदाज में है कैप्शन
इसके अलावा, कैप्शन में मजाक में कहा गया है कि तेंदुए ने "बल्लेबाजी के बिना" कराची के शीर्ष क्रम के बल्लेबाज़ों को "पछाड़ दिया" और हिमाचल के कोच ने बीसीसीआई से उसे नया "फील्डिंग कोच" नियुक्त करने की मांग की. इससे साफ जाहिर होता है कि यह एक मनोरंजन-आधारित काल्पनिक वीडियो है.
इस सीजन कोई मैच नहीं खेला गया
फैक्ट-चेक से एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है कि 2025-26 के रणजी ट्रॉफी सीजन में धर्मशाला के एचपीसीए स्टेडियम में कोई भी मैच नहीं खेला गया है. हिमाचल प्रदेश की टीम इस सीजन में पुडुचेरी और दिल्ली में मैच खेल चुकी है और दोनों मैच ड्रॉ रहे हैं. अगर मैदान में तेंदुए के घुसने की घटना वाकई हुई होती, तो बड़े मीडिया संस्थानों और BCCI द्वारा इसकी पुष्टि की जाती, लेकिन ऐसी कोई खबर कहीं नहीं है.
वायरल दावे की पुष्टि करना जरूरी
आजकल, AI तकनीक से बनाए गए वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, और लोग उनकी कथित प्रामाणिकता से आसानी से गुमराह हो जाते हैं. इसलिए, सोशल मीडिया पर किसी भी सनसनीखेज दावे पर विश्वास करने से पहले उसकी पुष्टि करना बेहद जरूरी है.













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