FACT CHECK: लद्दाख में हमला, दो सैन्य अधिकारी शहीद? गलत दावे के साथ शेयर हो रही है खबर

Report of Army Officials Death in Ladakh Road Accident Fact Check: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट काफी तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया गया है कि भारतीय सेना के दो जवान- लेफ्टिनेंट कर्नल भानु प्रताप सिंह और लांस दफादार दलजीत सिंह लद्दाख में एक हमले में शहीद हो गए. यह दावा एक फेसबुक पेज ‘South Asian Files’ द्वारा 30 जुलाई को किया गया, जिसमें दोनों जवानों की तस्वीरें भी साझा की गईं. लेकिन इस पोस्ट की सच्चाई कुछ और ही है. जब इस वायरल दावे की गहराई से जांच की गई, तो पता चला कि यह पूरी तरह से गुमराह करने वाला है.

सच यह है कि दोनों वीर सैनिक लद्दाख में ड्यूटी के दौरान शहीद जरूर हुए, लेकिन उनकी शहादत का कारण कोई आतंकी हमला या घात नहीं, बल्कि एक सड़क हादसा था.

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South Asian Files’ ने फैलाई झूठी खबर

 

 भारतीय सेना ने बताई सच्चाई

मीडिया रिपोर्ट्स से हुआ खुलासा

गूगल पर किए गए कस्टम कीवर्ड सर्च से पता चला कि यह घटना 30 जुलाई 2025 को पूर्वी लद्दाख के दुर्बुक के पास चरबाग इलाके में घटी थी. इस दिन सेना का एक काफिला वहां से गुजर रहा था, तभी एक भारी-भरकम चट्टान ऊपर से गिरकर जवानों के वाहन पर आ गिरी.

हादसे में लेफ्टिनेंट कर्नल भानु प्रताप सिंह मानकोटिया और लांस दफादार दलजीत सिंह की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि तीन अन्य सैनिक घायल हो गए.

भारतीय सेना ने भी की पुष्टि

भारतीय सेना की 'Fire and Fury Corps' ने भी अपने आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर इस घटना की पुष्टि की है. पोस्ट में लिखा गया, ''30 जुलाई को ड्यूटी के दौरान शहीद हुए लेफ्टिनेंट कर्नल भानु प्रताप सिंह मानकोटिया और लांस दफादार दलजीत सिंह को GOC, फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स और सभी रैंक के सैनिक श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं और परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं.''

यानी यह स्पष्ट है कि सोशल मीडिया पर किया जा रहा हमले का दावा सरासर गलत है और वास्तविकता को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है.

वायरल पोस्ट का मकसद?

दोनों जवानों की शहादत बेहद दुखद है, लेकिन उन्हें लेकर फैलाया गया "हमले का दावा" गलत और भ्रामक है. वे दुर्गम इलाके में एक हादसे के शिकार हुए, न कि किसी आंतकी या दुश्मन हमले के.

ऐसे झूठे दावों का मकसद समाज में भ्रम फैलाना और संवेदनशील मुद्दों को उछालना हो सकता है. जरूरी है कि हम किसी भी खबर या फोटो को शेयर करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें.