Asia Cup 2025: एशिया कप 2025 को लेकर भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के मन में एक बड़ा सवाल उमड़ रहा है. क्या टीम इंडिया इस बार पूरे टूर्नामेंट में हिस्सा लेगी या पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबलों का बहिष्कार करने का फैसला ले सकती है? स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के बाद इस विषय पर बहस और तेज हो गई है. सोशल मीडिया पर क्रिकेट फैंस लगातार इस मुद्दे को लेकर चर्चा कर रहे हैं. कई प्रशंसकों का मानना है कि मौजूदा भू-राजनीतिक हालात और भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए, भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) को पाकिस्तान के खिलाफ खेलने को लेकर सख्त रुख अपनाना चाहिए. वहीं कुछ का कहना है कि खेल को राजनीति से अलग रखना चाहिए. क्या MS धोनी की वजह से वीरेन्द्र सहवाग ने लिया जल्दी रिटायरमेंट? कैसे सचिन तेंदुलकर की सलाह ने बदल दिया वनडे क्रिकेट संन्यास का फैसला
एशिया कप 2025 में भारत को ग्रुप ए में पाकिस्तान, ओमान और यूएई के साथ रखा गया है. टूर्नामेंट के अनुसार, भारत का पाकिस्तान के साथ 14 सितंबर को दुबई में कम से कम एक मुकाबला तय है. इसके अलावा सुपर 4 और फाइनल के चरण में भी दोनों टीमों की भिड़ंत हो सकती है. पिछले कुछ वर्षों में भारत-पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज का आयोजन लगभग बंद हो गया है. दोनों टीमें केवल ICC या ACC के बहुपक्षीय टूर्नामेंट में ही आमने-सामने आती हैं. 2023 में एशिया कप और ODI विश्व कप में दोनों टीमों के बीच मुकाबले हुए थे, लेकिन इस बार की परिस्थितियां कुछ अलग दिखाई दे रही हैं.
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से इनकार करता है, तो इसका प्रभाव न केवल टूर्नामेंट की संरचना पर पड़ेगा, बल्कि ब्रॉडकास्टिंग डील और प्रायोजकों पर भी असर होगा. भारत-पाकिस्तान मैच हमेशा से सबसे ज्यादा दर्शकों को आकर्षित करते रहे हैं. BCCI के सूत्रों के अनुसार, बोर्ड अभी भी इस मुद्दे पर विचार कर रहा है. सुरक्षा चिंताओं, राजनीतिक दबाव और क्रिकेट के हितों के बीच संतुलन बनाना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है. एशियन क्रिकेट काउंसिल भी दोनों बोर्डों के साथ लगातार संपर्क में है ताकि किसी भी प्रकार का विवाद न हो.
टीम इंडिया के कप्तान और खिलाड़ी अभी तक इस मुद्दे पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है. वे पूरी तरह से बोर्ड के फैसले का इंतजार कर रहे हैं. कोच और सहायक स्टाफ भी इस स्थिति को बारीकी से देख रहे हैं. अगर भारत एशिया कप में पूर्ण सहयोग करता है, तो प्रशंसकों को न केवल पाकिस्तान, बल्कि श्रीलंका, बांग्लादेश, अफगानिस्तान जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ भी रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे. भारत की युवा टीम का यह एक अच्छा मौका होगा कि वे एशियाई स्तर पर अपना दबदबा कायम करें.
वहीं अगर बहिष्कार का फैसला होता है, तो यह एशियाई क्रिकेट की राजनीति में एक नया अध्याय खोलेगा. इससे न केवल टूर्नामेंट की गुणवत्ता प्रभावित होगी, बल्कि भविष्य में होने वाले बहुपक्षीय टूर्नामेंटों की योजना भी बाधित हो सकती है. फिलहाल पूरा क्रिकेट जगत बीसीसीआई के आधिकारिक फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहा है. अगले कुछ दिनों में यह स्पष्ट हो जाएगा कि क्या टीम इंडिया एशिया कप 2025 में पूर्ण भागीदारी निभाएगी या इतिहास में एक नया अध्याय लिखेगी.












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