बजट 2024-25 आर्थिक सर्वेक्षण: GST कलेक्शन में 11% की उछाल, FY26 में GDP ग्रोथ 6.8% तक रहने का अनुमान, जानें किस सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा
कल यानी 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण केंद्र सरकार का अंतरिम बजट पेश करेंगी. इससे ठीक एक दिन पहले, बुधवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 पेश किया गया,
नई दिल्ली: कल यानी 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण केंद्र सरकार का अंतरिम बजट पेश करेंगी. इससे ठीक एक दिन पहले, बुधवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 पेश किया गया, जिसमें अगले वित्त वर्ष (FY26) के लिए भारत की GDP वृद्धि दर 6.3% से 6.8% के बीच रहने का अनुमान जताया गया है. सर्वे के मुताबिक, देश को 2047 तक "विकसित भारत" का लक्ष्य हासिल करने के लिए 8% की सतत ग्रोथ जरूरी है.
GST कलेक्शन में 11% की उछाल, 10.62 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान
सर्वे में GST राजस्व के 11% की वार्षिक वृद्धि का पूर्वानुमान लगाया गया है, जो 10.62 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है. यह अनुमान नए नीतिगत सुधारों और आर्थिक स्थिरता को लेकर सरकार के आशावादी रुख को दर्शाता है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, IMF ने भारत के लिए 6.5% और विश्व बैंक ने 6.7% की ग्रोथ दर का अनुमान लगाया है.
सेक्टरवार प्रदर्शन: सर्विस सेक्टर मजबूत, मैन्युफैक्चरिंग में चुनौतियां
सर्विस सेक्टर: दिसंबर 2024 तक PMI लगातार 14वें महीने विस्तार में रहा. वित्त वर्ष 2025 की पहली छमाही में 7.1% की बढ़ोतरी दर्ज की गई.
मैन्युफैक्चरिंग: हालांकि इस सेक्टर में PMI में गिरावट के संकेत मिले, लेकिन वित्त वर्ष 21 के बाद से यह महामारी-पूर्व स्तर से 15% ऊपर है.
GVA ग्रोथ: वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही में कुल GVA ने महामारी-पूर्व स्तर को पार कर लिया.
पूंजीगत व्यय और निजी खपत में तेजी
कैपिटल एक्सपेंडिचर: जुलाई-नवंबर 2024 में केंद्र सरकार का पूंजीगत खर्च 8.2% बढ़ा. रक्षा, रेलवे और सड़क परिवहन जैसे सेक्टर में 75% व्यय हुआ.
उपभोग व्यय: ग्रामीण मांग में तेजी के साथ, निजी अंतिम उपभोग (PFCE) में 7.3% की वृद्धि का अनुमान. PFCE का जीडीपी अनुपात 61.8% तक पहुंचने की उम्मीद.
बाहरी मोर्चे पर राहत, विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत
निर्यात-आयात: वित्त वर्ष 25 की पहली छमाही में वस्तु और सेवा निर्यात में 5.6% की बढ़ोतरी, जबकि आयात में 0.7% ही वृद्धि.
फॉरेक्स रिजर्व: सितंबर 2024 तक विदेशी मुद्रा भंडार 704.9 अरब डॉलर तक पहुंचा, जो 10 महीने के आयात को कवर करने के लिए पर्याप्त है.
महंगाई पर काबू, बैंकिंग सेक्टर स्वस्थ
मुद्रास्फीति: वित्त वर्ष 2024 में CPI महंगाई दर 5.4% से घटकर 4.9% रही. कोर इन्फ्लेशन में 0.9% अंक की गिरावट दर्ज.
बैंकिंग: दिसंबर 2024 तक बैंकों का सकल एनपीए घटकर 2.6% रहा, जो 12 साल का निचला स्तर है.
बजट 2024-25: किसान, युवा और महिलाओं को मिल सकते हैं बड़े ऐलान
आर्थिक सर्वेक्षण के आधार पर, बजट में किसानों के लिए नई योजनाएं, युवाओं को रोजगार से जोड़ने वाले प्रोत्साहन, और महिलाओं के लिए सशक्तिकरण कार्यक्रमों की उम्मीद है. साथ ही, टैक्सपेयर्स को राहत देने के संकेत भी मिल रहे हैं.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का यह अंतरिम बजट आम चुनावों से पहले आखिरी आर्थिक ब्लूप्रिंट होगा, जिसमें रोजगार सृजन, इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट और हरित ऊर्जा पर जोर दिए जाने की संभावना है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 31, 2025 02:53 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

