सभी प्रकार की खबरें लिखने का शौक रखती हूं. खबरों के अलावा कविता और कहानियां लिखने में भी रूचि रखती हूं.
इस दिन तुलसी और भगवान विष्णु के शालिग्राम स्वरुप का विवाह कराया जाता है. तुलसी विवाह के बाद से सभी शुभ कार्यों और विवाह ऋतू की शुरुआत हो जाती है. हिंदू पौराणिक कथाओं में तुलसी को देवी लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है. इसलिए तुलसी विवाह को बहुत ही धूम-धाम से मनाया जाता है...
गोपाष्टमी (Gopashtami) पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को आता है. यह सबसे पवित्र और श्रद्धेय पर्वों में से एक है. यह दिन भगवान श्रीकृष्ण और गौ माता के प्रति भक्ति, प्रेम और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है. गोपाष्टमी कृष्ण, गौवंश और प्रकृति के बीच उस दिव्य संबंध का प्रतीक है..
लाभ पंचमी (Labh Panchami) गुजरात में व्यापक रूप से मनाया जाने वाला एक शुभ त्योहार है. इस वर्ष यह बुधवार, 26 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा. सौभाग्य पंचमी (Saubhagya Panchami), ज्ञान पंचमी (Gyan Panchami) और लाभ पंचम (Labh Pancham) जैसे कई नामों से प्रसिद्ध इस दिन का समृद्धि, ज्ञान और सौभाग्य से गहरा संबंध है...
इस साल छठ पूजा (Chhath Puja) 25 अक्टूबर 2025 से 28 अक्टूबर तक मनाई जाएगी. यह पूजा सूर्य देव और देवी चैती को समर्पित है. यह हिन्दू त्यौहार हर साल झारखंड, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के कुछ हिस्सों में लोग बड़े उत्साह के साथ मनाते हैं. यह त्यौहार 4 दिनों तक मनाया जाता है. जो शुक्ल पक्ष चतुर्थी, नहाय खाय से शुरू होकर षष्ठी तिथि तक चलता है...
भाई दूज (Bhai Dooj), को भ्रातृ द्वितीया (Bhratri Dwitiya) या यम द्वितीया (Yama Dwitiya) के नाम से भी जाना जाता है. यह त्यौहार कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है. यह पर्व भाई-बहन के स्नेह और आपसी विश्वास का प्रतीक है. इस दिन बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाती हैं, आरती उतारती हैं और उनकी लंबी उम्र, सुख-समृद्धि की कामना करती हैं...
दिवाली के दो दिन बाद भाई दूज (Bhai Dooj) मनाया जाता है. महाराष्ट्र में इसे भाऊबीज (Bhau Beej) कहते हैं. भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारिवारिक मूल्यों का प्रतीक है. यह पर्व भाई-बहन के मधुर और अटूट रिश्ते के सम्मान में मनाया जाता है. देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग नामों से जाना जाने वाला यह त्योहार, प्रेम, सम्मान और पारस्परिक सुरक्षा जैसे भावों को उजागर करता है...
भाई दूज (Bhai Dooj), जिसे देश के विभिन्न हिस्सों में भ्रातृ द्वितीया (Bhratri Dwitiya), भाई फोंटा और भाऊबीज (Bhaubeej 2025) जैसे नामों से जाना जाता है, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है. भाई दूज पर्व की जड़ें प्राचीन पौराणिक कथाओं से जुड़ी हुई हैं. सबसे प्रसिद्ध कथा यमराज मृत्यु के देवता और उनकी बहन यमुना से जुड़ी है...
अमेरिका के टेक्सास के बेटाउन में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. जहां एक 11 वर्षीय ऑटिस्टिक लड़के को एक कारवां के अंदर मल से सना हुआ और बेहद कम वजन का पाया गया. बच्चे की मां ने बच्चे को कमरे में बंद रखा था. बच्चा बोल नहीं सकता था...
ऋषिकेश के गंगा घाट से एक विदेशी महिला का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक विदेशी महिला को बिकिनी पहनकर पवित्र गंगा नदी में डूबकी लगाते हुए देखा जा सकता है. वीडियो में महिला बिकिनी पहनकर गले में फूलों की माला पहने हुए देखा जा सकता है...
लखनऊ के काकोरी थाना क्षेत्र में एक दलित बुजुर्ग के साथ अपमानजनक घटना का वीडियो सामने आया है. कुछ लोगों ने मंदिर परिसर में पेशाब करने को लेकर पीटा और अपना पेशाब चाटने को भी मजबूर किया. पीड़ित बुजुर्ग की पहचान रामपाल के नाम से हुई है, जो हाता हज़रत साहिब के रहनेवाले हैं...
बलि प्रतिपदा (Bali Pratipada), जिसे बलि पूजा (Bali Puja) भी कहा जाता है, दिवाली के अगले दिन मनाई जाती है, यानी कार्तिक मास की प्रतिपदा तिथि को. इस दिन असुर राजा बलि की पूजा की जाती है, जो एक अत्यंत शक्तिशाली और दानी राजा माने जाते हैं. इसी दिन उत्तर भारत में गोवर्धन पूजा भी मनाई जाती है...
दिवाली पड़वा (Diwali Padwa), बलि पूजा (Bali Puja) गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja) के साथ ही मनाई जाती है. इस साल दिवाली पड़वा 22 अक्टूबर को मनाया जाएगा. महाराष्ट्र में दिवाली पड़वा धूमधाम से सेलिब्रेट किया जाता है. इस दिन लोग सोना खरीदते हैं, सुहागन महिलाएं अपने पति की आरती उतारती हैं और रात के समय आतिशबाजी की जाती है...
भाई दूज (Bhai Dooj) या भैया दूज (Bhaiya Dooj), यम द्वितीया (Yama Dwitiya), भ्रातृ द्वितीया (Bhratri Dwitiya) भाऊबीज, भाई टीका और भाई फोंटा के नाम से जाना जाता है. यह दीपावली के दो दिन बाद, शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है. यह भाई-बहन के प्रेम और सुरक्षा के व्रत का पर्व है...
दिवाली (Diwali) का त्योहार 20 अक्टूबर को धूम धाम से मनाया गया, कुछ लोग आज 21 अक्टूबर को दिवाली मनाएंगे. ऐसे में लक्ष्मी पूजा (Laxmi Puja) का शुभ मुहूर्त तो 20 अक्टूबर को ही था. जो लोग 20 अक्टूबर को शुभ मुहूर्त में लक्ष्मी पूजा नहीं कर पाए वे 21 अक्टूबर को महानिशीथ काल में माता लक्ष्मी की पूजा कर सकते हैं...
मध्य प्रदेश के ग्वालियर से दहेज़ उत्पीड़न की एक घटना सामने आई है, जहां एक नवविवाहित युवती ने देहज उत्पीड़न से परेशान होकर एसिड पीकर आत्महत्या कर ली है. नवविवाहिता विमलेश बघेल के ससुराल वाले उससे मुर्रा भैंस की मांग कर रहे थे. मुर्रा भैंस बहुत महंगी होती है और उसकी कीमत करीब 2 लाख रुपये या उससे ज्यादा भी होती है..
दिवाली (Diwali) का त्यौहार भारत में बहुत ही धूम धाम से मनाया जाता है. इसे दीपावली (Deepawali) इसके अलावा दुनिया भर में जहां- जहां भारतीय जाकर बसे हैं वहां भी दिवाली बहुत ही धूम धाम से मनाया जाता है. भारत में दिवाली का जश्न बहुत ही खास होता है, बच्चों को स्कूल की छुटियां मिलती हैं. ऑफिसों से भी 3 ती की छुट्टी मिलती हैं...
लक्ष्मी पूजा (Lakshmi Puja) दिवाली के दिन घर में बड़ी श्रद्धा के साथ मनाया जाने वाला त्योहार है. देवी लक्ष्मी को धन, समृद्धि और सुख की देवी माना जाता है. इस दिन, लोग अपने घरों को सजाते हैं, लक्ष्मी पूजा के लिए रंगोली बनाते हैं और देवी लक्ष्मी का आशीर्वाद पाने के लिए माता लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करते हैं.
दिवाली (Diwali) का पर्व वह सुनहरा अवसर है जब घर दीपों की रोशनी से जगमगा उठते हैं, दिलों में खुशियां रहती हैं, और परिवार एक साथ आकर दीपावली का त्योहार मनाता है. हर वर्ष लोग पूजा, खरीदारी और उपहारों की तैयारी के लिए दिवाली 2025 की सही तिथि और शुभ मुहूर्त का इंतज़ार करते हैं. भारत से आगे बढ़कर अब दिवाली की जगमगाहट पूरी दुनिया में फैल रही है...
दिवाली (Diwali), रोशनी का त्योहार है, इस दिन लोग अपने घर में हर जगह दिए जलाते हैं और घर के आंगन में रंगोली बनाते हैं. दिवाली अमावस्या की रात मनाई जाती है, जो कि सबसे ज्यादा अंधेरी रात मानी जाती है. इसलिए दिए जलाकर हर जगह रोशनी की जाती है. दीपावली के दिन लक्ष्मी पूजा की जाती है..
दिवाली से एक दिन पहले छोटी (Choti Diwali) दिवाली होती है, जिसे नरक चतुर्दशी (Naraka Chaturdashi) रूप चतुर्दशी (Roop Chaturdashi), काली चौदस (Kali Chaudas) भी कहते हैं. नरक चतुर्दशी पर भगवान कृष्ण ने नरकासुर असुर की हत्या की थी, इसलिए इसे नरक चतुर्दशी कहा जाता है...